ATM में चोर कीपैड की गर्मी से पता लगा रहे कार्ड का PIN, जानिए कैसे काम करता है यह नया स्कैम
Thermal Scanning: थर्मल स्कैनिंग एटीएम से जुड़ी एक नई धोखाधड़ी की तकनीक है, जिसमें चोर तकनीकी तरीके से जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं. इससे बचाव के लिए सावधानी रखना जरूरी होता है.

Thermal Scanning: एटीएम पिन चोरी करने के लिए चोर किसी भी हद तक जा सकते हैं. पिन चोरी करने के लिए एक नई तरकीब चली है, जिसे "थर्मल स्कैनिंग" कहते हैं. इस स्कैनिंग के ज़रिए चोर आपका पिन चोरी कर सकते हैं. आइए हम आपको बताते हैं कि थर्मल स्कैनिंग के जरिए चोर एटीएम पिन कैसे चोरी करते हैं.
क्या है थर्मल स्कैनिंग?
थर्मल स्कैनिंग एक ऐसा तरीका है जिसके जरिए आपका एटीएम पिन चुराना बहुत आसान हो जाता है, क्योंकि जब आप एटीएम मशीन पर अपनी उंगलियां रखते हैं तो उनके निशान बटनों पर आ जाते हैं. अपराधी स्कैनिंग के ज़रिए आपकी उंगलियों के निशान स्कैन कर फोटो ले लेते हैं. उसकी मदद से साफ दिख जाता है कि किन बटनों का प्रयोग आपने अभी किया है.
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प्लास्टिक और मेटल कीपैड में फर्क?
प्लास्टिक कीपैड पर आपकी उंगलियों के निशान ज़्यादा समय तक टिकते हैं. लगभग 80% तक साफ दिखते हैं, जिसकी मदद से चोरों के लिए आपकी उंगलियों के निशान की फोटो लेना आसान हो जाता है. वहीं दूसरी ओर, मेटल कीपैड पर उंगलियों के निशान आसानी से नज़र नहीं आते, जिसकी वजह से थर्मल स्कैनिंग करना कठिन हो जाता है क्योंकि मेटल बहुत जल्दी ठंडा हो जाता है. थर्मल स्कैनर के अनुसार जो बटन सबसे ज़्यादा चमकदार या लाल होता है, उसे ही आखिरी में दबाया गया होता है. वहीं दूसरी ओर, जो बटन थोड़ा गर्म या कम धुंधला होता है, उसका प्रयोग सबसे पहले किया गया होता है. इन सभी की मदद से आपके 4 अंकों का पिन पता चल सकता है.
बचाव के आसान तरीके
इस ठगी से बचने का आसान तरीका यह है कि अगर आप अपना एटीएम पिन डाल रहे हैं, तो याद से उसी कीपैड पर अपना हाथ या दूसरे बटनों पर भी उंगलियां छाप दें क्योंकि इसकी मदद से चोर कभी भी आपके एटीएम पिन के बारे में पता नहीं लगा पाएंगे.
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