Parliamnet Uproar: विपक्ष की बात पर भड़के धनखड़ के जज्बात! सम्मान की लड़ाई में काम कब होगा?
क्या संसद संजीदा बहस की जगह हंगामे का केंद्र बन गई है..जहां जनता से जुड़े मुद्दे हवा हैं...और शोर शराबा, हंगामा और सदन का स्थगित होना ही राजनीति की असली दवा बन गई है.. एक ही चीज चल रही है और वो है... विपक्ष वर्सेज सरकार...तकरार ही तकरार...आज भी राज्यसभा तकरार की भेट चढ़ गई...राज्यसभा में आज सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी...चर्चा शुरु भी हुई...लेकिन अविश्वास प्रस्ताव पर बहस की सांस बीच में ही फूल गई और बहस लक्ष्य से भटक कर किसान का बेटा ...वर्सेज मजदूर का बेटा पर डायवर्ट हो गई...सत्ता पक्ष ने सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को किसान के बेटे से जोड़ दिया...उससे शुरु हुई बहस को जगदीप धनखड़ ने और हवा दे दी...उन्होंने खुद को किसान का बेटा बताते हुए विपक्ष पर अपमान के आरोप लगाए...उन्होंने कहा कि मैंने बहुत सहा है, अब नहीं सहूंगा...किसान का बेटा हूं, देश के लिए मिट जाऊंगा लेकिन झुकूंगा नहीं..






















