चंडीगढ़ में विधवा-दिव्यांग पेंशन डबल, अब मिलेंगे 2000 रुपए
चंडीगढ़ लेबर वेलफेयन बोर्ड ने विधवा और दिव्यांगों की मासिक पेंशन में बढ़ोतरी की है. इसके साथ ही महिला कर्मचारियों को 21 हजार रुपये मातृत्व सहायता और नवजात के नाम पर FD करवाई जाएगी.

चंडीगढ़ में विधवा और दिव्यांग पेंशन 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपए कर दी गई है. चंडीगढ़ लेबर वेलफेयर बोर्ड की 9वीं मीटिंग में यह फैसला लिया गया है. इसके साथ ही मातृत्व सहायता 21000 रुपए कर दी गई है, डिजिटल एजुकेशन स्कीम के तहत लैपटॉप के लिए 25,000 रुपये दिए जाएंगे.
इतना ही नहीं लेबर सेक्रेटरी अनुराधा एस चगाती की अध्यक्षता में हुई बैठक में कन्यादान स्कीम का दायरा भी बढ़ाया गया है. अब सेल्फ स्टडी करने वाले कर्मचारियों को भी स्कॉलरशिप दी जाएगी. इससे हजारों मजदूर परिवारों को फायदा होगा.
आपको बता दें कि पहले चंडीगढ़ में बुढ़ापा, विधवा और दिव्यांग पेंशन 1000 रुपए ही थी, जिसकी बढ़ोतरी की मांग लंबे समय से हो रही थी. इस फैसले के पीछे के मकसद की बात करें तो पेंशन में बढ़ोतरी करने से जरूरतमंद लोगों को आर्थिक मदद मिलेगी. साथ ही इसकी मदद से वे अपने जरूरतों को पूरा कर सकते हैं.
डिजिटल एजुकेशन योजना शुरू
बता दें कि बोर्ड ने डिजिटल एजुकेशन योजना भी शुरू की है. इसके तहत पात्र लोगों को डिजिटल डिवाइस और लैपटॉप के लिए 25000 रुपये मिलेंगे. लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि ये पैसा जीवन में केवल एक ही बार दिया जाएगा. साथ ही इन योजनाओं का लाभ नियमों और शर्तों के मुताबिक ही दिया जाएगा.
शादी के लिए दी जाएगी आर्थिक मदद
जानने वाली बात ये है कि अब कन्यादान योजना के तहत अब जो महिला कर्मचारी अविवाहित है, उन्हें शादी के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी. वहीं सेल्फ स्टडी के लिए भी कर्मचारियों को स्कॉलरशिप दी जाएगी. यानी पढ़ाई से लेकर शादी तक के लिए आर्थिक मदद दी जा सकती है. हालांकि, योजनाओं का लाभ लेने के लिए नियम और शर्तों को पूरा करना जरूरी है.
महिला कर्मचारियों को मिलेगी मदद
सबसे अहम बात तो ये है कि मातृत्व लाभ योजना के तहत पात्र महिला कर्मचारियों को 21 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. ये राशि सैलरी और पोषण से जुड़ी जरूरतों को पूरी करने के लिए दी जाएगी. इसके अलावा नवजात बच्चे के नाम पर एक तय रकम की एफडी करवाने की भी बात सामने आई है.
नवजात बच्चे के नाम होगी FD
मातृत्व सहाया के अलावा नवजात बच्चे के नाम पर 10 हजार रुपये की FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट भी करवाई जाएगी. इससे कई सारे फायदे भी होंगे. एफडी करवाने पर ब्याज भी मिलेगा और जब समय पूरा हो जाएगा तो मूल रकम के साथ ही ब्याज भी शामिल हो सकता है. ये रकम बच्चे के भविष्य के लिए काम आ सकती है.
बोर्ड के इस फैसले से क्या फायदा होगा?
- सबसे पहले तो पेंशन में बढ़ोतरी होने से हर साल 12000 रुपये जो मिलते थे, अब 12000 रुपये की अतिरिक्त मदद मिलेगी.
- साथ ही मां और नवजात बच्चे के लिए भी आर्थिक सुरक्षा.
- वहीं नवजात बच्चे की एफडी होने से उसके भविष्य के लिए बचत होगी.
- इसके अलावा पढ़ाई के लिए लैपटॉप खरीदने के लिए भी आर्थिक मदद दी जाएगी.
- सेल्फ स्टडी से लेकर शादी के खर्च में भी सहायता की जाएगी. यानी बोर्ड के इस फैसले से कई फायदे होंगे.
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