Monsoon Update: जुलाई की बारिश ने मचाई तबाही, उत्तराखंड-हिमाचल में भारी नुकसान
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने तबाही मचा रखी है. मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर रखा है. राज्य के अधिकांश जिलों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने, बिजली और पानी की आपूर्ति ठप होने जैसी घटनाओं ने हालात बिगाड़ दिए हैं. प्रशासन राहत और बहाली के कार्यों में जुटा हुआ है, लेकिन मौसम विभाग ने 7 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी कर चिंता और बढ़ा दी है.
पिछले 20 घंटों के दौरान प्रदेश में 05 लोगों की मौत हुई है. जबकि 5 लोग घायल हैं, 16 लोग लापता हैं, 332 लोगों का रेस्क्यू किया गया है और 9 लोग फंसे हुए हैं. 24 घर तबाह हो गए हैं, जबकि 12 गौशालाएं बह गई हैं और 30 पशुओं के पानी में बहने से मौत हुई है. 22 जगहों पर लैंडस्लाइड आए हैं. सबसे ज्यादा तबाही मंडी जिला में हुई है.
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेशभर में 406 सड़कें, 1515 ट्रांसफार्मर और 171 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं. सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में देखने को मिला है, जहां 248 सड़कें बंद हैं और 994 ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं. करसोग, थुनाग, गोहर और धर्मपुर जैसे क्षेत्रों में हालात खराब हैं.
शिमला जिले में कोटखाई, चौपाल और चिड़गांव में 32 सड़कें अवरुद्ध हैं, जबकि 103 जल योजनाएं और 45 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं. सिरमौर जिले के राजगढ़, संगड़ाह और पांवटा में 21 सड़कें बंद हैं और अकेले राजगढ़ में 350 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं.



























