35 से 36 वर्ष की आयु मूलांक 8 वाले जातकों के लिए जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाती है। इस उम्र में शनि देव उन्हें विशेष सफलता प्रदान करते हैं, जिससे उनके जीवन में एक बड़ा यू-टर्न आता है।
Numerology: 35 की उम्र के बाद चमकती है इस मूलांक की किस्मत, शनि देव बरसाते हैं अपनी कृपा!
Numerology 2026: अंक ज्योतिष के अनुसार, ऐसे कई मूलांक होते हैं, जिन्हें अपने शुरुआती जीवन में काफी संघर्षों का सामना करना पड़ता है, लेकिन 35 साल की उम्र के बाद इन्हें शनि की कृपा से सफलता मिलती है.

Numerology: हमारे आस-पास ऐसे कई लोग होंगे, जो अपने जीवन के आरंभ से ही काफी मेहनत कर रहे थे, लेकिन कुछ समय के बाद उनकी जिंदगी में चीजें बदल गई. हर वो चीज जो कभी उनके लिए एक सपना हुआ करती थी, आज वो उसे जी रहे हैं.
अंक ज्योतिष में ऐसे कई नंबर हैं, जिन्हें अपने शुरुआती जीवन में काफी संघर्ष का सामना करना पड़ता है, लेकिन 35 वर्ष के बाद स्थिति में सुधार आने के साथ शनि के आशीर्वाद से स्वर्णिम सफलता प्राप्त होती है.
शनि देव का प्रिय अंक 8
अंक ज्योतिष में मूलांक 8 शनि को बेहद प्रिय नंबर है. किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को जन्म लेने वाले लोगों का मूलांक 8 होता है. इन लोगों का शुरुआती जीवन आसान नहीं होता.
सफलता पाने के लिए काफी संघर्षों का सामना करना पड़ता है. माना जाता है कि, इस अंक के जातकों को 35 वर्ष की आयु पार करने के बाद सफलता मिलती है.
दरअसल मूलांक 8 का स्वामी शनि ग्रह होता है. ज्योतिष शास्त्र में शनि को बेहद महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है. माना जाता है कि, इस अंक के जातकों को उनकी कुंडली में सफलता प्राप्त करने से कोई रोक नहीं सकता. ऐसे लोग जीवन में काफी नाम और पैसा कमाते हैं.
शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा
अंकशास्त्र के अनुसार, अंक 8 वाले लोगों का शुरुआती जीवन चुनौतियों और संघर्षों से भरा होता है. शनि देव उन्हें कम उम्र में ही अनुशासन और धैर्य का सबक देते हैं. माना जाता है कि, 8 अंक के जातक को कुछ भी आसानी से नहीं मिलता.
चाहे वो पढ़ाई हो या करियर उन्हें किसी भी काम में सफलता पाने के लिए दूसरों से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है.
मूलांक 8 वाले स्वभाव से शांत और गंभीर
अंकशास्त्र कहता है कि, मूलांक 8 के जातक स्वभाव से शांत और गंभीर होते हैं, जिस वजह से कई बार उन्हें अंहकारी भी समझ लिया जाता है, लेकिन असल में वे इसके विपरीत होते हैं.
वे अपनी फीलिंग को शेयर करने से बचते हैं, जिस वजह से उनके कम दोस्त होते हैं. ये लोग शांत भाव से अपने काम पर फोकस करते हैं.
35 से 36 साल की उम्र में यू-टर्न
अंक ज्योतिष के अनुसार, अंक 8 के लोग काफी धैर्यवान होते हैं, जो उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में भी हार नहीं मानने देता है. यही कारण हैं कि, समय के साथ वे इतनी सफलता हासिल कर लेते हैं कि, जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता है.
मूलांक 8 वाले जातकों के लिए 35 से 36 साल की उम्र जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आती है. जीवन के इस पड़ाव पर शनि देव उन्हें स्वर्णिम सफलता प्रदान करते हैं. दुनिया के ऐसे कई सफल व्यवसायी और राजनेता का मूलांक 8 है.
माना जाता है कि, मूलांक 8 के जातक जब जीवन में सफल होते हैं, तो उनकी सफलता का प्रभाव सभी लोगों पर पड़ता है.
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Frequently Asked Questions
मूलांक 8 वाले लोगों के लिए 35-36 वर्ष की आयु क्यों महत्वपूर्ण है?
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