गाड़ी में भूलकर भी न कराना ये 5 मॉडिफिकेशन, भारी-भरकम चालान के साथ होगी सख्त कार्रवाई
Car illegal Modification: अगर आप कार में मॉडिफिकेशन कराना चाहते हैं तो आपके लिए जानना जरूरी है कि कौन-से बदलाव कराने से आपका चालान कट सकता है? आइए इसके बारे में डिटेल्स जान लेते हैं.

आजकल युवाओं में कार को यूनिक दिखाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है. कोई कार में तेज आवाज वाला एग्जॉस्ट लगवाता है तो कोई काली फिल्म लगा लेता है. ऐसे मॉडिफिकेशन कार को स्टाइलिश तो बना सकते हैं लेकिन आपके लिए बड़ी परेशानी भी खड़ी कर सकते हैं. गाड़ी की मूल बनावट और सुरक्षा मानकों से छेड़छाड़ करना गैरकानूनी माना जाता है. ऐसे में कार मालिकों को चालान, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.
कार में स्पोर्ट्स एग्जॉस्ट लगवाना
कई लोग अपनी कार में आफ्टरमार्केट या स्पोर्ट्स एग्जॉस्ट लगवाते हैं ताकि कार की आवाज ज्यादा दमदार लगे. अगर एग्जॉस्ट की आवाज तय लिमिट से ज्यादा है या उससे प्रदूषण बढ़ता है तो यह नियमों के खिलाफ माना जाता है. ट्रैफिक पुलिस ऐसी गाड़ियों पर कार्रवाई कर सकती है और भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है. इसके अलावा ज्यादा शोर से आम लोगों को परेशानी होती है, इसलिए ऐसे बदलावों पर खास निगरानी रखी जाती है.
खिड़कियों पर काली फिल्म लगवाना
कई बार लोग धूप से बचने और प्राइवेसी बढ़ाने के लिए कार की खिड़कियों पर काली फिल्म लगवा लेते हैं. हालांकि भारत में शीशों की ट्रांसपेरेंसी को लेकर स्पष्ट नियम हैं. अगर कार में ज्यादा डार्क टिंट पाया जाता है तो पुलिस चालान काट सकती है और फिल्म हटाने का आदेश भी दे सकती है.
कार की नंबर प्लेट बदलवाना
कुछ कार मालिक अपनी गाड़ी को अलग दिखाने के लिए नंबर प्लेट पर स्टाइलिश फॉन्ट, रंगीन डिजाइन बनवा लेते हैं, जोकि लीगल नहीं है. कोई भी डिजाइन, फॉन्ट या सजावट अवैध मानी जाती है. ऐसी नंबर प्लेट न केवल पहचान में बाधा डालती हैं बल्कि सुरक्षा कारणों से भी प्रतिबंधित हैं.
इन लाइट्स का यूज करना
कार में नीली, लाल, फ्लैशिंग या ज्यादा चमकदार एलईडी लाइटें लगवाना भी कई मामलों में गैरकानूनी हो सकता है. ये लाइट्स सामने से आने वाले कार चालकों की नजर प्रभावित कर सकती हैं और एक्सीडेंट का कारण बन सकती हैं.
गाड़ी की मूल सरंचना में बदलाव
कुछ लोग कार की ऊंचाई बढ़ाने, सनरूफ बनाने, बड़े टायर लगाने या सस्पेंशन बदलने जैसे बड़े मॉडिफिकेशन कराते हैं. ऐसे बदलाव कार की सुरक्षा और बैलेंस को प्रभावित कर सकते हैं. भारत में गाड़ी की मूल संरचना में बिना अनुमति बदलाव करना मोटर वाहन अधिनियम के तहत अवैध माना जाता है .कई मामलों में इससे वाहन का बीमा भी अमान्य हो सकता है.
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