एक्सप्लोरर

सोयाबीन में बढ़ा बीमारी का खतरा? एक्सपर्ट्स से जानें बचाव के उपाय

सोयाबीन की फसल में कई तरह की बीमारी और कीट लगने से पौधों की बढ़वार और पैदावार पर असर पड़ जाता है. इसलिए समय रहते पहचान और सही बचाव से फसल को बचाया जा सकता है.

 सोयाबीन मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में में सबसे ज्यादा उगाई जाने वाली फसल है. और इसका उत्पादन भी यहां अच्छी मात्रा में होता है. इसलिए यहां के किसानो की यह फसल पहली पसंद है. लेकिन सोयाबीन की फसल में बीमारी की चिंता भी लगी रहती है. बारिश और मौसम में बदलाव के कारण बीच खेत में ज्यादा नमी रहने पर कुछ बीमारियों और कीटों का खतरा बढ़ सकता है. अगर शुरुआत में ही आप सोयाबीन की फसल में बीमारी और कीटों की पहचान कर ली जाएं. तो फसल में कम नुकसान हो सकता है. सोयाबीन की पत्तियों का रंग बदलना, पत्तियों पर धब्बे आना, पौधे का कमजोर होना या तने और जड़ों के पास सड़न दिखाई देना ये कुछ ऐसे संकेत हैं जिन पर किसान को ध्यान देना चाहिए.

सबसे पहले खेत में फसल को ध्यान से देखें

सोयाबीन की फसल में बीमारी या कीट का असर अचानक से पूरे खेत में नहीं फैलता. उसकी शुरुआत  कुछ पौधों या कुछ हिस्सों में ही दिखाई देती है. इसलिए किसान को समय-समय पर खेत में जाकर पौधों की पत्तियों, तने और जड़ों को देखना चाहिए. अगर पत्तियों पर धब्बे दिखाई दें, पौधे मुरझाने लगें या तने के पास सड़न नजर आए तो इसे  छोड़ना नहीं चाहिए. शुरुआत के समय में समस्या पकड़ में आने पर किसान सही सलाह लेकर अपनी फसल को बचा सकता है.

 पीला मोजेक जैसी बीमारी से रहें सावधान

सोयाबीन में पीला मोजेक एक गंभीर बीमारी होती है. इसमें पत्तियों पर पीले और हरे रंग के अलग-अलग हिस्से दिखाई देने लगते हैं. ICAR की सलाह के अनुसार यह बीमारी सफेद मक्खी के जरिए फैलती है. इसलिए खेत में सफेद मक्खी दिखाई देने पर ध्यान रखना जरूरी है. किसान को अपनी फसल में बीमारी के लक्षण दिखने पर स्थानीय कृषि विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए, ताकि सही बीमारी की पहचान जल्दी की जा सके.

यह भी पढ़ें : नहीं मिले फसल के सही दाम, यह सरकारी योजना आएगी किसानों के काम

बीज उपचार से शुरुआत में ही करें बचाव

सोयाबीन की फसल को बीमारी से बचाने का काम बुवाई से पहले भी शुरू किया जाता है. बुवाई से पहले बीज इसके लिए खेत और फसल की स्थिति के अनुसार कृषि विशेषज्ञ द्वारा बताई गई दवा या जैविक उपचार का इस्तेमाल किया जा सकता है. बीज उपचार से शुरुआती स्तिथि में बीज और पौधों से जुड़ी कुछ बीमारियों का खतरा कम करने में मदद मिल जाती है. इसलिए किसान को बिना जानकारी के सीधे दवा नहीं डालना चाहिए.

खेत में पानी जमा न होने दें

सोयाबीन के खेत में जरूरत से ज्यादा पानी जमा रहना भी अच्छा नही होता है. लगातार गीली मिट्टी में पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंचता है और कुछ बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए खेत में पानी निकलने की सही व्यवस्था रखना जरूरी है. वहीं दूसरी तरफ फूल आने और फलियां बनने के समय पानी की कमी भी फसल को नुकसान पहुंचा सकती है. ICAR की सलाह के अनुसार इस समय फसल की जरूरत के हिसाब से सिंचाई करनी चाहिए.

