ज्यादा Ground Clearance वाली कार खरीदना हमेशा फायदे का सौदा नहीं, जानिए क्यों
High Ground Clearance Car: क्या ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस वाली कार खरीदना वाकई समझदारी है? जानिए कैसे यह आपकी गाड़ी के माइलेज, कंट्रोल और आराम को नुकसान पहुंचा सकता है.

High Ground Clearance Car: भारत में बहुत पहले से ही एसयूवी का क्रेज रहा है और यह दबदबा अभी भी मार्केट में बना हुआ है. बता दें कि, एसयूवी में शानदार लुक के साथ ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस भी मिलता है. क्योंकि, लोगों को लगता है कि जितना ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस होगा गाड़ी उतनी ही दमदार होगी और गड्ढों व स्पीड ब्रेकर से उतनी ही आसानी से निकल जाएगी.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि जरूरत से ज्यादा ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस आपकी कार के लिए हमेशा अच्छा नहीं होता. कई बार ग्राउंड क्लीयरेंस फायदा देने के बजाय आपकी जेब और राइडिंग एक्सपीरियंस दोनों को बिगाड़ देती है. तो चलिए जानतें हैं और समझते हैं इसके पीछे की असली वजह.
बॉडी रोल सफर का मजा किरकिरा कर देता है
बता दें कि, जब किसी गाड़ी का ग्राउंड क्लीयरेंस बहुत ज्यादा होता है तो उसका सेंटर ऑफ ग्रेविटी भी ऊपर की तरफ शिफ्ट हो जाता है. इसकी वजह से गाड़ी में बॉडी रोल काफी बढ़ जाता है.
जब आप किसी मोड़ पर गाड़ी को घुमाते हैं या तेज रफ्तार में लेन बदलते हैं तो गाड़ी अंदर बैठे लोगों को एक तरफ झुकी हुई या डगमगाती हुई महसूस होती है. इस वजह से लंबी दूरी के सफर में पीछे बैठे लोगों को चक्कर आना या उल्टी जैसा मन होने लगता है.
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हाईवे पर खो जाता है कंट्रोल
जबकि हाईवे पर जब आप गाड़ी को 100 या 120 की स्पीड में चलाते हैं तो गाड़ी की स्टेबिलिटी सबसे ज्यादा मायने रखती है. कम ग्राउंड क्लीयरेंस वाली सेडान या हैचबैक कारें सड़क से चिपक कर चलती हैं. जिससे उनका बैलेंस बहुत शानदार रहता है.
वहीं, ज्यादा ऊंचे ग्राउंड क्लीयरेंस वाली गाड़ियों के नीचे से हवा का दबाव बहुत ज्यादा बनता है. इससे तेज रफ्तार में या तेज हवा चलने पर गाड़ी थोड़ी हल्की महसूस होने लगती है जिससे ड्राइवर का कॉन्फिडेंस कम होता है और एक्सीडेंट का खतरा भी बढ़ जाता है.
माइलेज पर पड़ता है सीधा असर
आपको बता दें कि, ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस वाली गाड़ियों का फ्रंट डिजाइन थोड़ा भारी और चौकोर होता है. जिसकी वजह से हवा का रेजिस्टेंस बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. इंजन को हवा को चीरते हुए आगे बढ़ने के लिए ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है. जिससे गाड़ी का माइलेज सीधे तौर पर कम हो जाता है. यानी ऊंची गाड़ी चलाने का मतलब है कि आपको पेट्रोल या डीजल पर लगातार ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे.
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