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Grahan 2026: साल 2026 में 4 ग्रहण का साया, जानिए भारत में कब और कहां दिखेंगे सूर्य और चंद्र ग्रहण?

Surya aur Chandra Grahan 2026: साल 2026 में 4 ग्रहण लगने जा रहे हैं. पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा.अनीष व्यास से जानिए ग्रहण की तिथि और प्रभाव के बारे में.

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  • 2026 में दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे.
  • पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, दूसरा 12 अगस्त को लगेगा.
  • पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च, दूसरा 28 अगस्त को लगेगा.
  • भारत में केवल 3 मार्च का चंद्र ग्रहण दिखाई देगा.

Solar and lunar eclipse 2026: नए साल में चार ग्रहण होंगे. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य एवं चंद्र ग्रहण का विशेष महत्व है. इस दौरान शुभ कार्य और पूजा-पाठ करने की मनाही होती है. लापरवाही करने या बरतने से शारीरिक और मानसिक सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.

पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा.अनीष व्यास ने बताया कि, साल 2026 में भी चार ग्रहण देखने को मिलेंगे. इनमें से दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे. वर्ष 2026 में कुल दो चंद्र ग्रहण लगने वाले हैं.

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण फरवरी में तो चन्द्र ग्रहण मार्च में लगेगा . दूसरा सूर्य व चन्द्र ग्रहण अगस्त में लगेगा. बता दे कि 2025 में साल का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च और दूसरा 21 सितंबर को लगा था लेकिन भारत में दिखाई नहीं दिया.

साल का पहला चन्द्र ग्रहण 14 मार्च और दूसरा 7 सितंबर को लगा था. इसमें दूसरा चन्द्र ग्रहण भारत में दिखाई दिया था.

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण कब और कहां लगेगा?

ज्योतिषाचार्य डा.अनीष व्यास ने बताया कि साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगेगा. यह एक कंकण सूर्य ग्रहण होगा. हालांकि यह सूर्य ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन जिम्बाब्वे, दक्षिण अफ्रीका, जाम्बिया, मोजम्बीक, मॉरीशस, अंटार्कटिका सहित तन्जानिया और दक्षिण अमेरिकी देशों में दिखाई देगा.

साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त, 2026 को लगेगा. श्रावण मास की हरियाली अमावस्या को यह ग्रहण लगेगा. भारत को छोड़कर उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका, यूरोप आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन में दिखाई देगा.

साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण खंड ग्रास ग्रहण

ज्योतिषाचार्य डा.अनीष व्यास ने बताया कि साल का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा मंगलवार 3 मार्च 2026 को लगेगा. यह खण्डग्रास चंद्र ग्रहण होगा. यह ग्रहण भारत के साथ साथ एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका जैसे कई देशों में दिखाई देगा.

चूंकि भारत में यह ग्रहण दिखेगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल भी मान्य होगा. साल का दूसरा चंद्र ग्रहण शुक्रवार 28 अगस्त 2026 को लगेगा. यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, लेकिन भारत में यह नजर नहीं आएगा, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा. यह ग्रहण मुख्य रूप से उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा. 

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण

ज्योतिषाचार्य डा.अनीष व्यास ने बताया कि पहला सूर्य ग्रहण साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगने जा रहा है. यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. सूर्य ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अर्जेंटीना और अंटार्कटिका में नजर आएगा.

12 अगस्त 2026 को दूसरा सूर्य ग्रहण

ज्योतिषाचार्य डा.अनीष व्यास ने बताया कि दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, रूस और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. यहां के लोग पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा देख सकेंगे.

यहां दिन में कुछ समय के लिए पूरी तरह से अंधेरा छा जाएगा. वहीं उत्तरी अमेरिका, यूरोप और पश्चिमी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इस दिन आंशिक सूर्य ग्रहण दिखेगा. 

3 मार्च 2026 को पहला चंद्र ग्रहण

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि साल 2026 में दो चंद्र ग्रहण होंगे, लेकिन इनमें से केवल एक ही भारत में दिखाई देगा. पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन पड़ेगा, जबकि दूसरा श्रावण पूर्णिमा को लगेगा.

साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को फाल्गुन मास की शुक्ल पूर्णिमा के दिन लगेगा. यह ग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका जैसे कई देशों में नजर आएगा. चूंकि भारत में यह ग्रहण दिखेगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल भी मान्य होगा. 

