How To Check Second Hand Car Engine: पुरानी कार खरीदने जा रहे हैं, कहीं इंजन खुल तो नहीं चुका? ऐसे करें चेक
How To Check Secondhand Car Engine: अगर आप भी एक पुरानी कार खरीदने का सोच रहे हैं. ऐसे में आपके लिए यह जान लेना जरूरी है कि कार की कंडीशन कैसी है और इंजन को कितनी बार खोला गया है?

How To Check Second Hand Car Engine: लगातार बढ़ रही महंगाई और कमाई के सीमित संसाधन के चलते मौजूदा समय में सबके लिए नई कार खरीदना अभी भी काफी मुश्किल है. ऐसे में उनके पास सेकेंड हैंड कार खरीदने का विकल्प रहता है. लेकिन पुरानी कार खरीदते समय सबसे बड़ा डर यह होता है कि कहीं गाड़ी का इंजन अंदर से खराब तो नहीं है या उसका इंजन पहले कभी खुल तो नहीं चुका है. अगर किसी कार का इंजन पहले खुल चुका है, तो इसका मतलब है कि गाड़ी में पहले कोई बड़ी खराबी आ चुकी है. तो ऐसी कार आगे चलकर आपका खर्च बहुत बढ़ा सकती है. इसलिए कार फाइनल करने से पहले आप इन आसान तरीकों से खुद चेक कर सकते हैं कि इंजन को पहले कभी खोला जा चुका है या नहीं.
बोनट खोलकर 'गोंद' को चेक करें
जब कंपनी पहली बार कार का इंजन बनाती है, तो उसके अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने के लिए एक खास तरह की मशीन से सिलिकॉन या गोंद लगाया जाता है. यह बिल्कुल सीधा, साफ और एक बराबर होता है. ऐसे में जब इंजन पहले कभी खुला होगा, तो मैकेनिक दोबारा उसे बंद करते समय हाथ से गोंद लगाएगा, और हाथ से लगाया हुआ गोंद बाहर की तरफ फैला हुआ होता है और दिखने में मोटा-पतला या उबड़-खाबड़ दिखाई देता है. ऐसे में अगर आपको इंजन के जोड़ों पर फैला हुआ गोंद दिख जाए तो समझ जाना कि इंजन पहले खुल चुका है.
नट बोल्ट पर लगे निशान
कार में इंजन के ऊपर और उसके आस-पास कई सारे नट-बोल्ट लगे होते हैं. जब कंपनी इन्हें फिट करती है, तो इन पर कोई स्क्रैच या कट का निशान नहीं होता. लेकिन जब मैकेनिक इंजन को खोलने के लिए पाना या रिंच का इस्तेमाल करते हैं. तो ऐसा करने से नट-बोल्ट के कोनों का रंग उड़ जाता है और उन पर गहरे कट के निशान बन जाते हैं. अगर आपको इंजन के मुख्य नट-बोल्ट घिसे हुए या स्क्रैच वाले दिखें, तो समझ जाए कि गाड़ी के इंजन को पहले खोला जा चुका है.
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टेस्ट ड्राइव लें
खरीदने से पहले कार को चलाकर देखना बहुत जरुरी होता है. हो सकता है कि आप जिस कार को खरीद रहे हैं उसकी कंडीशन दिखने में तो बहुत अच्छी हो, लेकिन गाड़ी का इंजन पूरी तरह से खराब हो चुका हो. ऐसे में पहले कार को अच्छी तरह से चलाएं और अनुभव करें कि कार में कोई दिक्कत तो नहीं है. इसके अलावा आप एक बार इंजन के पावर, टॉर्क और फ्यूल एफिशियंशी जैसी महत्वपूर्ण चीजों का भी अच्छे तरीके से देख लें.
सर्विस हिस्ट्री चेक करें
पुरानी कार खरीदते समय हमेशा सर्विस हिस्ट्री चेक करना बेहद जरुरी होता है. जैसा कि आपको पता है, सारे वाहनों की सर्विस के लिए एक तय समय होता है, जैसे 5,000 किमी या 10,000 किमी. अगर वाहन की समय पर सर्विस कराई गई है, तो यह अच्छे रखरखाव का संकेत होता है.
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