मोरिंगा की खेती करने में कितना लगता है पैसा? जान लें एक फसल में होने वाला मुनाफा
Moringa Farming Tips: मोरिंगा की खेती कम पानी और बंजर जमीन में भी बंपर मुनाफा देती है. महज 6-8 महीने में तैयार होने वाली इस फसल से सालाना 4-6 लाख रुपये तक की कमाई हो सकती है.

Moringa Farming Tips: गर्मियां दस्तक देने को तैयार हैं और ऐसे में किसान भाइयों के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है कम पानी में ऐसी फसल चुनना जो जेब खाली न करे बल्कि बंपर मुनाफा दे. अगर आपकी जमीन बंजर या कम उपजाऊ है. तो फिक्र छोड़िए क्योंकि सहजन यानी मोरिंगा जिसे ड्रमस्टिक भी कहते हैं आपकी सूखी जमीन को सोना' उगलने वाली मशीन बना सकता है.
इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे नाममात्र के पानी की जरूरत होती है और यह खराब से खराब जमीन में भी तेजी से लहलहाने लगता है. सहजन सिर्फ एक पेड़ नहीं. बल्कि औषधियों का खजाना है. जिसमें दूध से ज्यादा कैल्शियम और संतरे से अधिक विटामिन-सी मिलता है. बाजार में इसके पाउडर और फलियों की बढ़ती डिमांड इसे आज के दौर का सबसे मुनाफे वाला एग्री-बिजनेस बनाती है.
मोरिंगा की खेती में कितनी आती है लागत
किसी भी नई खेती को शुरू करने से पहले सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर जेब से कितना पैसा लगेगा. सहजन यानी मोरिंगा की खेती की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें शुरुआती निवेश काफी कम है और रखरखाव का खर्च भी नाममात्र का होता है. एक एकड़ में खेती शुरू करने के लिए आपको मुख्य रूप से बीजों की खरीद, खेत की तैयारी और खाद पर ही खर्च करना पड़ता है. चूंकि यह एक बहुवर्षीय फसल है. इसलिए आपको हर साल बीज खरीदने या दोबारा बुवाई करने की टेंशन नहीं रहती. जिससे आने वाले सालों में लागत और भी घट जाती है:
- एक एकड़ के लिए अच्छी वैरायटी के बीजों और खेत की तैयारी पर शुरुआती खर्च लगभग 15000 से 20000 रुपये तक आता है.
- सिंचाई के लिए ड्रिप सिस्टम लगाने पर वन-टाइम इन्वेस्टमेंट होता है. जिस पर सरकार से भारी सब्सिडी भी मिल जाती है.पारंपरिक फसलों के मुकाबले इसमें कीटनाशकों और लेबर का खर्च बहुत कम है, जिससे किसान का शुद्ध मुनाफा बढ़ जाता है.
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दवाइयों से लेकर पशु चारे तक हर जगह डिमांड
सहजन का हर हिस्सा पत्ती, फूल और फली बाजार में बिकने के लिए तैयार रहता है. विशेषज्ञों की मानें तो इसमें केले से कई गुना ज्यादा पोटेशियम होता है. जो इसे सुपरफूड की कैटेगरी में खड़ा करता है. यही वजह है कि इसका इस्तेमाल न केवल लजीज सब्जियां बनाने में, बल्कि आयुर्वेदिक दवाइयां, पशु चारा और ऑर्गेनिक कीटनाशक तैयार करने में भी खूब हो रहा है.
- सहजन में दूध से ज्यादा कैल्शियम और संतरे से कहीं अधिक विटामिन-सी पाया जाता है जो इसे औषधीय खजाना बनाता है.
- इसकी पत्तियों और फलियों का उपयोग हाई ब्लड प्रेशर, गठिया और शरीर की सूजन जैसी बीमारियों के इलाज में होता है.
- बाजार में इसके पाउडर की भारी मांग है, जिससे किसान पत्तियों को सुखाकर और पैक करके एक्स्ट्रा कमाई कर रहे हैं.
निवेश एक बार और मुनाफा बार-बार
सहजन की खेती में पैसा लगाना एक सुरक्षित फिक्स्ड डिपॉजिट जैसा है. जो महज 6 से 8 महीने के भीतर ही फल और फूल देना शुरू कर देता है. खाद प्रबंधन की बात करें तो प्रति हेक्टेयर 10-15 टन गोबर की खाद और नाइट्रोजन-फास्फोरस का सही बैलेंस इसकी ग्रोथ को कई गुना बढ़ा देता है. एक हेक्टेयर भूमि से आप आराम से 15 से 25 टन तक की पैदावार ले सकते हैं.
- एक हेक्टेयर की फसल से किसान भाई सालाना 4 लाख से 6 लाख रुपये तक की शानदार कमाई कर सकते हैं.
- बुवाई के महज 6 से 8 महीने बाद ही फसल तैयार हो जाती है, जिससे बहुत जल्द रिटर्न मिलना शुरू हो जाता है.
- बेहतर पैदावार के लिए प्रति हेक्टेयर 10-15 टन गोबर की खाद के साथ नाइट्रोजन और फास्फोरस का सही मिक्सचर इस्तेमाल करें.
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Source: IOCL




























