एक्सप्लोरर

किसानों के लिए कौन-सी खाद फायदेमंद? यहां जानें

Fertilizers Using Tips खेती में बंपर पैदावार पाने के लिए सही खाद का चुनाव करना सबसे अहम है. गोबर की खाद, यूरिया, डीएपी और वर्मीकम्पोस्ट इनमें से कौन-सी खाद है सबसे सही जान लें.

Fertilizers Using Tips: खेत में अच्छी पैदावार पाने के लिए मिट्टी की सेहत अच्छी होना सबसे जरूरी है. आज के वक्त में जब जमीन का उपजाऊपन लगातार कम हो रहा है तब सही खाद चुनना किसानों के लिए बहुत जरूरी गया है. बहुत से किसान इसी बात को समझ नहीं पाते हैं कि खर्च को कम रखते हुए किस खाद का इस्तेमाल करके ज्यादा से ज्यादा पैदावार कैसे ली जाए. 

अगर आप भी चाहते हैं कि आपकी फसल को सही से पोषण मिले तो यह जानना बहुत जरूरी है कि कौन सी खाद आपके खेतों के लिए सबसे बढिया है. चलिए आपको बताते हैं  जानते हैं इन सभी खादों के बारे में विस्तार से पूरी जानकारी. 

गोबर की खाद

जब बात लंबे समय तक जमीन का उपजाऊपन बनाए रखने की आती है. तो पारंपरिक गोबर की खाद का कोई मुकाबला नहीं माना जाता है. यह नेचुरल खाद ऑर्गेनिक फार्मिंग के लिए बेस्ट है और यह मिट्टी की बनावट को सुधारने में बड़ा रोल निभाती है.

  • फायदे: गोबर की खाद मिट्टी की पानी रोकने की क्षमता यानी वाॅटर रिटेंशन कैपेसिटी को काफी हद तक बढ़ा देती है तो इसके साथ ही यह जमीन को भुरभुरा बना देती है. जिससे पौधों की जड़ें गहराई तक आसानी से फैल पाती हैं.
  • इस्तेमाल का तरीका: इस्तेमाल में कुछ चीजों का ध्यान जरूर रखें कम से कम छह महीने से एक साल पुरानी, अच्छी तरह डीकंपोज हुई गोबर की खाद का ही इस्तेमाल खेतों में करना चाहिए. कच्ची खाद डालने से दीमक लगने का रिस्क बढ़ जाता है. इसे खेत की जुताई के वक्त मिट्टी में अच्छी तरह मिक्स करना बहुत फायदेमंद होता है.

यूरिया और डीएपी

जब फसल की बुआई हो जाए तो फिर उसके समय में अच्छी ग्रोथ के लिए केमिकल फर्टिलाइजर्स में डीएपी (DAP) और यूरिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. खेती की दुनिया में इन्हें सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. 

डीएपी का इस्तेमाल: बुआई के वक्त  डीएपी देने से पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और फसल का फुटाव शानदार होता है. इसमें मौजूद फास्फोरस जड़ों के सही विकास के लिए बहुत जरूरी है.

यूरिया का इस्तेमाल: यूरिया में नाइट्रोजन भरपूर मात्रा होकी है. यह पौधों को हरा-भरा रखने और उनकी ग्रोथ में मदद करती है. हालांकि इसका इस्तेमाल हमेशा सही क्वांटिटी में ही किया जाना चाहिए. क्योंकि जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल मिट्टी की सेहत को खराब कर सकता है.


किसानों के लिए कौन-सी खाद फायदेमंद? यहां जानें

यह भी पढ़ें: बरसात में उगाएं फूलगोभी, होगी बंपर कमाई

वर्मीकम्पोस्ट

आजकल की खेती में केंचुआ खाद यानी वर्मीकम्पोस्ट किसान काफी इस्तेमाल करते हैं. यह खाद बिना किसी साइड इफेक्ट के पौधों को सभी जरूरी न्यूट्रिएंट्स एक साथ दे देती है.

खासियत: इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश के साथ-साथ कई माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स होते हैं. जो मिट्टी के अंदर गुड बैक्टीरिया और मित्र जीवों की संख्या को बढ़ाने में मदद करते हैं.

इन चीजों में इस्तेमाल: इसका इस्तेमाल सब्जी वाली फसलों, अनाज और गार्डनिंग में बेझिझक किया जा सकता है. यह पौधों की बीमारियों से लड़ने की ताकत को मजबूत करती है और फसल की क्वालिटी सुधारती है.

एनपीके और पोटाश

जब फसल पर फूल आने और फल या दाने बनने का टाइम आता है. तब पौधों को खास पोषण की जरूरत होती है. इस स्टेज पर एनपीके (NPK) और पोटाश का सही कॉम्बिनेशन किसानों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है.

पोटाश के फायदे: पोटाश डालने से फसलों के दाने और फल साइज में बड़े, वजनदार और चमकदार बनते हैं. यह पौधों को खराब मौसम और कीड़ों के अटैक से बचाने में भी हेल्प करता है.