28 अगस्त 2026 को दूसरा चंद्र ग्रहण

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण  शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को लगेगा. यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा. लेकिन भारत में यह नजर नहीं आएगा. इसलिए यहां इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा. यह ग्रहण मुख्य रूप से उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा.

भारत में दिखेगा सिर्फ चंद्र ग्रहण

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि साल में दो चंद्र ग्रहण होंगे, लेकिन इनमें से केवल एक ही भारत में दिखाई देगा. पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन पड़ेगा, जबकि दूसरा श्रावण पूर्णिमा को लगेगा. लेकिन भारत में केवल 3 मार्च का चंद्र ग्रहण ही देखा जा सकेगा. 28 अगस्त का ग्रहण भारत से दृश्य नहीं होगा, इसलिए देश में सिर्फ एक ही चंद्र ग्रहण का प्रत्यक्ष दर्शन होगा.

प्राकृतिक आपदाओं की आशंका

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि चार ग्रहणों की वजह से प्राकृतिक आपदाओं का समय से ज्यादा प्रकोप देखने को मिलेगा. इसमें भूकंप, बाढ़, सुनामी, विमान दुर्घटनाएं का संकेत मिल रहे हैं.

प्राकृतिक आपदा में जनहानि कम ही होने की संभावना है. फिल्म एवं राजनीति से दुखद समाचार. व्यापार में तेजी आएगी. बीमारियों में कमी आएगी. रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. आय में इजाफा होगा. वायुयान दुर्घटना होने की संभावना.

पूरे विश्व में राजनीतिक अस्थिरता यानि राजनीतिक माहौल उच्च होगा. राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ज्यादा होंगे. सत्ता संगठन में बदलाव होंगे. पूरे विश्व में सीमा पर तनाव शुरू हो जायेगा. आंदोलन, हिंसा, धरना प्रदर्शन हड़ताल, बैंक घोटाला, उपद्रव और आगजनी की स्थितियां बन सकती है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक 'डॉक्टर अनीष व्यास' देश के जाने-माने प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्य हैं. पाल बालाजी के भक्त के रूप में इन्हें जाना जाता है. वैदिक ज्योतिष पर इनका कार्य सराहनीय है. इनकी भविष्यवाणियां काफी सटीक होती हैं. इनके लेख विभिन्न मंचों पर प्रकाशित होते रहते हैं, इन्हें भविष्यफल और दैनिक राशिफल बताने में महारत प्राप्त है. इन्हें हस्तरेखा और वास्तु विशेषज्ञ के रूप में भी जाना जाता है. देश के अलावा विदेशों में भी उनके काफी संख्या में फॉलोअर्स है. सोशल मीडिया पर भी यह एक्टिव रहते हैं.  इनकी अब तक 497 से अधिक भविष्यवाणियां सच साबित हो चुकी हैं.डॉक्टर अनीष व्यास को बचपन से ही कर्मकांड और ज्योतिष की शिक्षा-दीक्षा विरासत में प्राप्त हुई. एम.ए. पत्रकारिता में गोल्ड मेडल प्राप्त कर पीएचडी की उपाधि हासिल कर चुके हैं. डॉ. अनीष व्यास के ज्योतिष विषय पर आधारित लेख देश के प्रमुख समाचार पत्रों में नियमित रूप से प्रकाशित होते हैं. इसके साथ ही विभिन्न न्यूज चैनल में लाईव शो में प्रतिभाग करते रहते हैं.
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Frequently Asked Questions

2026 में कुल कितने ग्रहण लगेंगे?

साल 2026 में कुल चार ग्रहण देखने को मिलेंगे, जिनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे।

2026 का पहला सूर्य ग्रहण कब और कहाँ दिखाई देगा?

2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगेगा। यह भारत में दिखाई नहीं देगा, पर जिम्बाब्वे, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका जैसे देशों में दिखेगा।

2026 का पहला चंद्र ग्रहण भारत में कब और कहाँ दिखाई देगा?

2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगेगा और यह भारत सहित एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका में दिखाई देगा। इसका सूतक काल भी मान्य होगा।

2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब और कहाँ दिखेगा?

2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगेगा। यह आर्कटिक, ग्रीनलैंड, स्पेन जैसे देशों में दिखाई देगा, जबकि उत्तरी अमेरिका, यूरोप में आंशिक दिखेगा।

2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा?

नहीं, 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगेगा, पर यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।

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