अजमेरी गेट से सफर होगा आसान, नई दिल्ली स्टेशन पर पार्किंग-जाम की समस्या खत्म करने की तैयारी
नई व्यवस्था के तहत अजमेरी गेट साइड की पार्किंग में अब फास्टैग के जरिए भुगतान किया जाएगा. रेलवे का अनुमान है कि ज्यादातर वाहन यात्रियों को छोड़ने या लेने के बाद बिना रुके बाहर निकल जाएंगे.

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अजमेरी गेट से गुजरने वाले यात्रियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है. स्टेशन पर लगने वाला जाम, पार्किंग को लेकर होने वाली बहस और अव्यवस्थित यातायात अब बीते दिनों की बात होने जा रही है. उत्तर रेलवे ने 26 जनवरी से पहले नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे यात्रियों का आना-जाना पहले से कहीं ज्यादा सुगम होगा.
रेलवे ने तैयार की नई ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि दिल्ली मंडल रेल प्रबंधक पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में स्टेशन के लिए एक नई नीति बनाई गई है. इस नीति का उद्देश्य प्रवेश और निकास मार्गों पर लगने वाली भीड़ को नियंत्रित करना है. साथ ही पार्किंग में मनमानी वसूली जैसी शिकायतों को भी स्थायी रूप से समाप्त करना है.
फास्टैग से कटेगा शुल्क, खत्म होगी ओवरचार्जिंग
नई व्यवस्था के तहत अजमेरी गेट साइड की पार्किंग में अब फास्टैग के जरिए भुगतान किया जाएगा. रेलवे का अनुमान है कि ज्यादातर वाहन यात्रियों को छोड़ने या लेने के बाद बिना रुके बाहर निकल जाएंगे. ऑटोमैटिक भुगतान प्रणाली लागू होने से शुल्क को लेकर होने वाले विवादों पर पूरी तरह रोक लगेगी.
यात्रियों के लिए अलग रास्ते, बिना रुकावट मिलेगी एंट्री और एग्जिट
अजमेरी गेट की ओर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तीन विशेष पाथवे बनाए जा रहे हैं. इन रास्तों से यात्री अपने सामान के साथ सीधे सुरक्षा जांच और स्कैनिंग क्षेत्र तक पहुंच सकेंगे. ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों के लिए भी अलग लेन तय की जाएगी, जिससे वे आसानी से टैक्सी, बस या मेट्रो तक पहुंच सकें.
28 दिसंबर से नई कंपनी संभालेगी पार्किंग का जिम्मा
दिल्ली मंडल की नई नीति के तहत पार्किंग प्रबंधन का टेंडर पूरा कर लिया गया है. चयनित कंपनी 28 दिसंबर से काम शुरू करेगी. टेंडर की शर्तों में यह स्पष्ट किया गया है कि एक महीने के भीतर यात्री सुविधा, वाहन नियंत्रण और सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों को लागू करना अनिवार्य होगा.
पूर्व सैनिकों की तैनाती से अनुशासन और सुरक्षा पर जोर
नई व्यवस्था में सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है. पार्किंग और ट्रैफिक संचालन के लिए पहली बार पूर्व सैनिकों को मार्शल के रूप में तैनात किया जाएगा. इससे महिला यात्रियों की सुरक्षा मजबूत होगी और स्टेशन परिसर में अनुशासन कायम रहेगा. निजी सुरक्षाकर्मियों के दुर्व्यवहार की शिकायतों पर भी लगाम लगेगी. सेना से प्रशिक्षित कर्मियों का अनुभव स्टेशन की समग्र सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाएगा.
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