Solar Panel: 1 किलोवॉट का सोलर पैनल लगाने का खर्च कितना है, कब तक वसूल होते हैं पैसे?
बिजली बिल कम करने के लिए 1 किलोवॉट सोलर सिस्टम लगाना ऑप्शन हो सकता है. पीएम सूर्य घर योजना में सब्सिडी मिलती है, जिससे खर्च घटता है. इसकी लागत कितने समय में वसूल होगी, कैलकुलेशन से समझें.

अगर आप भी बिजली के बढ़ते बिल के बोझ से छुटकारा पाना चाहते हैं और अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाने का सोच रहे हैं, तो 1 किलोवॉट का सोलर सिस्टम आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर सिस्टम लगवाने पर शुरुआत में कुछ रकम आपको अपनी जेब से खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन सब्सिडी मिलनी के बाद यह लागत कम हो जाती है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि सोलर पैनल लगवाने में कितने पैसे लगेंगे और बिजली बिल में बचत के जरिए यह रकम कितने समय में वापस मिल सकता है.
1 किलोवॉट सोलर सिस्टम लगाने में कितना खर्च आएगा?
1 किलोवॉट का सोलर सिस्टम लगवाने में करीब 55,000 रुपये का खर्च बताया जा रहा है. हालांकि इसपर पात्र उपभोक्ताओं को सरकारी सब्सिडी का लाभ भी मिल सकता है. उदाहरण के तौर पर अगर करीब 30,000 रुपये की सब्सिडी मिलती है, तो आपको अपनी जेब से करीब 25,000 रुपए खर्च करने पड़ सकते हैं.'
अगर आपके घर की बिजली खपत करीब 150 यूनिट प्रति माह है, तो 1 किलोवॉट का सिस्टम आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. हालांकि, सोलर सिस्टम की कीमत और सब्सिडी की असल रकम योजना के मौजूदा नियमों के मुताबिक अलग हो सकता है.
NPS: मिडिल क्लास को बड़ी राहत, अब हर महीने 1000 में मिलेगा 30 लाख का इलाज
हर महीने बिजली बिल में कितनी बचत होगी?
1 किलोवॉट का सोलर सिस्टम मौसम और धूप की उपलब्धता के आधार पर बिजली पैदा करता है. आम अनुमान के मुताबिक इससे रोजाना करीब 4 से 5 यूनिट तक बिजली बन सकती है. यानी महीने में करीब 120 से 150 यूनिट बिजली उत्पादन हो सकता है.
- बिजली उत्पादन: करीब 120-150 यूनिट प्रति माह
- अनुमानित बिल बचत: करीब 1,000-1,200 रुपये प्रति माह
अगर इससे हर महीने बिजली बिल में करीब 1,000 से 1,200 रुपए की बचत होती है, तो लंबे समय में आपकी बिजली लागत पहले के मुकाबले काफी कम हो सकती है.
कब तक वसूल होते हैं पैसे?
अगर सब्सिडी के बाद आपकी जेब से करीब 25,000 से 30,000 रुपये खर्च होते हैं और हर महीने बिजली बिल में करीब 1,000 से 1,200 रुपये की बिजली बचत होती है, तो शुरुआती लागत करीब 2 से 3 साल में वसूल हो सकती है.
8 घंटे लेट हुई ट्रेन, कोर्ट पहुंचा यात्री; रेलवे को अब भरना होगा जुर्माना






















