डेयरी का बिजनेस करना है तो कौन-सी भैंस रहेगी बेस्ट, जानें कितना पैसा होना जरूरी?
Dairy Farming Business: डेयरी बिजनेस को सफल बनाने के लिए सही नस्ल का चुनाव सबसे जरूरी है. जान लीजिए कैसे आप इस एवरग्रीन सेक्टर में कम निवेश के साथ शानदार मुनाफा कमा सकते हैं.

Dairy Farming Business: डेयरी का बिजनेस आज के वक्त का एक बढ़िया स्टार्टअप बन चुका है. क्योंकि दूध की डिमांड कभी कम नहीं होती. अगर आप भी इस फील्ड में उतरने का मन बना रहे हैं. तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि यह सिर्फ जानवर पालने का काम नहीं. बल्कि एक प्रॉपर मैनेजमेंट वाला बिजनेस है.
एक सफल डेयरी फार्म के लिए सही नस्ल की भैंस का चुनाव और शुरुआती बजट का सही कैलकुलेशन ही आपकी कामयाबी तय करता है. मार्केट में दूध की बढ़ती कीमतों के बीच अगर आप स्मार्ट प्लानिंग के साथ शुरुआत करते हैं. तो मोटा मुनाफा कमाना मुश्किल नहीं है. चलिए आपको बताते हैं कि डेयरी बिजनेस शुरू करने का सही तरीका क्या है.
बेस्ट नस्ल का चुनाव
डेयरी बिजनेस की जान होती है भैंस की नस्ल और जब बात सबसे ज्यादा दूध देने वाली भैंस की आती है. तो मुर्रा नस्ल का कोई मुकाबला नहीं है. इसे अक्सर ब्लैक गोल्ड भी कहा जाता है. क्योंकि यह रोजाना 15 से 20 लीटर तक दूध आसानी से दे सकती है. इसके अलावा आप भदावरी या जाफराबादी जैसी नस्लों पर भी विचार कर सकते हैं.
जिनके दूध में फैट की मात्रा काफी अच्छी होती है. सही नस्ल चुनने का फायदा यह है कि कम जानवरों के साथ भी आप ज्यादा आउटपुट ले सकते हैं. भैंस खरीदते वक्त उसकी उम्र, पिछली बार की दूध देने की क्षमता और उसकी सेहत की जांच किसी एक्सपर्ट से जरूर करा लेनी चाहिए.
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शुरुआती इन्वेस्टमेंट और बजट की प्लानिंग
किसी भी बिजनेस की तरह डेयरी फार्मिंग में भी शुरुआती पूंजी की जरूरत होती है. अगर आप छोटे स्तर पर 2 से 5 भैंसों के साथ शुरुआत करना चाहते हैं. तो आपको कम से कम 5 से 8 लाख रुपये का बजट लेकर चलना चाहिए. इसमें भैंसों की कीमत के साथ-साथ उनके रहने के लिए शेड, चारे की मशीन और पानी का इंतजाम शामिल होता है.
एक अच्छी मुर्रा भैंस की कीमत आज के समय में 80 हजार से 1.5 लाख रुपये तक हो सकती है. हालांकि अच्छी बात यह है कि सरकार नाबार्ड (NABARD) जैसी योजनाओं के जरिए डेयरी बिजनेस के लिए भारी सब्सिडी और आसान लोन भी उपलब्ध कराती है. जिससे आपका बोझ काफी कम हो जाता है.
मैनेजमेंट, चारे का खर्च और कमाई
डेयरी बिजनेस में मुनाफा तभी टिकता है जब आपका मैनेजमेंट और फीडिंग कॉस्ट कंट्रोल में हो. भैंसों को संतुलित आहार देना जरूरी है जिसमें सूखा चारा, हरा चारा और पशु आहार का सही मिश्रण हो जिससे दूध की क्वालिटी बनी रहे. साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें क्योंकि गंदगी से बीमारियां फैलने का खतरा रहता है जिससे सीधा नुकसान होता है.
कमाई की बात करें तो दूध बेचने के अलावा आप घी, पनीर और दही जैसे वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स बनाकर अपने प्रॉफिट को दोगुना कर सकते हैं. इसके साथ ही गोबर से वर्मी कंपोस्ट तैयार करना भी कमाई का एक अच्छा जरिया बन सकता है जो आपके डेयरी फार्म को एक सस्टेनेबल मॉडल बनाता है.
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