एक्सप्लोरर

वसीयत होने के बाद भी कोर्ट में फंस सकती है प्रॉपर्टी! किन 5 आधारों पर दी जा सकती है चुनौती?

Will Dispute: देश में वसीयत को लेकर कानूनी दर्जा होने के बाद भी विवाद देखने को मिलता हैं. प्रॉपर्टी बंटवारे और दस्तावेज़ की प्रामाणिकता को लेकर कई मामलों में कोर्ट में लड़ाई तक की नौबत आ जाती है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • वसीयतकर्ता के हस्ताक्षर और दो गवाहों की स्वैच्छिक सहमति कानूनी प्रक्रिया है।

Will Dispute Update: देश में अभी भी वसीयत एक चुनौती की मुख्य वजह बनी हुई, बजाय कानूनी दर्जा मिलने के बाद भी. देश के अलग अलग कोर्ट में दिन प्रति दिन वसीयत को लेकर नए-नए मामले सामने आते रहते है. वसीयत का कानूनी दर्जा है, लेकिन इसकी प्रामाणिकता या पालन के संबंध में वैध संदेह होने पर इसे चुनौती दी जा सकती है.

दरअसल, जो व्यक्ति मर गया है उसकी प्रोपर्टी  के बंटवारे को लेकर उनकी इच्छाओं को सही तरीके से व्यक्त किया जाना चाहिए. हालांकि, भारत में वसीयत को आखिरी और रूकावट नहीं माना जा सकता. जिससे यह प्रतीत होता है कि वसीयत धोखाधड़ी से बनाई गई थी या मृतक व्यक्ति की अंतिम इच्छाओं के अनुसार नहीं थी तो इसे अलग- अलग आधारों पर कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है. इस तरह के दावे और विवाद किसी मुख्य वसीयत से संबंधित वसीयतनामा प्रक्रियाओं के दौरान उत्पन्न हो सकते हैं. 

चलती ट्रेन में हो जाए यात्री की मौत तो क्या करता है रेलवे? क्या तुरंत रुक जाती है रेल, जानिए नियम

वसीयत की वैधता और जालसाजी से जुड़े विवाद

एक चीज़ और यह कि कानून के अनुसार वसीयत नीती कानून के अनुसार सही माना गया तो बिना किसी बाधा के कोर्ट में इस को मान्य माना जाएगा. हालांकि, जमीनी हकीकत पर यह बटवारा में कठिनाई हो सकती है. दूसरी ओर वसीयत में कोई बदलाव ना होना भी अपने आप में चैलेंज है. 

गौरतलब है कि, वसीयत में हस्ताक्षरों की जालसाजी की गई हो या वसीयत मनगढ़ंत ढंग से हो तो दस्तावेज़ अमान्य हो जाएगा और इतना ही नहीं जालसाजी या धोखाधड़ी विवादों को जन्म दे सकती है. आवश्यकता है कि गवाहों वाली या हस्ताक्षरों के अभाव वाली सही रूप  से  अमान्य ना होने वाली वसीयतें कानूनी रूप से अमान्य घोषित करने की वजह बन सकती हैं. 

वसीयत के नियम और कानूनी प्रक्रिया

यह जरूरी है कि, वसीयत में वसीयतकर्ता के हस्ताक्षरों का हो. वही दो गवाहों के हस्ताक्षर ही स्वेच्छापूर्वक माने जाएंगे. कागज़ी में भाषा का सही तरीके से इस्तेमाल से बाधा की आशंका कम रहती. कानूनी प्रक्रिया है शामिल वही जांच में वसीयत में हस्ताक्षर का होना चुनौती हो सकती है और वसीयत को चुनौती देने के मामलों में सबूत पेश करने का बोझ भी एक चुनौतीकर्ता पर ही होता है.

