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इस सीजन में अदरक की खेती से होगी मोटी कमाई, बस नोट कर लें ये सही विधि

Ginger Cultivation Tips: अदरक की खेती करना कम जगह में भी बंपर मुनाफा कमाने का बेस्ट जरिया है. बाजार में पूरे साल अदरक की भारी डिमांड रहती है. महज एक एकड़ से भी 2 से 3 लाख रुपये की कमाई.

Ginger Cultivation Tips: अगर आप इस बार पारंपरिक फसलों से हटकर कुछ अलग और तगड़ा मुनाफा देने वाली खेती आजमाना चाहते हैं. तो अदरक की फसल से बेहतर कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है. बाजार में अदरक एक ऐसी चीज है जिसके भाव कभी मंदी की मार नहीं झेलते और इसकी डिमांड पूरे बारह महीने एक जैसी बनी रहती है. सबसे अच्छी बात यह है कि अदरक की खेती के लिए आपको किसी बहुत बड़ी जमीन की जरूरत नहीं है. 

बल्कि आप कम रकबे में भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं. अगर आप इस सीजन में सही समय पर सही तरीके से इसकी बुवाई करते हैं. तो यह फसल आपकी उम्मीद से कहीं ज्यादा बंपर रिटर्न देगी. तो चलिए आपको बताते हैं  अदरक उगाने का सही तरीका जिससे आपकी लागत आधी हो जाएगी और पैदावार एकदम बढ़िया मिलेगी.

इस तरीके से करें खेत की तैयारी 

अदरक की खेती से तगड़ी पैदावार लेने के लिए सबसे पहले मिट्टी का सही होना बेहद जरूरी है. इसके लिए जलभराव न होने वाली बलुई दोमट मिट्टी सबसे बेस्ट मानी जाती है. खेत को दो-तीन बार अच्छी तरह जोतकर मिट्टी को भुरभुरा बना लें और उसमें भारी मात्रा में सड़ी हुई गोबर की खाद या केंचुआ खाद जरूर मिलाएं. 

ऐसे करें बीज का चुनाव

अब बात आती है सबसे जरूरी चीज यानी बीज की. हमेशा किसी भरोसेमंद जगह से ही अदरक के स्वस्थ कंद खरीदें, जिनमें कम से कम दो-तीन आंखें उभरी हुई हों. बुवाई करने से ठीक पहले इन कंदों को फफूंदनाशक दवा से उपचारित करना बिल्कुल न भूलें जिससे भविष्य में फसल को किसी भी तरह की फंगस या बीमारी का खतरा न रहे.

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बुवाई का सही टेक्निक 

अदरक को हमेशा बेड बनाकर यानी उठी हुई क्यारियों पर ही लगाना चाहिए. इससे कंदों को फैलने के लिए अच्छी जगह मिलती है और बारिश का एक्स्ट्रा पानी भी आसानी से निकल जाता है. कंदों को करीब 4-5 सेंटीमीटर की गहराई पर लगाएं और लाइनों के बीच कम से कम एक फीट की दूरी जरूर रखें. 

इतना होगा मुनाफा

अदरक की फसल को तैयार होने में लगभग 8 से 9 महीने का समय लगता है, लेकिन इसके बाद जो मुनाफा होता है वह सारी मेहनत वसूल कर देता है. अगर आप सही विधि से एक एकड़ में भी अदरक लगा लेते हैं, तो खर्च काटकर आसानी से 2 से 3 लाख रुपये तक की मोटी कमाई सीधे आपकी जेब में आ सकती है.

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About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

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