बनेंगे 10,389 KM हाईवे, ऑटो सेक्टर पर क्या पड़ेगा इसका असर?
Expressway Network Commercial Vehicle Demand: देश में बन रहे 10,389 किलोमीटर लंबे हाई-स्पीड हाईवे से भारतीय ऑटो सेक्टर, पैसेंजर कारों, ईवी और ट्रकों की बिक्री पर क्या असर पड़ेगा.

Expressway Network Commercial Vehicle Demand: भारत में पिछले कुछ सालों में कई जगह हाईवे और एक्सप्रेसवे बने हैं. जबकि अब सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है और देश भर में 10,389 किलोमीटर लंबे नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देकर काम सौंप दिया गया है.
बता दें कि, यह फैसला न सिर्फ राज्यों के बीच सफर का समय आधा कर देगा बल्कि भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. सड़कों का यह नया और मजबूत जाल ऑटो सेक्टर में नई गाड़ियों की मांग और बिक्री को एक नया बूस्ट देने जा रहा है. चलिए जानतें हैं ऐसा कैसे होगा.
कारों की मांग में देखने को मिल सकता है उछाल
बता दें कि, जब सड़कें वर्ल्ड क्लास और गड्ढा-मुक्त बनती हैं तो लोगों का कार से लंबा सफर करने का मन अपने आप होने लगता है. 10,000 किलोमीटर से ज्यादा लंबे इस हाई-स्पीड नेटवर्क के बनने से कॉम्पैक्ट एसयूवी, सेडान और लग्जरी कारों की डिमांड में तेजी आना तय है.
क्योंकि, स्मूथ एक्सप्रेसवे पर लंबी दूरी का सफर अब थकाऊ नहीं लगेगा. जिससे फैमिली कार्स और प्रीमियम सेगमेंट की गाड़ियों की बिक्री को बहुत बड़ा सहारा मिलेगा. लोग अब रोजाना के इस्तेमाल के साथ-साथ वीकेंड ट्रिप्स के लिए भी नई कारें खरीदने में दिलचस्पी दिखा सकते हैं.
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कमर्शियल और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की बदल सकती है तस्वीर
सड़कों के इस विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर का सबसे बड़ा और सीधा फायदा देश के लॉजिस्टिक्स और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट को मिलेगा. ट्रक, ट्रेलर्स और लाइट कमर्शियल व्हीकल्स की रफ्तार बढ़ने से सामान एक शहर से दूसरे शहर बहुत तेजी से पहुंचेगा.
जब ट्रकों का रनिंग टाइम बढ़ेगा और डिलीवरी का समय घटेगा तो ट्रांसपोर्ट कंपनियां अपने काम में नए और आधुनिक कमर्शियल व्हीकल्स को शामिल करेंगी. इससे अशोक लेलैंड, टाटा मोटर्स और आयशर जैसी कंपनियों के बड़े ट्रकों की बिक्री में भारी इजाफा देखने को मिल सकता है.
ईवी और हाइब्रिड गाड़ियों के मार्केट को मिलेगी नई रफ्तार
बता दें कि, हाई-स्पीड कॉरिडोर्स का निर्माण इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड गाड़ियों की राह को भी काफी आसान बना देगा. नए बन रहे इन एक्सप्रेसवे पर आधुनिक चार्जिंग स्टेशन और ईवी-फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है.
इससे इलेक्ट्रिक कार ड्राइवरों के मन से बैटरी खत्म होने का डर पूरी तरह खत्म हो जाएगा. जब हाईवे पर हर 40-50 किलोमीटर पर फास्ट चार्जर मिलेंगे तो लोग बिना किसी झिझक लंबी दूरी के सफर के लिए भी ईवी और हाइब्रिड गाड़ियां खरीदना शुरू कर देंगे, जिससे ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा भी मिलेगा.
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