एक्सप्लोरर

मंडियों में कम आ रहा है सरसों, आने वाले कुछ महीनों मे बढ़ सकती है कीमत

Mustard: इन दिनों सरसों की खेती करने वाले किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है. कम दाम मिलने की वजह से अधिकतर किसान निराश हो रहे हैं, इस साल सरसों की आवक बाकी साल के मुकाबले 22 फीसदी कम हुई है.

खेती करने वाले किसान सीजन के अनुसार खेती करते हैं. ऐसे में कुछ लोग सरसों की भी खेती करते हैं. अगर आपने भी इस बार सरसों की खेती की है, तो यह खबर आपके लिए है. आज हम आपको सरसों के दाम और इसके भाव कम होने के क्या कारण है ये भी बताएंगे.

सरकार ने तय किया एमएसपी  

बता दें कि इस बार सरकार ने सरसों का एमएसपी यानी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) 5,650 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. लेकिन किसानों को इस बार 4 हजार से 5 हजार ही मिल रहे हैं. इस साल कम दाम मिलने की वजह से अधिकतर किसान परेशान हो रहे हैं.

सरसों का दाम

कृषि मंत्रालय के मुताबिक इस साल यानी 2024 में 1 से 18 मई तक 1,67,992 मीट्रिक टन सरसों बिकने के लिए आई है. लेकिन यह पिछले साल 2022 और 2023 के मुकाबले काफी कम है. बात करें 2023 की तो सरसों 2,15,278 टन और 2022 में 2,39,615 टन सरसों बिकी थी. अगर इस साल की बात करें, तो सरसों का दाम 5101.78 रुपये प्रति क्विंटल है, जो पिछले दो सालों से काफी कम है.

सरसों को किया स्टोर

हालांकि किसानों को अभी भी उम्मीद है कि इस साल के अंत तक उन्हें अच्छा दाम मिल सकता है. इसीलिए कुछ किसानों ने अभी सरसों को बेचने के बजाय स्टोर कर रखा है. ताकि अगर आने वाले दिनों में भाव बढ़ते हैं, तो उन्हें नुकसान के बदले मुनाफा होगा. इस साल किसानों को सरसों की खेती पर नुकसान हुआ है क्योंकि पिछले साल के मुकाबले सरसों की आवक इस साल 22 फीसदी कम हुई है.

सूरजमुखी तेल का आयात

इस साल खाद्य तेलों का आयात शुल्क बहुत कम है जिससे इसके दाम सस्ते हो गए हैं. इसके अलावा सूरजमुखी तेल का आयात भारी मात्रा में हो रहा है जिससे सरसों की मांग कम हो गई है. बता दे कि यह स्थिति अस्थाई हो सकती है सरकार कभी भी शुल्क बढ़ा सकती है या अन्य उपाय भी खोज सकती है.

यह भी पढ़ें-  इस पेड़ की लकड़ी एक बार में बना देगी करोड़पति, जानिए कैसे तैयार करें इसका बिजनेस प्लान

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

PM Kisan Installment: कब आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त? जानें कैसे चेक कर पाएंगे स्टेटस
कब आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त? जानें कैसे चेक कर पाएंगे स्टेटस
कम जगह में लगाएं ये 3 खुशबूदार पौधे, रात में मिलेगी नेचुरल फ्रेगरेंस
कम जगह में लगाएं ये 3 खुशबूदार पौधे, रात में मिलेगी नेचुरल फ्रेगरेंस
अब बाजार नहीं, घर पर उगाएं सेहत से भरा पपीता; जानें आसान तरीका
अब बाजार नहीं, घर पर उगाएं सेहत से भरा पपीता; जानें आसान तरीका
घर पर कैसे उगा सकते हैं कीवी? एक क्लिक में जान लें बेहद आसान तरीका  
घर पर कैसे उगा सकते हैं कीवी? एक क्लिक में जान लें बेहद आसान तरीका  

वीडियोज

UP News: Hathras में भयंकर सड़क हादसा Etah-Aligarh Highway पर स्कॉर्पियो ने बाइक में मारी टक्कर
Chitra Tripathi: बेटे Nishant की लॉन्चिंग के लिए Nitish Kumar ने BJP को सौंपी सत्ता? | JDU | Bihar
Bharat Ki Baat: बिहार में BJP से CM की रेस में कौन आगे, क्या होगा फॉर्मूला? | Nitish Kumar | JDU
Sandeep Chaudhary: बिहार का CM कौन...BJP क्यों है मौन? | Nitish Kumar | Bihar | BJP | JDU
Bihar Politics: दिल्ली में Nitish Kumar..बिहार में BJP? निषाद या महिला कौन होगी मुख्यमंत्री? | JDU

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'...तो मैं उनकी उंगली काट देता', बंगाल में चुनाव से पहले ममता बनर्जी के सांसद की CEC ज्ञानेश कुमार को धमकी!
'...तो मैं उनकी उंगली काट देता', बंगाल में चुनाव से पहले TMC सांसद की CEC ज्ञानेश कुमार को धमकी!
फांसी घर विवाद: विशेषाधिकार समिति के सामने पेश हुए अरविंद केजरीवाल, 'मुझे खुशी होती अगर...'
फांसी घर विवाद: विशेषाधिकार समिति के सामने पेश हुए अरविंद केजरीवाल, 'मुझे खुशी होती अगर...'
ओटीटी पर हिंदी वर्जन में रिलीज हुई प्रभास की 'द राजा साब', जाने कहां देख सकेंगे फिल्म
ओटीटी पर हिंदी वर्जन में रिलीज हुई प्रभास की 'द राजा साब', जाने कहां देख सकेंगे फिल्म
हिजबुल्लाह-हूती और हमास से बैलिस्टिक मिसाइल तक... सद्दाम हुसैन के बाद ईरान ने खुद को जंग के लिए कैसे किया था तैयार?
प्रॉक्सी नेटवर्क से बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन तक... सद्दाम हुसैन के बाद ईरान ने खुद को कैसे किया था तैयार?
IND vs NZ: क्या फाइनल में न्यूजीलैंड को हरा सकता है भारत? आंकड़ों से समझिए टीम इंडिया की जीत के कितने प्रतिशत चांस
क्या फाइनल में न्यूजीलैंड को हरा सकता है भारत? आंकड़ों से समझिए टीम इंडिया की जीत के कितने प्रतिशत चांस
'भारत क्या किसी का गुलाम है, उनकी हिम्मत...' अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने की दी छूट तो भड़के ओवैसी
'भारत क्या किसी का गुलाम, उनकी हिम्मत...' अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने की दी छूट तो भड़के ओवैसी
क्या US-इजरायल के हमले का कानूनन विरोध जता सकता है ईरान? यूएन चार्टर के हिसाब से जानें अधिकार
क्या US-इजरायल के हमले का कानूनन विरोध जता सकता है ईरान? यूएन चार्टर के हिसाब से जानें अधिकार
कितनी मुश्किल है IAS बनने वाले कैंडिडेट्स को मिलने वाली LBSNAA ट्रेनिंग? इसके बारे में जानें सबकुछ
कितनी मुश्किल है IAS बनने वाले कैंडिडेट्स को मिलने वाली LBSNAA ट्रेनिंग? इसके बारे में जानें सबकुछ
Embed widget