क्या होता है थर्ड पार्टी इंश्योरेंस और यह कॉम्प्रीहेंसिव इंश्योरेंस से कितना अलग है?
Insurance Policy: गाड़ी चलाते समय थर्ड पार्टी इंश्योरेंस जरूरी है, जो हादसे में दूसरे व्यक्ति के नुकसान को कवर करता है. अपनी गाड़ी को नुकसान से बचाने के लिए कॉम्प्रिहेंसिव कवर लिया जा सकता है.

Car Insurance News: गाड़ी चलाने वालों के लिए इंश्योरेंस सिर्फ एक डॉक्यूमेंट्स नहीं है, बल्कि हादसे की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा का भी जरिया है. सड़क पर हादसा होने पर नुकसान की भरपाई में इंश्योरेंस काफी मदद कर सकता है. लेकिन पॉलिसी लेते समय ये समझना जरूरी है कि आपको किस तरह का कवर मिल रहा है.
गाड़ी के लिए कई तरह के इंश्योरेंस कवर मिलते हैं. इनमें थर्ड पार्टी इंश्योरेंस सबसे जरूरी कवर में से एक है. भारत में आम जगह पर गाड़ी चलाने के लिए थर्ड पार्टी लायबिलिटी कवर जरूरी है.
क्या है थर्ड पार्टी का मतलब?
नाम से ही समझा जा सकता है कि इसमें थर्ड पार्टी यानी दूसरे व्यक्ति से जुड़ी जिम्मेदारी आती है. अगर आपकी गाड़ी से किसी दूसरे व्यक्ति को चोट लगती है या उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो पॉलिसी की शर्तों के अनुसार उससे जुड़ी कानूनी जिम्मेदारी इंश्योरेंस कंपनी कवर करती है. लेकिन यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है. अगर हादसे में आपकी अपनी गाड़ी को नुकसान हो गया, तो केवल थर्ड पार्टी पॉलिसी होने से उस नुकसान का कवर नहीं मिलता.
दिल्ली- कोलकाता से हैदराबाद- मुंबई तक, 17 से 23 अगस्त तक किस फ्लाइट में मिलेगी सबसे सस्ती टिकट
फिर अपनी गाड़ी का कवर कैसे?
अपनी गाड़ी के नुकसान के लिए Own Damage कवर होता है. IRDAI के रिकॉर्ड में स्टैंड अलोन Own Damage मोटर पॉलिसी भी दर्ज हैं. यही वजह है कि कई गाड़ी मालिक ऐसा कवर चुनते हैं जिसमें थर्ड पार्टी के साथ अपनी गाड़ी का नुकसान भी शामिल हो.
कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी में आमतौर पर थर्ड पार्टी कवर के साथ अपनी गाड़ी के नुकसान का कवर भी शामिल होता है. पॉलिसी की शर्तों के अनुसार दुर्घटना, चोरी, आग या कुछ कुदरती मुसीबत से हुए नुकसान का कवर मिल सकता है.
दोनों में क्या है अंतर?
थर्ड पार्टी पॉलिसी मुख्य रूप से दूसरे व्यक्ति या उसकी संपत्ति से जुड़े नुकसान की कानूनी जिम्मेदारी को कवर करती है. वहीं कॉम्प्रिहेंसिव कवर में अपनी गाड़ी को हुए नुकसान के लिए भी सेफ्टी मिल सकती है. लेकिन कॉम्प्रिहेंसिव का मतलब ये नहीं है कि हर तरह का नुकसान अपने आप कवर हो जाएगा. पॉलिसी की शर्तें और बाहर रखी गई चीजें जरूर देखनी चाहिए.
पॉलिसी लेते समय ध्यान दें
सिर्फ कम प्रीमियम देखकर इंश्योरेंस नहीं चुनें. अपनी जरूरत, गाड़ी की कीमत और मिलने वाले कवर को समझकर पॉलिसी लें. इससे बाद में क्लेम के समय परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है.
Platform Ticket: प्लेटफॉर्म टिकट पर जान लें रेलवे के ये नियम, वरना लगेगा जुर्माना





















