एक्सप्लोरर

किसानों को ये फसल देगी 4 महीने में 2 लाख रुपये, जानें पूरा बिजनेस प्लान

Ashwagandha Farming Tips: अश्वगंधा की खेती से किसान 4-5 महीने में 2 लाख तक कमा सकते हैं. कम लागत और हाई डिमांड के चलते यह खेती किसानों की आय बढ़ाने का सबसे बढ़िया बिजनेस प्लान है.

Ashwagandha Farming Tips: आजकल खेती का मतलब सिर्फ गेहूं या धान उगाना नहीं रह गया है. बल्कि स्मार्ट किसान अब पारंपरिक फसलों के बजाय औषधीय खेती (Medicinal Farming) की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं. अगर आप कम लागत में बंपर कमाई करना चाहते हैं. तो अश्वगंधा की खेती आपके लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है. इस फसल से महज 4 से 5 महीने में किसान भाई करीब 1.5 से 2 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं. 

सबसे अच्छी बात यह है कि अश्वगंधा की जड़ें, बीज और तने, तीनों ही बाजार में अच्छे दाम पर बिकते हैं. अगर आपके पास बंजर या कम उपजाऊ जमीन है. तो भी घबराने की बात नहीं है. क्योंकि यह फसल खराब मिट्टी में भी सोना उगलने की ताकत रखती है. जान लीजिए इसका पूरा बिजनेस प्लान.

अश्वगंधा की खेती का सही तरीका

अश्वगंधा की खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बहुत ज्यादा सिंचाई या देखरेख की जरूरत नहीं पड़ती. यह देर से खरीफ (Late Kharif) के मौसम में बोई जाने वाली फसल है. जिसे ऐसे खेत में लगाना चाहिए जहां जलभराव की दिक्कत न हो. बुवाई के लिए आप सीधे खेत में 5 किलो बीज का छिड़काव कर सकते हैं. 

या फिर नर्सरी तैयार करके भी पौधे लगा सकते हैं. नर्सरी वाले तरीके में केवल डेढ़ से दो किलो बीज ही काफी होते हैं. वैज्ञानिक सलाह देते हैं कि खेत में नमी तो हो लेकिन पानी जमा न हो. क्योंकि ज्यादा पानी जड़ों को सड़ा सकता है. एक एकड़ की खेती से लगभग 3 क्विंटल तक सूखी जड़ें प्राप्त की जा सकती हैं. जो मार्केट में हाथों-हाथ बिकती हैं.

  • अश्वगंधा की बुवाई के लिए जल निकासी वाली दोमट या बलुई मिट्टी सबसे बेस्ट मानी जाती है.
  • नर्सरी तकनीक अपनाने से बीजों की बचत होती है और पौधों की ग्रोथ भी बेहतर तरीके से मैनेज की जा सकती है.
  • इसमें कीटों का हमला बहुत कम होता है. जिससे कीटनाशकों पर होने वाला खर्च लगभग जीरो हो जाता है.

यह भी पढ़ें: अगर किसानों को मिले MSP से कम दाम, तो सरकार देगी बाकी पैसा, जान लें कैसे ले सकते हैं फायदा

जानें कैसे और कितनी होगी कमाई?

अश्वगंधा की खेती में निवेश बहुत कम करना पड़ता है. जबकि रिटर्न काफी अच्छा मिलता है. एक एकड़ में खेती की कुल लागत बीज, जुताई और खाद मिलाकर काफी लिमिटेड रहती है. लेकिन जब फसल 4-5 महीने में तैयार होती है. तो मुनाफे के आंकड़े चौंकाने वाले होते हैं. बाजार में अश्वगंधा की अच्छी क्वालिटी की जड़ों का रेट 300 रुपये से 400 रुपये प्रति किलो तक मिल जाता है.

