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Caesarean Muhurat क्या है, आज ये क्यों इतना चलन मे है?

Shubh Muhurat for Child Birth 2025: क्या जन्म का मुहूर्त सच में भाग्य बदल सकता है? जानें कैसे आधुनिक परिवार Caesarean Muhurat देखकर बच्चे का जन्म सुरक्षित और शुभ बना रहे हैं.

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  • लोग सिजेरियन डिलीवरी के लिए मुहूर्त ज्योतिषियों से चुनवा रहे हैं।
  • ज्योतिष जन्म को आत्मा का आगमन, व्यक्तित्व निर्धारक मानते हैं।
  • आधुनिक माता-पिता इसे भावनात्मक सुरक्षा, सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानते हैं।
  • अस्पताल डॉक्टर-ज्योतिषी मिलकर सुरक्षित और शुभ मुहूर्त तय कर रहे हैं।

Muhurat Caesarean: आज के समय में जब मेडिकल तकनीक इतनी आगे बढ़ चुकी है, तब भी बहुत-से परिवार बच्चे के जन्म से पहले मुहूर्त देखते हैं. इसे आज के समय में Caesarean Muhurat कहा जाता है. यानी जब डॉक्टर ऑपरेशन के लिए दिन और समय तय करते हैं, तो परिवार चाहते हैं कि डिलीवरी ज्योतिषीय आधार पर हो ताकि किसी प्रकार की कॉम्प्लिकेशन का सामना न करना पड़े. 

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे, जयपुर और सूरत जैसे देश के महानगरों में ये चलन आम दिखाई देने लगा है. लोग शुभ मुहूर्त पर विशेष फोकस कर रहे हैं और इसके लिए ज्योतिष विशेषज्ञों की मदद ले रहे हैं. डॉक्टरों का भी कहना है कि उनके द्वारा दी जाने वाली डेट्स को ज्योतिषी गणना से मैच कराने के बाद फाइनल कर रहे हैं.

ज्योतिष के अनुसार जन्म का महत्व

विख्यात ज्योतिषाचार्य डॉक्टर अनीष व्यास बताते हैं कि जन्म का क्षण केवल एक मेडिकल घटना नहीं, बल्कि आत्मा का आगमन होता है. वो कहते हैं कि जब बच्चा जन्म लेता है, तभी उसकी कुंडली बनती है, वही उसके व्यक्तित्व, स्वभाव और भविष्य की दिशा तय करती है. इसी कारण परिवार चाहते हैं कि प्रसव उस समय हो जब आसमान में ग्रहो की स्थिति शुभ हो.

आधुनिक पेरेंट्स की सोच कैसे बदल रही है?

पहले लोग इस विषय पर बात करने से झिझकते थे, पर अब आधुनिक माता-पिता इसे सामान्य मानते हैं. उनके लिए सी-सेक्शन (Caesarean) के लिए मुहूर्त का चयन किसी अंधविश्वास का नहीं, बल्कि भावनात्मक सुरक्षा का प्रतीक है. वे मानते हैं कि अगर बच्चा शुभ समय पर जन्म ले, तो उसका जीवन शुरू से सकारात्मक ऊर्जा में रहेगा. 

चिकित्सा और ज्योतिष से तय किया जा रहा भाग्य!

दिलचस्प बात यह है कि अब कई बड़े अस्पताल भी इस बात को समझने लगे हैं. कई जगहों पर डॉक्टर और ज्योतिषी मिलकर safe auspicious window तय करते हैं. डॉक्टर देखते हैं कि मां और बच्चे के लिए कौन-सा समय मेडिकल दृष्टि से सही है, जबकि ज्योतिषी उसी अवधि में पंचांग अनुसार सबसे शुभ ग्रह-स्थिति चुनते हैं.

इससे माता-पिता को न केवल मन का संतोष मिलता है बल्कि मां का मानसिक तनाव भी कम होता है. यही कारण है लोग इसे लेकर गंभीर हैं. भारतीय सनातन परंपरा में आरंभ से ही गर्भाधान संस्कार के लिए ज्योतिष का सहारा लिया जाता रहा है. ज्योतिष के अनुसार, गर्भाधान संस्कार की विधि में शुभ मुहूर्त का चयन, पवित्र और सात्विक आचरण, और विशिष्ट समय पर संभोग को वरियता प्रदान की गई है.

Geomancy की भूमिका

कई हीलर और एनर्जी एक्सपर्ट्स अब इस प्रक्रिया को और आगे बढ़ा रहे हैं. Geomancy, Crystal Healing और Reiki जैसी विधाएं जन्म से पहले की ऊर्जा को संतुलित करने में मदद करती हैं. इससे जुड़े विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर घर या अस्पताल का एनर्जी फील्ड संतुलित हो, तो प्रसव प्रक्रिया आसान होती है और मां-बच्चे दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

जन्म एक संस्कार है

धर्मग्रंथों में जन्म को एक संस्कार माना गया है. जातकर्म संस्कार के अनुसार ये जीवन की शुरुआत का प्रतीक है. वेदों में लिखा है कि ॐ आयुष्मान भव. यानी हे बालक, तू दीर्घायु और मंगलमय हो. इस भावना के साथ मुहूर्त देखकर किया गया जन्म सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि आत्मा के स्वागत का एक आध्यात्मिक तरीका बन जाता है.