बीमारी दिखे तो खुद से कोई भी दवा न डालें

किसान को पौधे में बीमारी दिखते ही कोई भी कीटनाशक या फफूंदनाशक अपनी तरफ से ज्यादा मात्रा में नहीं डालना चाहिए. अलग-अलग बीमारी और कीट के अलग- अलग कीटनाशक होते है. ICAR की सलाह में भी सोयाबीन की अलग समस्याओं के लिए अलग-अलग उपाय बताएं गए है. इसलिए पहले बीमारी की सही पहचान करना और फिर कीटनाशक डालना सही रहता है.

यह भी पढ़ें : कैसे करें सॉल्ट फार्मिंग, इसके लिए क्या होना जरूरी

Bhumika Panwar ABP News की Lifestyle डेस्क पर डिजिटल मीडिया इंटर्न के तौर पर काम कर रही हैं. वह Mandsaur University से बीए जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री कर रही हैं. ABP News में वह आर्टिकल और वेब स्टोरी लिखने का काम कर रही हैं, जिससे उन्हें डिजिटल मीडिया में काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है. उन्हें हिंदी में कंटेंट लिखने और नई जानकारी जुटाने में रुचि है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

24वीं किस्त से पहले चेक करें ये डिटेल्स, वरना अटक सकता है PM Kisan का पैसा
24वीं किस्त से पहले चेक करें ये डिटेल्स, वरना अटक सकता है PM Kisan का पैसा
बारिश ने बर्बाद कर दी फसल? इन तरीकों से किसान कर सकते हैं नुकसान की भरपाई
बारिश ने बर्बाद कर दी फसल? इन तरीकों से किसान कर सकते हैं नुकसान की भरपाई
घर में करी पत्ता लगाने का सही मौसम क्या? इन गलतियों से बचना जरूरी
घर में करी पत्ता लगाने का सही मौसम क्या? इन गलतियों से बचना जरूरी
मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से कट जाएगा नाम! इस बात का ख्याल रखें किसान भाई
मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से कट जाएगा नाम! इस बात का ख्याल रखें किसान भाई
Advertisement

वीडियोज

बीवी की बेवफाई....पति का गुस्सा !
Rahul Gandhi पर पुलिस का एक्शन! हिरासत में लेकर बस में बैठाया
प्रेमानंद महाराज के यहां जाने पर मिले 5 करोड़?
विपक्ष का प्रदर्शन...कांग्रेस ने किया 'हाइजैक' ?
त्योहारों से पहले RBI का बड़ा झटका! महंगा हुआ Loan, बढ़ी Repo Rate
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर दिल्ली पुलिस ने की FIR, क्या है आरोप?
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर दिल्ली पुलिस ने की FIR, क्या है आरोप?
'वो राम मंदिर जाएंगे या नहीं...', अखिलेश के अयोध्या दौरे पर बोले चिराग पासवान
'वो राम मंदिर जाएंगे या नहीं...', अखिलेश के अयोध्या दौरे पर बोले चिराग पासवान
CJP के आंदोलन से पहले अभिजीत दीपके की चेतावनी- 'तुम्हारे पास ताकत, लेकिन सड़कें...'
CJP के आंदोलन से पहले अभिजीत दीपके की चेतावनी- 'तुम्हारे पास ताकत, लेकिन सड़कें...'
'भारतीय सिनेमा ने खोया बेमिसाल एक्टर', नाना पाटेकर के निधन पर मुख्यमंत्रियों-दिग्गज नेताओं ने जताया शोक
'भारतीय सिनेमा ने खोया बेमिसाल एक्टर', नाना पाटेकर के निधन पर मुख्यमंत्रियों-दिग्गज नेताओं ने जताया शोक
SA20 ऑक्शन में सबसे महंगा बिका स्कूल में पढ़ने वाला 18 साल का बच्चा, लगी रिकॉर्ड बोली
SA20 ऑक्शन में सबसे महंगा बिका स्कूल में पढ़ने वाला 18 साल का बच्चा
किसने दिया नाना पाटेकर को राजनीति में आने का ऑफर, कौन नेता था पसंद?
किसने दिया नाना पाटेकर को राजनीति में आने का ऑफर, कौन नेता था पसंद?
'कलेजे पर जैसे बिजली गिर पड़ी है', नाना पाटेकर के निधन से टूटे रितेश देशमुख
'कलेजे पर जैसे बिजली गिर पड़ी है', नाना पाटेकर के निधन से टूटे रितेश देशमुख
जयपुर में किसानों का आंदोलन, सरकार ने मान लीं सभी मांगें; टोल से हटे किसान
जयपुर में किसानों का आंदोलन, सरकार ने मान लीं सभी मांगें; टोल से हटे किसान
Embed widget