दिल्ली सरकार की नई राह-वीर योजना, सड़क हादसे में मदद पर मिलेगा 25,000 इनाम
दिल्ली सरकार ने सड़क हादसों में घायल लोगों को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाने वालों के लिए 25,000 इनाम वाली राह-वीर योजना शुरू की है. आइए जानें नियम, फायदे और कौन लोग इस इनाम के पात्र हो सकते हैं.

दिल्ली सरकार ने सड़क हादसों में घायल लोगों की समय पर मदद सुनिश्चित करने के लिए राह-वीर योजना लागू करने की घोषणा की है. इस योजना के तहत जो भी व्यक्ति किसी सड़क दुर्घटना में घायल को पहले एक घंटे यानी गोल्डन आवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने या इलाज में मदद करेगा, उसे 25,000 रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा. दरअसल, गोल्डन आवर वह समय होता है जब दुर्घटना के बाद तुरंत इलाज मिलने से जान बचने की संभावना सबसे ज्यादा होती है. सरकार का मानना है कि कई बार लोग कानूनी झंझट या खर्च के डर से मदद करने से पीछे हट जाते हैं. इस योजना का मकसद इसी डर को खत्म करना है, ताकि लोग बिना झिझक आगे आएं और घायल की जान बचाने में मदद करें.
कौन ले सकता है 25,000 का इनाम?
राह-वीर योजना को इस तरह बनाया गया है कि कोई भी व्यक्ति इसमें हिस्सा ले सकता है. अगर कोई राहगीर, कार चालक, बाइक सवार या साइकिल चलाने वाला व्यक्ति दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचाता है, तो वह इनाम पाने का हकदार हो सकता है. मदद करने वाले व्यक्ति का घायल से परिचित होना जरूरी नहीं है. बस यह जरूरी है कि हादसा दिल्ली में हुआ हो और घायल को किसी रजिस्टर्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया हो. अस्पताल की पुष्टि और प्रशासनिक जांच के बाद 25,000 रुपये की राशि दी जाएगी. सरकार ने यह भी साफ किया है कि मदद करने वाले व्यक्ति को पुलिस या कोर्ट की प्रक्रिया में उलझाया नहीं जाएगा. उसकी जानकारी केवल इनाम देने के लिए ली जाएगी.
पहले के नियमों से क्या अलग है?
पहले गुड समैरिटन नियमों के तहत मदद करने वाले को कानूनी सुरक्षा तो मिलती थी, लेकिन कोई आर्थिक इनाम नहीं दिया जाता था. इसके कारण कई लोग नियम होने के बावजूद मदद करने से बचते थे. अब राह-वीर योजना में तय नकद इनाम जोड़ा गया है, जिससे लोगों को मदद करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा. यह व्यवस्था कानूनी सुरक्षा के साथ आर्थिक सहयोग भी देती है. इससे मदद करने वालों को सम्मान और पहचान दोनों मिलेंगे.
सड़क सुरक्षा पर क्या होगा असर?
बता दें कि दिल्ली जैसे बड़े शहर में ट्रैफिक और दुर्घटनाओं की संख्या ज्यादा है. ऐसे में हादसे के तुरंत बाद पास से गुजरने वाले लोग ही सबसे पहले मदद कर सकते हैं. अगर घायल को एक घंटे के भीतर इलाज मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है. राह-वीर योजना लोगों के मन से डर हटाकर उन्हें आगे आने के लिए प्रेरित करेगी. इससे सड़क सुरक्षा में सुधार हो सकता है और आपातकालीन सहायता में देरी कम हो सकती है.
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Source: IOCL



























