हाँ, बांस के पौधों के बीच खाली जगह में हल्दी, अदरक, उड़द, मूंग या कोई मौसमी सब्जी उगाकर अतिरिक्त आय प्राप्त की जा सकती है। इससे मुख्य फसल तैयार होने तक भी किसान को लाभ होता है।
बांस की खेती से कितनी कमाई होती है? जानें 1 एकड़ का हिसाब
Bamboo Cultivation: बांस की खेती से 1 एकड़ में बंजर जमीन पर भी हर साल कितनी कमाई की जा सकती है? जान लीजिए इसकी लागत का खर्च और कमाई का पूरा कैलकुलेशन.

- खाली जगह में सह-फसल, बाजार में निरंतर मांग।
Bamboo Cultivation: अगर आपके पास ऐसी जमीन है जहां पारंपरिक फसलें अच्छा उत्पादन नहीं दे पा रही हैं तो बांस की खेती एक बढ़िया ऑप्शन बन सकती है. अगर आपके पास ऐसी जमीन है जहां पानी की किल्लत रहती है या फिर जो बंजर पड़ी हैतो बांस की खेती की तरफ कदम बढ़ाएं यह सौदा आपके लिए फायदेमंद सौदा साबित हो सकता है. आज के समय में मार्केट में बांस की डिमांड आसमान छू रही है.
और इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें बार-बार जुताई-बुवाई का कोई झंझट नहीं होता. एक बार पौधे लगा दिए तो समझ लीजिए कि आने वाले कई सालों तक लगातार कमाई का रास्ता खुल गया है. खेती के इस नए और तरीके को अपनाकर किसान कम मेहनत में अपनी आमदनी को कई गुना तक बढ़ा सकते हैं. जाने एक एकड़ में बांस की खेती में कितना खर्च आता है और कितनी कमाई हो सकती है.
बांस की खेती फायदे का सौदा
बांस को उगाने के लिए बहुत उपजाऊ जमीन या 24 घंटे पानी की जरूरत नहीं होती है. यह बंजर और पथरीली जमीन पर भी आराम से उग जाता है. सबसे बढ़िया बात यह है कि इसे मवेशी नुकसान नहीं पहुंचाते हैं. जिससे फसल की रखवाली का सिरदर्द खत्म हो जाता है. एक बार पौधे जमीन में लगा दिए.
तो शुरुआती तीन-चार साल की थोड़ी बहुत देखभाल के बाद पौधे खुद-ब-खुद मजबूत हो जाते हैं. मौसम की मार हो या सूखा, बांस का पौधा हर परिस्थिति का डटकर मुकाबला करता है. यही वजह है कि इसे आज के समय का ग्रीन गोल्ड कहा जा रहा है. जो किसानों को बिना किसी बड़े जोखिम के तगड़ा मुनाफा देता है.
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एक एकड़ में कितना खर्च आएगा?
अब बात करते हैं इसके सबसे अहम पहलू यानी खर्च और हिसाब-किताब की. अगर आप एक एकड़ जमीन पर बांस की खेती शुरू करना चाहते हैं. तो इसमें खर्चा बहुत ज्यादा नहीं आता है. एक एकड़ के खेत में लगभग 400 से 500 पौधे आसानी से लग जाते हैं. अच्छे किस्म के पौधों की खरीद, खेत की जुताई, गड्ढे खुदवाने और शुरुआती मजदूरी को मिला लें तो कुल मिलाकर शुरुआती लागत करीब 60 हजार से 90 हजार रुपए के आसपास बैठती है.
बहुत से किसानों को लगता है कि यह रकम ज्यादा है. लेकिन यहीं पर सरकार आपकी मदद के लिए आगे आती है. नेशनल बैंबू मिशन के तहत सरकार किसानों को बांस की खेती के लिए तगड़ी सब्सिडी दे रही है. जिससे आपका आधा खर्च सीधे तौर पर बच जाता है. यानी बेहद कम पूंजी लगाकर आप अपने खेत में एक मजबूत बिजनेस की नींव रख सकते हैं जो आने वाले समय में आपको मालामाल कर देगा.

कितनी हो सकती है कमाई?
कमाई की बात करें तो बांस में काफी अच्छी कमाई का स्कोप है. बांस के पौधे पूरी तरह तैयार होने में लगभग 3 से 5 साल का वक्त लेते हैं पांचवें साल से आप हर साल बांस की कटाई करके बाजार में बेच सकते हैं. एक एकड़ जमीन से आपको एक बार में 15 से 20 टन तक का शानदार उत्पादन मिल जाता है. बाजार में बांस का भाव 3000 से 5000 रुपए प्रति टन तक आसानी से मिल जाता है.
इस हिसाब से अगर देखा जाए तो एक एकड़ से आप हर साल आराम से सवा लाख से डेढ़ लाख रुपए या उससे भी ज्यादा की कमाई कर सकते हैं. और सबसे बड़ी बात यह है कि एक बार पौधा लगाने के बाद यह फसल करीब 40 साल तक लगातार पैदावार देती रहती है. यानी एक बार की मेहनत लगातार मुनाफा मिलता रहता है.

सरकारी मदद, सब्सिडी और बची हुई जगह का फायदा
- सरकारी सब्सिडी: देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ऐसी फसलों को बढ़ावा दे रही है यही वजह है कि राष्ट्रीय बांस मिशन के जरिए किसानों को पौधे खरीदने से लेकर तकनीकी प्रशिक्षण तक की पूरी सहायता दी जा रही है. जिसमें 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी सीधे मिलती है.
- खाली जगह का करें इस्तेमाल: इसके अलावा बांस के पौधों के बीच काफी खाली जगह बच जाती है. जिसे किसान बेकार नहीं जाने देते. इस खाली जगह में आप हल्दी, अदरक, उड़द, मूंग या कोई भी मौसमी सब्जी उगाकर सह-फसल का पूरा लाभ ले सकते हैं. इससे बांस की मुख्य फसल तैयार होने तक भी आपको साइड इनकम मिलती रहती है.
- इन जगहों पर डिमांड: पेपर मिलों से लेकर फर्नीचर और हैंडीक्राफ्ट उद्योग तक में बांस की डिमांड कभी कम नहीं होने वाली इसलिए इसकी मार्केटिंग में भी कभी कोई दिक्कत नहीं आती है.
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