UPI है तो भी जेब में जरूरी है कैश, सिर्फ 500 रुपए से चल जाएगा काम! जानें इसको कैसे खर्च कर सकते हैं?
Carry Cash: जब से इंडिया डिजिटल हुआ है, तभी से लोगों ने कैश जेब या पर्स में रखना छोड़ी ही दिया है. ऐसे में आज आपको बताते हैं कि जेब में कैश रखना क्यों जरूरी है.

Importance of Cash: इंडिया जब से डिजिटल हुआ है, तभी से लोगों ने अपने पास कैश रखना लगभग बंद ही कर दिया है. इससे कैशलेस इंडिया का सपना तो पूरा हुआ है, लेकिन कई बार इसी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में हर किसी को अपने पास कैश जरूर रखना चाहिए. यहां आपको बताते हैं कि कैश क्यों रखना चाहिए और किस हिसाब से रखना चाहिए.
कैश रखना क्यों है जरूरी?
वैसे तो हम आजकल यूपीआई या नेट बैंकिंग के जरिए पेमेंट आसानी से कर पाते हैं. ये तरीका काफी सहूलियत भरा भी होता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कहीं आप गए और नेटवर्क ईश्यू आ गया, बैंक का सर्वर डाउन हो गया, पार्किंग वाले का पेमेंट या छोटे वेंडर को पेमेंट करने के समय क्या होगा, जब कैश भी ना हो? इसी जह से आपको थोड़ा बहुत कैश हमेशा अपने साथ रखना बेहद जरूरी है.
ये भी पढ़ें: Train News: ट्रेन में सीट या टिकट को लेकर TTE से विवाद हो गया? शिकायत से लेकर अपने अधिकारों तक जानें पूरी जानकारी
क्या- क्या दिक्कत आ सकती है?
- सॉफ्टवेयर/बैंक सर्वर डाउन
- फोन की बैटरी खत्म होना
- नेटवर्स ईश्यू होना
- फोन का डाटा ना चलना
- बैंक सर्वर डाउन होना
- फोन की स्क्रीन खराब हो जाना
कितना कैश हमेशा रखना चाहिए?
आपको हमेशा अपने पास कम से कम 500 रुपये कैश के रूप में जरूर रखना चाहिए. ये आपकी हर तरह की जरूरत के लिए काम आ सकता है. 500 रुपये एक दिन के खर्च के लिए काफी होते हैं. हालांकि अलग जरूरत के हिसाब से भी आप कैश साथ में रख सकते हैं. जैसे:
- आप कहां जा रहे हैं उसकी दूरी के हिसाब से कैश रख सकते हैं.
- यदि आप ऑफिस जा रहे हैं तो ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर के हिसाब से कैश रखकर ले जाएं.
- ऑफिस में स्मॉल ब्रेक्स जैसे चाय-सुट्टा के हिसाब से भी गिनकर कैश रखें.
- ऑफिस जा रहे हैं और घर वापस आना है तो उसके लिए भी थोड़ा सा कैश साथ रखें.
- इमरजेंसी के लिए कुछ एक्स्ट्रा कैश रखना तो बेहद जरूरी है, क्योंकि अनहोनी कभी भी कहीं भी हो सकती है.
ये भी पढ़ें: Flight Rules: फ्लाइट में कुत्ता-बिल्ली ले जा सकते हैं? जानिए क्या हैं नियम, किन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
उदाहरण से समझें
मान लीजिए आपका ऑफिस घर से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर है. आपको मेट्रो से जाना है, तो घर से मेट्रो स्टेशन तक जाने के लिए ई-रिक्शा को देने के लिए कैश, मेट्रो से उतरते वक्त ऑफिस तक जाने के लिए रिक्शा का किराया रखना बेहद जरूरी है. हालांकि कई रिक्शा वाले अब यूपीआई से पेमेंट ले लेते हैं लेकिन सभी ऑमलाइन पेमेंट एक्सेप्ट कर लें ये जरूरी नहीं है.
- मान लीजिए कि आपको ऑफिस आने- जाने के लिए रिक्शा का 50 रुपये देना होता है. तो दोनों तरफ का मिलाकर 100 रुपये हो जाता है.
- इसके बाद ऑफिस में लंच करते हैं तो उसके लिए करीब 150 रुपये होना चाहिए.
- तो वहीं चाय- सुट्टा ब्रेक के लिए 50-100 रुपये जेब में होना चाहिए, क्योंकि स्नैक्स भी ले ही लिए जाते हैं.
- यदि आपके पास 500 रुपये कैश है तो आपने करीब 350 रुपये खर्च किए हैं अब भी इमरजेंसी के लिए आपके पास 150 रुपये बच जाते हैं.
इस तरह से प्लानिंग करके आपको हमेशा अपने पास कुछ कैश बचाकर रखना चाहिए. जिससे कि आप किसी ऐसी स्थिति में ना फंसे जहां पर आपको किसी से रुपये उधार मांगना पड़ें या फिर आप पेमेंट देने के लिए परेशान हो जाएं.
