किसानों के लिए कौन-सी खाद फायदेमंद? यहां जानें

इस बात पर ध्यान दें 

हमेशा मिट्टी की टेस्टिंग रिपोर्ट और फसल की जरूरत के हिसाब से ही एनपीके या दूसरे फर्टिलाइजर्स का चुनाव करना चाहिए. सही टाइम पर सही मात्रा में खाद देने से ही लगाई गई लागत का पूरा रिटर्न मिलता है और बंपर पैदावार होती है.

यह भी पढ़ें: सरकार दे रही ऑर्गेनिक खेती पर आर्थिक मदद, उठाएं फायदा

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा एबीपी न्यूज़ में कार्यरत हैं और फिलहाल टेक बीट संभाल रहे हैं. इससे पहले वह स्पोर्ट्ज़विकी और क्रिकएडिक्टर में सब एडिटर, इनशॉर्ट्स में हिंदी कंटेट स्पेशलिस्ट और ज़ी हिंदुस्तान और ज़ी राजस्थान में काम कर चुके हैं. पत्रकारिता के दौरान उन्होंने कई क्रिकेट मैच कवर किए हैं और क्रिकेट लाइव स्ट्रीमिंग भी होस्ट की है.

न्यूज़ और खेल के साथ नीलेश की दिलचस्पी गीत लेखन में भी है. पिछले साल उनके लिखे एक गीत को बॉलीवुड सिंगर अर्नब दत्ता की आवाज़ में रिलीज़ किया गया. पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने मुरैना के अंबाह पीजी कॉलेज से बीए की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से डिजिटल जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

ट्रैक्टर खरीदने का मौका! किसानों को मिलेगी 1 लाख रुपये की सब्सिडी
ट्रैक्टर खरीदने का मौका! किसानों को मिलेगी 1 लाख रुपये की सब्सिडी
सर्दियों में बढ़ेगी गर्मी? अल नीनो बिगाड़ सकता है गेहूं का खेल!
सर्दियों में बढ़ेगी गर्मी? अल नीनो बिगाड़ सकता है गेहूं का खेल!
किसानों की हुई चांदी! MSP से 1,700 रुपये ज्यादा मिल रहा इस फसल का भाव
किसानों की हुई चांदी! MSP से 1,700 रुपये ज्यादा मिल रहा इस फसल का भाव
दो बीघा में बो दें हरा धनिया, फिर देखें कमाल, छप्परफाड़ होगी कमाई
दो बीघा में बो दें हरा धनिया, फिर देखें कमाल, छप्परफाड़ होगी कमाई
Advertisement

वीडियोज

Sansani: दिलकश डांसर का दुश्मन दारोगा !
Regime Change की साजिश, International खुलासा!
आजम परिवार से अखिलेश यादव क्या हुई बात ?
वोट का गड़बड़झाला और विदेशी टूलकिट! विश्लेषकों का सटीक विश्लेषण
रेहान वाड्रा के साथ क्या हुआ?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
होर्मुज स्ट्रेट में 7 तेल टैंकर तबाह, ईरान की चेतावनी- 'अगर...'
होर्मुज स्ट्रेट में 7 तेल टैंकर तबाह, ईरान की चेतावनी- 'अगर...'
'वो औलाद की तरह...', अखिलेश से मुलाकात के बाद बोलीं आजम खान की पत्नी
'वो औलाद की तरह...', अखिलेश से मुलाकात के बाद बोलीं आजम खान की पत्नी
ODI के 5 सबसे बड़े रन चेज़, श्रीलंका ने इंग्लैंड के खिलाफ 430 रनों के लक्ष्य का किया पीछा
ODI के 5 सबसे बड़े रन चेज़, श्रीलंका ने इंग्लैंड के खिलाफ 430 रनों के लक्ष्य का किया पीछा
6000 रिश्ते ठुकराए, 47 की उम्र में भी सिंगल, नहीं बनना चाहते थे एक्टर, किस्से प्रभास के
एक्टर नहीं बनना चाहते थे प्रभास, 6 हजार रिश्तों को मारी ठोकर
दिल्ली: फटा नोट लेने से किया मना तो मार दिया थप्पड़, आहत डिलीवरी बॉय ने किया सुसाइड
फटा नोट लेने से किया मना तो मार दिया थप्पड़, आहत डिलीवरी बॉय ने किया सुसाइड
'कांग्रेस के मुश्किल समय में...' सोनिया गांधी की किताब को लेकर आनंद शर्मा का बयान
'कांग्रेस के मुश्किल समय में...' सोनिया गांधी की किताब को लेकर आनंद शर्मा का बयान
'भारत को निशाना बनाना मकसद नहीं', H-1B वीजा नियमों पर बोले मार्को रुबियो
'भारत को निशाना बनाना मकसद नहीं', H-1B वीजा नियमों पर बोले मार्को रुबियो
चेकपोस्ट पर पुलिस वाले ने मांगा चाय-पानी का खर्च, ट्रक वाले ने पकड़ाया कप
चेकपोस्ट पर पुलिस वाले ने मांगा चाय-पानी का खर्च, ट्रक वाले ने पकड़ाया कप
Embed widget