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कार लॉक हो गई और चाबी भी अंदर रह गई? बिल्कुल भी न करें ये काम

अगर आपकी कार लॉक होने के बाद चाबी अंदर रह जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है. जल्दबाजी में लॉक या शीशे से छेड़छाड़ करने के बजाय इन जरूरी बातों का ध्यान रखें.

कई बार जल्दबाजी में कार से बाहर निकलते समय चाबी अंदर ही रह जाती है और कार अचानक लॉक हो जाती है. ऐसी स्थिति में एक पल के लिए समझ नहीं आता कि अब कार कैसे खुलेगी. घबराहट में लोग कई बार खिड़की तोड़ने, लॉक में तार डालने या दरवाजे को जोर लगाकर खोलने जैसी गलतियां कर बैठते हैं. इससे कार को नुकसान तो हो ही सकता है, साथ ही मरम्मत में अच्छा-खासा खर्च भी हो सकता है. इसलिए ऐसी स्थिति में सबसे पहले शांत रहना जरूरी है और बिना सोचे-समझे कोई तरीका आजमाने से बचना चाहिए. आइए जानते हैं कि कार की चाबी अंदर रह जाने पर कौन-कौन से काम बिल्कुल नहीं करने चाहिए.

 खिड़की तोड़ने की गलती न करें

कार लॉक होने पर सबसे पहले घबराकर उसकी खिड़की तोड़ने की कोशिश न करें. कई लोगों को लगता है कि शीशा तोड़कर अंदर पहुंचना सबसे आसान तरीका है, लेकिन इससे कार को काफी नुकसान हो सकता है. कांच टूटने से हाथ या शरीर के किसी दूसरे हिस्से में चोट लगने का खतरा भी रहता है. इसके अलावा बाद में नया शीशा लगवाने और कार की सफाई में भी अच्छा-खासा खर्च हो सकता है. इसलिए सिर्फ चाबी अंदर रह जाने की वजह से खिड़की तोड़ना सही फैसला नहीं है. अगर कार के अंदर बच्चा या पालतू जानवर फंसा है और उसकी सुरक्षा को तुरंत खतरा है, तो खुद से कांच तोड़ने के बजाय तुरंत इमरजेंसी मदद लेना ज्यादा सुरक्षित है.

 लॉक में तार या दूसरी चीजें न डालें

कार का लॉक खोलने के लिए तार, स्केल, पेचकस या किसी पतली चीज का इस्तेमाल करने की गलती भी न करें. बाहर से देखने में यह तरीका आसान लग सकता है, लेकिन इससे दरवाजे के अंदर मौजूद लॉकिंग सिस्टम, वायरिंग और दूसरे पार्ट्स को नुकसान पहुंच सकता है. आजकल की कई कारों में इलेक्ट्रॉनिक लॉक और सेंसर भी लगे होते हैं, इसलिए गलत तरीके से छेड़छाड़ करने पर समस्या और बढ़ सकती है. अगर लॉक के अंदर कोई चीज फंस गई या सिस्टम खराब हो गया, तो साधारण लॉक खोलने के मुकाबले मरम्मत का खर्च ज्यादा हो सकता है.

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दरवाजे को जोर लगाकर न खींचें

अगर कार का दरवाजा लॉक है तो उसे बार-बार जोर लगाकर खींचना भी सही तरीका नहीं है. ऐसा करने से दरवाजे का हैंडल, लॉकिंग सिस्टम या रबर सील खराब हो सकती है. कुछ लोग दरवाजे और बॉडी के बीच जगह बनाने के लिए उसे खींचने या किसी चीज से दबाने की कोशिश करते हैं, लेकिन इससे कार की बॉडी या फ्रेम को भी नुकसान पहुंच सकता है. बाद में दरवाजा ठीक से बंद न होने या हवा और पानी अंदर आने जैसी परेशानी भी हो सकती है. इसलिए कार खोलने के लिए ताकत लगाने के बजाय सुरक्षित और सही तरीका अपनाना चाहिए.

दूसरी चाबी और अनलॉक के दूसरे विकल्प चेक करें

अगर चाबी कार के अंदर रह गई है तो सबसे पहले घबराने के बजाय दूसरी चाबी के बारे में सोचें. अगर घर पर स्पेयर की रखी है, तो किसी परिवार के सदस्य से उसे मंगवाया जा सकता है. इसके अलावा कुछ कारों में मोबाइल ऐप, डिजिटल की या रिमोट से कार अनलॉक करने की सुविधा भी मिलती है, इसलिए अगर आपकी कार में ऐसी सुविधा है तो उसे भी चेक करें. एक बार कार के दूसरे दरवाजे और बूट को भी देख लेना चाहिए, क्योंकि कई बार कोई दूसरा हिस्सा लॉक नहीं होता. इन आसान विकल्पों को चेक करने से बिना किसी नुकसान के कार खोली जा सकती है.

रोडसाइड असिस्टेंस या एक्सपर्ट की मदद लें

अगर कोई भी आसान तरीका काम नहीं करता है, तो कार कंपनी की रोडसाइड असिस्टेंस सर्विस से संपर्क करना सबसे सुरक्षित विकल्प हो सकता है. अगर आपके पास यह सुविधा नहीं है, तो किसी भरोसेमंद ऑटो लॉकस्मिथ की मदद ली जा सकती है. एक्सपर्ट के पास कार के लॉक को सुरक्षित तरीके से खोलने के लिए जरूरी उपकरण और अनुभव होता है, जिससे कार को नुकसान पहुंचने की संभावना कम रहती है. खासकर महंगी या नई कारों में खुद से लॉक खोलने की कोशिश करने के बजाय एक्सपर्ट की मदद लेना बेहतर है.

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हिमांशु सिंह पिछले साढ़े तीन साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. फिलहाल वह ABP News में ऑटो बीट पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्टर में उन्हें नई कारों और बाइक्स के लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, फीचर्स, माइलेज, टेक्नोलॉजी और ऑटो मार्केट से जुड़ी खबरों की अच्छी जानकारी है. वह ऑटो से जुड़ी हर जरूरी और नई जानकारी आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के खबरों को समझ सकें.

ABP News से पहले हिमांशु DNP India, Sports Wiki और Hawk E Commerce के साथ काम कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने स्पोर्ट्स, राजनीति और वायरल खबरों पर भी काम किया. अलग-अलग बीट्स पर काम करने की वजह से उन्हें कई तरह की खबरों को समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने का अनुभव मिला.

हिमांशु की कोशिश रहती है कि उनकी खबरें सरल, भरोसेमंद और सीधे लोगों से जुड़ी हों. उन्हें ऐसी खबरों पर काम करना पसंद है, जिनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. डिजिटल मीडिया की अच्छी समझ होने की वजह से वह ट्रेंडिंग और जरूरी खबरों को तेजी से पाठकों तक पहुंचाते हैं.

काम के अलावा हिमांशु को क्रिकेट खेलना, स्टैंडअप कॉमेडी करना और नई जगहों पर घूमना पसंद है. उनका मानना है कि नई जगहों को देखना और नए लोगों से मिलना सोच को बेहतर बनाता है, जिसका फायदा उनके काम में भी मिलता है.

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