पुरानी गाड़ियों पर फिर सख्त हुई सरकार! दिल्ली में इस दिन से नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, जानें नए नियम
Delhi No Fuel Policy: नो फ्यूल पॉलिसी के तहत ऐसे वाहन जिनकी निर्धारित उम्र पूरी हो चुकी है, उन्हें फ्यूल नहीं मिलेगा. इस तरह के वाहनों को चलने से रोका जाएगा ताकि वायु प्रदूषण को कम किया जा सके.

दिल्ली में अब 31 अक्टूबर तक ही पुराने वाहनों को पेट्रोल और डीजल मिल सकेगा. यह फैसला CAQM की बैठक में लिया गया था. 1 नवंबर से दिल्ली के साथ-साथ गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), गुरुग्राम और सोनीपत जैसे एनसीआर के अहम शहरों में भी पुरानी गाड़ियो को डीजल पेट्रोल देने पर प्रतिबंध लागू होगा.
नो फ्यूल पॉलिसी के तहत ऐसे वाहन जिनकी निर्धारित उम्र पूरी हो चुकी है (10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन), उन्हें फ्यूल स्टेशनों पर फ्यूल नहीं मिलेगा. इस तरह के वाहनों को चलने से रोका जाएगा ताकि वायु प्रदूषण को कम किया जा सके. इसका मकसद यह है कि बिना फ्यूल के ये वाहन खुद-ब-खुद सड़कों से हट जाएं, जिससे दिल्ली-NCR की हवा को कुछ राहत मिल सके.
किन-किन शहरों में लागू होंगे ये नियम?
- 1 नवंबर 2025 से "नो फ्यूल पॉलिसी" को दिल्ली सहित NCR के 5 प्रमुख जिलों में पूरी तरह से लागू किया जाएगा.
- दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, सोनीपत और गौतम बुद्ध नगर (नोएडा). इन सभी जिलों में CAQM का Direction 89 पूरी तरह से प्रभावी होगा,
- इसके तहत तय उम्र पार कर चुके पुराने वाहनों को न केवल फ्यूल देने से रोका जाएगा, बल्कि उन पर कड़ी निगरानी और कार्रवाई भी की जाएगी.
यह फैसला क्यों लिया गया?
- CAQM ने इस नीति को स्थगित करने का निर्णय कोई राहत नहीं, बल्कि तैयारी का समय बताया है.
- अभी सिस्टम को लेकर कुछ तकनीकी और प्रैक्टिकल चुनौतियां सामने आ रही थीं, जिन्हें दूर करने के लिए सरकार और एजेंसियों को थोड़ा एक्स्ट्रा समय दिया गया है.
पहले लागू किया गया था ये नियम
- 1 जुलाई 2025 से दिल्ली में पुराने वाहनों को पेट्रोल पंप पर फ्यूल देना बंद कर दिया गया था.
- इस नियम का उल्लंघन करने वालों पर 10,000 तक का जुर्माना भी लगाया जा रहा था, लेकिन वाहन मालिकों के विरोध के कारण, और मौजूदा व्यवस्था में कुछ कमियों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने इस पॉलिसी को पूरे NCR क्षेत्र में एकसाथ लागू करने की सिफारिश की थी.
- सिफारिश के बाद दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने CAQM को पत्र लिखकर नीति को 1 नवंबर तक टालने की औपचारिक अपील की थी, जिसे मंजूरी दी गई.
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Source: IOCL


