मोबाइल नंबर से ऐसे चेक करें गैस सब्सिडी, मिनटों में पता चल जाएगा खाते में पैसा आया कि नहीं

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

EPF News: अब पूरा होगा 'अपना घर' बनाने का सपना, EPF लाया है नया तरीका, जानें कैसे मिलेगी मदद
EPF News: अब पूरा होगा 'अपना घर' बनाने का सपना, EPF लाया है नया तरीका, जानें कैसे मिलेगी मदद
Humidity Tips: उमस भरी गर्मी ने कर रखा है परेशान? बिना एसी ऐसे रखें कमरा ठंडा और फ्रेश
Humidity Tips: उमस भरी गर्मी ने कर रखा है परेशान? बिना एसी ऐसे रखें कमरा ठंडा और फ्रेश
शादी के बाद पैसों की नहीं होगी टेंशन, पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम से हर महीने आएंगे 9,000 रूपये
शादी के बाद पैसों की नहीं होगी टेंशन, पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम से हर महीने आएंगे 9,000 रूपये
Train News: बारिश में ट्रेन हो गई रद्द? जानें टिकट के पैसे कैसे होंगे वापस, क्या मिलेगा फुल रिफंड
Train News: बारिश में ट्रेन हो गई रद्द? जानें टिकट के पैसे कैसे होंगे वापस, क्या मिलेगा फुल रिफंड
Advertisement

वीडियोज

Sansani: ट्रेन के 'सुहागरात कोच' का बवाल ! | Train Honeymoon Coach Video
Monsoon Alert | Weather: भारी बारिश से कहीं सड़कें बनी तालाब, कहीं घरों में घुसा पानी | Delhi Rain
Monsoon Alert | Flood 2026 | Janhit: चमकते वादे, डूबी सड़कें...स्मार्ट सिटी की कड़वी हकीकत | Rain
UP Election 2027: रोजगार और महंगाई के मुद्दे छोड़ 'सनातन' पर होगा यूपी चुनाव? | Akhilesh Yadav
PM Modi in Australia: Melbourne में पीएम ने गिनाईं भारत की उपलब्धियां | Operation Sindoor |
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दिल्ली-NCR पानी-पानी, देश भर में आसमानी आफत की कहानी; कहीं लगा जाम, कहीं करंट से गई जान
दिल्ली-NCR पानी-पानी, देश भर में आसमानी आफत की कहानी; कहीं लगा जाम, कहीं करंट से गई जान
बदले की आग में उबल रहा ईरान, मशहद में नम आंखों के बीच अयातुल्ला अली खामनेई को किया गया सुपुर्द-ए-खाक
बदले की आग में उबल रहा ईरान, मशहद में नम आंखों के बीच खामनेई को किया गया सुपुर्द-ए-खाक
बांकीपुर उपचुनाव: कार-बाइक, सोना-चांदी, BJP प्रत्याशी अभिषेक सिन्हा की संपत्ति कितनी? 10वीं तक की पढ़ाई
बांकीपुर उपचुनाव: कार-बाइक, सोना-चांदी, BJP प्रत्याशी अभिषेक सिन्हा की संपत्ति कितनी? 10वीं तक की पढ़ाई
ZIM vs BAN: जिम्बाब्वे का एक और धमाका, बांग्लादेश को 13 रन से हराकर जीती सीरीज; कर दिया बड़ा कारनामा
जिम्बाब्वे का एक और धमाका, बांग्लादेश को 13 रन से हराकर जीती सीरीज; कर दिया बड़ा कारनामा
'इक्का' की स्क्रीनिंग में दिखीं सनी देओल की पत्नी पूजा, अक्षय खन्ना को लेकर एक्टर ने कहा ये
'इक्का' की स्क्रीनिंग में दिखीं सनी देओल की पत्नी पूजा, अक्षय खन्ना को लेकर एक्टर ने कहा ये
चीन की जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 28 लोगों की जलकर मौत, सामने आया खौफनाक Video
चीन की जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 28 लोगों की जलकर मौत, सामने आया खौफनाक Video
Explained: ...तो जंग की वजह सिर्फ तेल और होर्मुज स्ट्रेट नहीं! ईरानी जमीन के नीचे दबा कौन सा 'खजाना' चाहते ट्रंप?
...तो जंग की वजह सिर्फ तेल और होर्मुज नहीं! ईरानी जमीन के नीचे दबा कौन सा 'खजाना' चाहते ट्रंप?
गगनयान से 5G तक और ऑपरेशन सिंदूर से ग्रो मोर-अचीव मोर तक…, मेलबर्न में पीएम मोदी की बड़ी बातें
गगनयान से 5G तक और ऑपरेशन सिंदूर से ग्रो मोर-अचीव मोर तक…, मेलबर्न में पीएम मोदी की बड़ी बातें
Embed widget