अनाज को ऐसे स्टोर करें किसान, कभी नहीं लगेगा घुन
Crop Storage Tips: फसल काटने के बाद अनाज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उसकी नमी पर ध्यान देना जरूरी है. धान को भंडारण से पहले अच्छी तरह सुखाना और उसकी नमी जांचना चाहिए.

Grain Storage Tips: फसल तैयार होने के बाद किसान की मेहनत का सबसे अहम हिस्सा शुरू होता है. खेत से अनाज घर या गोदाम तक पहुंच तो जाता है, लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ी समस्या उसे सुरक्षित रखना है. अगर अनाज में नमी ज्यादा रह जाए या उसे सही तरीके उसे न रखा जाए, तो उसमें फफूंदी लग सकती है और कीड़े भी पड़ सकते हैं. इस वजह से अनाज खराब होने लगता है जिससे किसान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.
कई बार किसान भंडारण की सही जानकारी नहीं होने से अपनी उपज को जल्दी और कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर हो जाते हैं. ऐसे में कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर अनाज को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.
भंडारण से पहले अनाज की नमी जांचें
अनाज को स्टोर करने से पहले उसमें नमी की मात्रा जांचना बहुत जरूरी है. खासकर अगर किसान धान को लंबे समय तक रखना चाहते हैं, तो उसकी नमी पर ध्यान देना चाहिए. धान में नमी 9 से 11 फीसदी के बीच रखना बेहतर माना जाता है. वहीं, अधिकतम 12 फीसदी नमी तक इसे सुरक्षित रख सकते हैं. अगर अनाज में नमी ज्यादा होगी, तो भंडारण के दौरान फफूंदी लगने और घुन जैसे कीटों के पनपने का खतरा बढ़ जाता है. इससे अनाज की क्वालिटी खराब हो सकती है और बाजार में उसकी सही कीमत मिलने में भी परेशानी आती है.
तेज धूप में 2 से 3 दिन सुखाएं अनाज
कटाई के बाद अनाज को सीधे बोरी में भरकर रखने से बचना चाहिए. सबसे पहले किसी साफ फर्श या साफ जगह पर अनाज फैलाएं. इसके बाद अच्छी धूप में उसे 2 से 3 दिन तक सुखाएं. इस साथ ही आप अनाज को बीच-बीच में पलटते रहें, ताकि वह हर तरफ से अच्छी तरह सूख सके. हालांकि, केवल दिनों की संख्या देखकर यह तय नहीं करना चाहिए कि अनाज पूरी तरह सूख गया है. मौसम, धूप और अनाज की शुरुआती नमी के हिसाब से सुखाने का समय बदल सकता है. इसलिए अनाज को भंडारण में रखने से पहले उसकी नमी जरूर जांच लें.
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दाने को दबाकर भी लगा सकते हैं अंदाजा
अगर किसान के पास नमी जांचने की मशीन नहीं है, तो कुछ आसान तरीकों से अनाज के सूखे होने का अंदाजा लगाया जा सकता है. जैसे गेहूं के दाने को दांत से दबाने पर अगर वह आसानी से टूटता है और कटने जैसी आवाज आती है, तो इसे सूखने का एक संकेत माना जा सकता है. हालांकि, यह तरीका नमी की सही मात्रा नहीं बताता.
मॉइश्चर मीटर से मिलेगी सही जानकारी
जो किसान बड़े स्तर पर खेती करते हैं या कई महीनों तक अनाज का भंडारण करना चाहते हैं, वे मॉइश्चर मीटर यानी नमी मापने वाली मशीन का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसकी मदद से अनाज में नमी की मात्रा का बेहतर अंदाजा मिलता है. बाजार में इसकी कीमत करीब 1,000 से 1,500 रुपये बताई जाती है, हालांकि मॉडल और कंपनी के हिसाब से कीमत बदल सकती है.
अनाज को अच्छी तरह सुखाकर, उसकी नमी जांचकर और फिर साफ-सूखी जगह पर रखने से फसल खराब होने का खतरा कम किया जा सकता है. इससे किसान अपनी मेहनत की कमाई बचा सकते हैं और बाजार में सही समय पर उपज बेचने का फैसला ले सकते हैं.
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