जिससे केवल जड़ों से ही 1 रुपये लाख से ऊपर की कमाई हो जाती है. जड़ों के अलावा इसके बीजों और सूखे तनों को बेचकर भी किसान भाई एक्स्ट्रा मुनाफा कमा लेते हैं. जिससे कुल मुनाफा 2 लाख रुपये तक पहुंच सकता है:

  • एक एकड़ खेत से लगभग 3 क्विंटल तक सूखी जड़ें और साथ ही भारी मात्रा में बीज प्राप्त होते हैं.
  • जड़ों को उनकी मोटाई के आधार पर ए, बी और सी ग्रेड में बांटकर बेचने से बाजार में ऊंचे दाम मिलते हैं.
  • हाई डिमांड वाली मेडिसिनल फसल और च्यवनप्राश जैसी चीजों में इस्तेमाल के चलते इसकी बिक्री की टेंशन कभी नहीं रहती.
  • आयुर्वेद और हर्बल प्रोडक्ट्स की बढ़ती लोकप्रियता के कारण बड़े-बड़े ब्रांड्स सीधे किसानों से कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के लिए भी तैयार रहते हैं.

यह भी पढ़ें: ऐसे स्टोर करेंगे लहसुन तो सालों साल नहीं होगा खराब, जान लें तरीका

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

क्या एसटी-एससी की जमीन जनरल में करा सकते हैं शिफ्ट, कितना आता है खर्च?
क्या एसटी-एससी की जमीन जनरल में करा सकते हैं शिफ्ट, कितना आता है खर्च?
पशु बीमा योजना में गाय-भैंस का कराएं बीमा, जानें प्रोसेस
पशु बीमा योजना में गाय-भैंस का कराएं बीमा, जानें प्रोसेस
Highest Subsidy In Livestock: बकरी, मुर्गी या मछली पालन... सबसे ज्यादा सब्सिडी किसमें?
बकरी, मुर्गी या मछली पालन... सबसे ज्यादा सब्सिडी किसमें?
Choosing Healthy Nursery Plants: नर्सरी से पौधा खरीद रहे हैं, इन बातों का रखें ध्यान
नर्सरी से पौधा खरीद रहे हैं, इन बातों का रखें ध्यान

वीडियोज

सड़क पर गर्लफ्रेंड के साथ दरिंदगी!
Ram Kapoor का दर्दनाक खुलासा: Father ने पूछा
USA IRAN : कभी युद्ध शुरू करते, कभी बंद करते! ट्रंप क्या चाहते? |ABPLIVE
Bollywood News: 'फौजी' ने पकड़ी रफ्तार! 3 अगस्त से प्रभास की वापसी, दिसंबर रिलीज पर नजर (27.07.26)
Mannat: Mannat का मंडप में धमाकेदार हंगामा! धुएं के बीच रुकी Manyata-Vikrant की शादी

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘भारतीय सेना आकर हमें...’, PoK से किसने भेजा भारत को तगड़ा मैसेज?
‘भारतीय सेना आकर हमें...’, PoK से किसने भेजा भारत को तगड़ा मैसेज?
पप्पू यादव ने चीन का जिक्र कर किया बड़ा दावा, बताया कैसे पेपर लीक रोके सरकार
पप्पू यादव ने चीन का जिक्र कर किया बड़ा दावा, बताया कैसे पेपर लीक रोके सरकार
अचानक संसद क्यों पहुंचे NSA अजीत डोभाल, क्या है बड़ी वजह?
अचानक संसद क्यों पहुंचे NSA अजीत डोभाल, क्या है बड़ी वजह?
टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 6 ओपनर, पहले नंबर पर कौन
टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 6 ओपनर, पहले नंबर पर कौन
'वो मुझे पिता नहीं मानती', पलक को लेकर बोले राजा चौधरी, बेटी के इब्राहिम अली संग अफेयर के रूमर्स पर कही ये बात
'वो मुझे पिता नहीं मानती', पलक को लेकर छलका राजा चौधरी का दर्द
'भारतीय जहाजों पर हमले...', UNSC में आगबबूला हुआ भारत, दी वॉर्निंग
'भारतीय जहाजों पर हमले...', UNSC में आगबबूला हुआ भारत, दी वॉर्निंग
क्या फिर मारेंगे पलटी! ओम प्रकाश राजभर ने कर दी राहुल गांधी की तारीफ
क्या फिर मारेंगे पलटी! ओम प्रकाश राजभर ने कर दी राहुल गांधी की तारीफ
ऑस्ट्रेलिया में पढ़ना है? यहां मिल रही स्कॉलरशिप
ऑस्ट्रेलिया में पढ़ना है? यहां मिल रही स्कॉलरशिप
Embed widget