स्वामी Avimukteshwaranand के Shankaracharya होने पर हो रही राजनीति?
उत्तर प्रदेश में इस वक्त संतों के नाम पर सियासत काम पर है. महाकवि सूरदास ने कहा था संतन को कहां, सीकरी सो काम. यानी संत को किसी राजा और सत्ता से क्या लेना-देना.. लेकिन उत्तर प्रदेश में जहां के मुख्यमंत्री खुद संत समाज से आते हैं. वहां पर संतों का सियासी बंटवारा हो गया है. प्रयागराज के माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का रथ वाला विवाद अब स्वामी बनाम सिस्टम का युद्ध बन गया है और इस युद्ध को समझने के लिए पहले विवाद के मूल को समझना जरुरी है..उत्तर प्रदेश में इस वक्त संतों के नाम पर सियासत काम पर है. महाकवि सूरदास ने कहा था संतन को कहां, सीकरी सो काम. यानी संत को किसी राजा और सत्ता से क्या लेना-देना.. लेकिन उत्तर प्रदेश में जहां के मुख्यमंत्री खुद संत समाज से आते हैं. वहां पर संतों का सियासी बंटवारा हो गया है. प्रयागराज के माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का रथ वाला विवाद अब स्वामी बनाम सिस्टम का युद्ध बन गया है और इस युद्ध को समझने के लिए पहले विवाद के मूल को समझना जरुरी है..




























