सुकून चाहते हैं तो आज ही लें PNG कनेक्शन, सामने आया सरकार का प्लान, अब मिलेंगे ये फायदे
PNG Connection: भारत अपने घरेलू नेचुरल गैस उत्पादन से 30 करोड़ PNG कनेक्शनों की मांग आसानी से पूरी कर सकता है और सरकार मंजूरी प्रक्रियाओं को सरल बनाकर रोजाना नए कनेक्शन बढ़ाने पर जोर दे रही है.

PNG Connection News: पेट्रोलियम और नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) के सेक्रेटरी अंजन कुमार मिश्रा ने कहा है कि भारत के पास घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन को बड़े स्तर पर विस्तार देने की पर्याप्त क्षमता है. उनके मुताबिक, देश अपने मौजूदा घरेलू नेचुरल गैस प्रोडक्शन के आधार पर ही करीब 30 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शनों की मांग पूरी कर सकता है.
इंडस्ट्री बॉडी PHD Chamber of Commerce and Industry के हाइड्रोकार्बन समिट के दौरान उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत में लगभग 1.1 से 1.2 करोड़ एक्टिव घरेलू PNG कनेक्शन हैं, जो रोजाना करीब 3 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (MMSCMD) गैस का उपयोग करते हैं. वहीं, देश का कुल नेचुरल गैस उत्पादन लगभग 90 MMSCMD है, जो इस विस्तार के लिए पर्याप्त माना जा रहा है. अंजन कुमार मिश्रा ने कहा कि अगर घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता देते हुए PNG के लिए आरक्षित किया जाए तो देश आराम से 30 करोड़ कनेक्शनों की जरूरत पूरी कर सकता है. उनका मानना है कि भले ही यह संख्या 2 करोड़ या 5 करोड़ तक बढ़े, तब भी भारत अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सक्षम रहेगा.
सरकार दे रही है PNG को बढ़ावा
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सरकार PNG को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है ताकि (LPG) पर निर्भरता कम की जा सके. इसी दिशा में सरकार और PNGRB हर दिन नए कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं. वर्तमान में रोजाना लगभग 8,000–9,000 कनेक्शन जोड़े जा रहे हैं, जिसे बढ़ाकर 20,000 प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार ने हाल ही में नियमों में बदलाव कर मंजूरी प्रक्रियाओं को आसान बनाया है. Ministry of Petroleum and Natural Gas के जारी नए प्रावधानों में ‘डीम्ड अप्रूवल’ जैसे उपाय शामिल हैं, जिससे परियोजनाओं में देरी कम हो सके.
कैपेक्स नहीं, मंजूरी थी सबसे बड़ी बाधा
PNG नेटवर्क के विस्तार को लेकर पूंजी निवेश (कैपेक्स) को लेकर उठ रही चिंताओं को खारिज करते हुए मिश्रा ने कहा कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों के पास पहले से निवेश के लिए पूंजी उपलब्ध है. असली समस्या मंजूरी प्रक्रियाओं में देरी थी, जिसे अब तेजी से दूर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे कनेक्शनों की संख्या बढ़ेगी, कंपनियों का रेवेन्यू भी बढ़ेगा, जिससे वे और अधिक निवेश कर सकेंगी. कुल मिलाकर, सरकार की यह पहल न केवल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी सस्ती और सुविधाजनक गैस उपलब्ध कराने में मदद करेगी.
Source: IOCL



























