वंदे भारत की यह टेक्नीक कर देगी हैरान, ब्रेक लगाते ही बनती है बिजली
वंदे भारत में इलेक्ट्रो-प्न्यूमेटिक और रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है. इससे ट्रेन को तेज रफ्तार में सुरक्षित तरीके से रोकने में मदद मिलती है.

- वंदे भारत में इलेक्ट्रिक-न्यूमेटिक ब्रेकिंग, ऊर्जा भी पुनर्प्राप्त करती है.
- उच्च गति पर ट्रेन 1250 मीटर से कम में रुकती है.
- रीजनरेटिव ब्रेकिंग से मोटर ऊर्जा को बिजली में परिवर्तित करती है.
वंदे भारत को सिर्फ रफ्तार और आराम के लिए ही खास नहीं माना जाता, बल्कि इसकी ब्रेकिंग तकनीक भी काफी आधुनिक है. तेज स्पीड पर चलने वाली इस ट्रेन को जरूरत पड़ने पर जल्दी और सेफ्टी के साथ रोकने के लिए इलेक्ट्रिक और न्यूमेटिक दोनों तरह की ब्रेकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है. खास बात ये है कि ब्रेक लगाने के दौरान ट्रेन की कुछ ऊर्जा को दोबारा बिजली में बदला भी जा सकता है.
वंदे भारत में इलेक्ट्रो प्न्यूमेटिक यानी EP ब्रेक सिस्टम के साथ इलेक्ट्रिक डायनेमिक या रीजेनरेटिव ब्रेकिंग का इस्तेमाल होता है. रेलवे के तकनीकी डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, ब्रेक कमांड मिलने पर रीजेनरेटिव ब्रेकिंग को प्राथमिकता दी जाती है. जरूरत पड़ने पर प्न्यूमेटिक ब्रेक एकस्ट्रा ब्रेकिंग पावर देता है. यानी सिर्फ एक सिस्टम पर डिपेंड रहने के बजाय दोनों तकनीकों को मिलाकर ट्रेन को सेफ्टी के साथ रोकने की व्यवस्था की गई है.
यह भी पढ़े:ट्रेन टिकट बुकिंग में एक गलती और बढ़ेगी टेंशन, IRCTC ने यात्रियों को दी जरूरी सलाह
तेज रफ्तार में भी सुरक्षित रोकने की ताकत
वंदे भारत की ब्रेकिंग ताकत को हाईस्पीड को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. रेलवे की स्पेसिफिकेशन में 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर ट्रेन को इमरजेंसी ब्रेक से 1,250 मीटर से कम दूरी में रोकने की ताकत का व्यवस्था है. रीजेनरेटिव ब्रेकिंग काम नहीं करने की हालात में भी जरूरी ब्रेकिंग प्रदर्शन बनाए रखने की शर्त रखी गई है.
अगस्त 2026 में वंदे भारत पर आधारित देश की पहली फ्रेट ट्रेन का इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस EBD टेस्ट किया गया. 4 अगस्त को राजस्थान के कोटा मंडल में हुए इस टेस्ट में ट्रेन को सूखी और गीली, दोनों तरह की पटरियों पर इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोका गया. इस दौरान अलग अलग हालात में ट्रेन कितनी दूरी में रुकती है, इसकी भी जांच की गई.
ब्रेक लगाने पर ऊर्जा होती है वापस हासिल
वंदे भारत की एक खास तकनीक रीजेनरेटिव ब्रेकिंग है. इसमें ट्रेन को धीमा करते समय मोटर जनरेटर की तरह काम करती है और चलती ट्रेन की ऊर्जा का एक हिस्सा बिजली में बदलकर इलेक्ट्रिकल सिस्टम में वापस भेजा जाता है. रेलवे की वंदे भारत स्पेसिफिकेशन में वापस मिली ऊर्जा को कम से कम 30% रखने का टारगेट दिया गया है.
इस तरह वंदे भारत का ब्रेकिंग सिस्टम सिर्फ ट्रेन को रोकने का काम नहीं करता, बल्कि ब्रेकिंग के दौरान ऊर्जा की बचत में भी मदद करता है.
























