कार में बारिश का पानी घुस जाए तो क्या करें, सबसे पहले खराब होते हैं ये पार्ट
Car Flooded with Rainwater: भारी बारिश में अगर कार के अंदर पानी घुस जाए तो घबराएं नहीं. जानें पानी घुसने पर सबसे पहले क्या करें, कौन से पार्ट्स सबसे जल्दी खराब होते हैं और भारी नुकसान से कैसे बचें.

Car Flooded with Rainwater: भारत के कई हिस्सों में इस समय बरसात हो रही है और जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. भारी बरसात से हमारी कार पर भी बहुत ज्यादा असर पड़ता है. क्योंकि, तेज बरसात से हमारे आस-पास पानी भर जाता है और इससे कार में पानी का घुसने का दर भी बढ़ जाता है. ऐसा देखा जाता है कि, कार में पानी घुसते ही लोग घबरा जाते हैं और जल्दबाजी में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे गाड़ी को लाखों रुपये का बड़ा नुकसान हो जाता है.
अगर आपकी कार में भी बारिश का पानी चला गया है तो सबसे पहले शांत रहना बेहद जरूरी है. ऐसी स्थिति में अगर आप सही समय पर सही कदम उठाएंगे तो आपकी कार भारी नुकसान से बच सकती है. पानी भरने की स्थिति में आपको सबसे पहले क्या करना चाहिए और कार के कौन-कौन से पार्ट्स सबसे जल्दी खराब होते हैं इसकी पूरी जानकारी आपके पास होनी चाहिए.
सबसे पहले करें ये काम
बता दें कि, कार में पानी घुसने के बाद सबसे पहली और सबसे बड़ी सावधानी यह बरतनी है कि आपको इग्निशन की चाबी घुमाकर या पुश बटन दबाकर गाड़ी स्टार्ट करने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी है. अगर इंजन के अंदर पानी मौजूद है और आप कार स्टार्ट करेंगे तो पानी सिलेंडर और पिस्टन में पहुंचकर इंजन को पूरी तरह लॉक कर देगा.
जबकि इससे इंजन का ब्लॉक टूट सकता है और रिपेयरिंग का खर्च लाखों में पहुंच जाएगा. सबसे पहले कार का बोनट खोलकर बैटरी के तारों को डिस्कनेक्ट कर दें ताकि शॉर्ट सर्किट न हो. इसके बाद गाड़ी को धक्का देकर या टो-ट्रक की मदद से किसी सूखे और सुरक्षित स्थान पर ले जाएं.

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सबसे पहले खराब होते हैं ये पार्ट्स
आपको बता दें कि, पानी घुसने पर कार के जो पार्ट्स सबसे पहले और सबसे तेजी से खराब होते हैं वे हैं इसके इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स. आजकल की आधुनिक कारों में कई सेंसर्स, वायरिंग हार्नेस और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट लगे होते हैं. केबिन के फर्श के नीचे बिछे वायर और डैशबोर्ड के पीछे मौजूद सेंसर्स में पानी जाते ही शॉर्ट सर्किट हो जाता है.
जबकि इसके अलावा कार का इंफोटेनमेंट सिस्टम, पावर विंडो की मोटर, डिजिटल क्लस्टर, एयरबैग मॉड्यूल और अल्टरनेटर पानी के संपर्क में आते ही स्थायी रूप से खराब हो सकते हैं. अगर समय रहते इन्हें सुखाया न जाए तो पूरे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को बदलना पड़ सकता है.

इन पार्ट्स को भी पहुंचता है नुकसान
आपकी कार के इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स के अलावा कार का इंटीरियर और मैकेनिकल हिस्से भी पानी से बुरी तरह प्रभावित होते हैं. कार के फर्श पर बिछा हुआ कारपेट और सीटों का फोम पानी को तेजी से सोख लेता है. अगर इसे तुरंत निकालकर धूप में न सुखाया जाए तो दो-तीन दिनों के भीतर कार के अंदर से बदबू आने लगती है और फंगस जमा हो जाता है.
जिससे केबिन का मेटल गलाना शुरू हो जाता है. वहीं, चक्कों के पास मौजूद ब्रेक पैड्स, रोटर, सस्पेंशन बुश और साइलेंसर में पानी जमा रहने से जंग लग जाती है जिससे ब्रेक फेल होने और गाड़ी में से आवाज आने का खतरा बढ़ जाता है.
कैसे करें कार की सफाई?
बता दें कि, गाड़ी को सुरक्षित जगह पर ले जाने के बाद सबसे पहले अपने इंश्योरेंस कंपनी को फोन करके क्लेम फाइल करें और सर्वेयर को गाड़ी की हालत देखने दें. खुद से मैकेनिक बनने के बजाय गाड़ी को अधिकृत सर्विस सेंटर पर ही टो कराकर ले जाएं. वहां प्रोफेशनल मैकेनिक स्पार्क प्लग निकालकर इंजन के अंदर से पानी बाहर निकालेंगे, इंजन ऑयल और सभी फ्लूइड्स बदलेंगे और कारपेट व सीटों को निकालकर अच्छी तरह ड्राई-क्लीन करेंगे.
अगर आपके पास इंजन प्रोटेक्ट ऑपरेटर एड-ऑन कवर वाला इंश्योरेंस है तो आपको पैसों की नुकसान की बिल्कुल चिंता करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सही समय पर समझदारी से उठाया गया एक कदम आपकी कार और जेब दोनों को सुरक्षित रख सकता है.
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