आधुनिक वेलनेस के बदलते मायने

आज की पीढ़ी मंदिर कम जाती है लेकिन ध्यान, एनर्जी हीलिंग और क्रिस्टल थैरेपी अपनाती है. उनके लिए अध्यात्म अब एक वेलनेस प्रैक्टिस बन चुका है. वे मानते हैं कि मन, वातावरण और शरीर तीनों का संतुलन ही असली शांति देता है. दंपति आयुष्मान और शिल्पी का कहना है कि  Caesarean Muhurat इसी सोच का हिस्सा है, जहां विज्ञान और विश्वास दोनों एक साथ चलते हैं.

क्या नहीं भूलना चाहिए?

यह याद रखना जरूरी है कि किसी भी प्रसव में सबसे अहम मां और बच्चे की सुरक्षा है. अगर डॉक्टर किसी समय को सुरक्षित बताते हैं, तो वही मुहूर्त सबसे शुभ माना जाना चाहिए. ज्योतिष सिर्फ मार्गदर्शन देता है, निर्णय हमेशा विवेक से लेना चाहिए. शास्त्र भी यही कहते हैं कि शुभस्य शीघ्रम्. यानी शुभ कार्य में विलंब नहीं करना चाहिए.

Caesarean Muhurat की परंपरा अब पुराने जमाने की अंधश्रद्धा नहीं रही. यह Conscious Birth यानी जागरूक जन्म की नई सोच बन चुकी है. इसमें माता-पिता, डॉक्टर और ज्योतिषी तीनों मिलकर जीवन के पहले क्षण को खास बनाते हैं. यह विज्ञान और अध्यात्म के मेल का एक सुंदर उदाहरण है, जहा भावनाएं, ऊर्जा और सुरक्षा एक साथ जुड़ जाती हैं. 

Caesarean Muhurat आज की पीढ़ी की उस सोच का प्रतीक है जो हर काम को सकारात्मक ऊर्जा और उद्देश्य के साथ करना चाहती है. यह किसी अंधविश्वास की कहानी नहीं, बल्कि मन की शांति और आस्था का मेल है. जहां डॉक्टर जीवन देते हैं, वहीं ज्योतिष उस जीवन को दिशा देता है, और यही है आधुनिक भारत का नया अध्याय है, यानी Faith meets Science.

 

हृदेश कुमार सिंह । Hirdesh Kumar Singh 

Senior Vedic Astrologer । Head – Religion & Astrology, ABP Live । Lead – ABP Dharma LIVE

हृदेश कुमार सिंह वरिष्ठ वैदिक ज्योतिषाचार्य और मीडिया पेशेवर हैं. उन्हें ज्योतिष, धर्म और मीडिया के क्षेत्र में 17 साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे ABP Live में Religion & Astrology वर्टिकल का नेतृत्व करते हैं. साथ ही ABP Dharma LIVE की कंटेंट और डिजिटल रणनीति की जिम्मेदारी संभालते हैं.

उनके काम में ज्योतिषीय लेखन, संपादन, वेबसाइट और वीडियो के लिए विषय चयन तथा संपादकीय योजना शामिल है. वे Search, Google Discover और सोशल मीडिया पर पाठकों की रुचि को ध्यान में रखकर धर्म और ज्योतिष की कवरेज तय करते हैं.

पंचांग, राशिफल, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार और धार्मिक परंपराएं उनके लेखन के प्रमुख विषय हैं. वे करियर, विवाह, शिक्षा और व्यापार से जुड़े सवालों पर भी लिखते हैं. राजनीति और सामाजिक घटनाओं पर उनके ज्योतिषीय विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर और मेदिनी ज्योतिष पर आधारित होते हैं. इनमें ग्रह स्थितियों को संभावित संकेतों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), नई दिल्ली से पत्रकारिता और IIMT University, मेरठ से ज्योतिष शास्त्र एवं वास्तु शास्त्र की शिक्षा ग्रहण की है. वे AstroSage और Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म के साथ भी काम कर चुके हैं. उन्होंने Semrush Academy से 'Content Marketing Essentials for SEO and AI Search with Semrush' सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है.

नई पीढ़ी के पाठकों के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे प्रारूप पर काम किया है. इसमें पढ़ाई, नौकरी, रिश्तों और रोजमर्रा के फैसलों से जुड़े सवालों को राशिफल में जगह दी गई है. उनके लेख धार्मिक परंपराओं से जुड़े उन प्रश्नों पर भी केंद्रित होते हैं, जो बदलती जीवनशैली में सामने आते हैं.

वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष, शकुन शास्त्र और वास्तु उनके अध्ययन एवं लेखन के विषय हैं. उनका मानना है, 'ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है.'

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है.

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