भारत की पहली बुलेट ट्रेन में बैठेंगे 557 यात्री, 280 kmph की होगी स्पीड
भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन जल्दी ही लॉन्च होने वाली है. इस ट्रेन में लोगों को कई खास सुविधाएं मिलेंगी. तो वहीं इस देसी बुलेट ट्रेन का टेस्ट 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से होगा.

भारत में पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन तैयार की जा रही है. इस ट्रेन का नाम B28 रखा गया है. इसे खास तौर पर भारतीय यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है. ये ट्रेन सिर्फ तेज रफ्तार ही नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा तकनीक के मामले में भी खास होगी.
बुलेट ट्रेन का निर्माण सरकारी कंपनी BEML कर रही है. फिलहाल ट्रेन के बाहरी ढांचे की मजबूती और सुरक्षा की जांच की जा रही है. इस ट्रेन को मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर चलाने की योजना है.
280 किमी/घंटे की रफ्तार से होगी टेस्टिंग
भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन को परीक्षण के दौरान 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जाएगा. हालांकि, नियमित सेवा के दौरान इसकी अधिकतम रफ्तार 249 किलोमीटर प्रति घंटे रखने की प्लानिंग की जा रही है. रेलवे के मुताबिक, इस ट्रेन का ट्रायल मई-जून 2027 में सूरत से वापी के बीच करीब 100 किलोमीटर के रेल मार्ग पर किया जा सकता है. इस हिस्से पर यात्रियों के लिए नियमित सेवा अगस्त 2027 से शुरू होने की उम्मीद है.
कहां होगा परीक्षण?
बुलेट ट्रेन की सुरक्षा जांच के दौरान उसके बाहरी ढांचे की मजबूती को परखा जा रहा है. इस जांच को 'स्क्वीज टेस्ट' कहा जाता है. इसमें ये देखा जाता है कि ट्रेन का ढांचा भारी दबाव और बाहरी ताकतों को कितना सहन कर सकता है. साथ ही ये भी जांचा जाता है कि टक्कर जैसी स्थिति में ट्रेन का ढांचा कितना सुरक्षित रह सकता है. ये जांच बेंगलुरु स्थित BEML के कारखाने में की जा रही है.
बुलेट ट्रेन में मिलेंगी ये सुविधाएं
भारत की ये पहली बुलेट ट्रेन कई सारी सुविधाओं से युक्त होने वाली है. इस ट्रेन में यात्रियों को भी तमाम सुविधाएं दी जाएंगी, आइये जानते हैं:
- इस बुलेट ट्रेन में कुल आठ डिब्बे होंगे. इनमें चार मोटर कोच और चार ट्रेलर कोच शामिल होंगे.
- इस ट्रेन में करीब 557 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी. इसमें दिव्यांग यात्रियों के लिए भी खास जगह बनाई जाएगी.
आठ डिब्बों वाली ये ट्रेन लगभग 202 मीटर लंबी होगी. - ट्रेन में सामान्य और एग्जीक्यूटिव क्लास की सुविधा होगी. सामान्य श्रेणी के सात डिब्बों में एक तरफ तीन और दूसरी तरफ दो सीटों की व्यवस्था होगी. वहीं एग्जीक्यूटिव क्लास में दोनों तरफ दो-दो सीटें होंगी.
- ट्रेन के आगे और पीछे दोनों तरफ ड्राइवर केबिन होंगे. इनमें आधुनिक कंट्रोल सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे ट्रेन को चलाने और नियंत्रण केंद्र से संपर्क करने में मदद मिलेगी.
- भविष्य में जरूरत पड़ने पर दो आठ-डिब्बों वाली ट्रेनों को जोड़कर 16 डिब्बों की ट्रेन बनाई जा सकेगी.
- यात्रियों की सुविधा के लिए सीटों को इस तरह तैयार किया जाएगा, जिससे लंबी यात्रा के दौरान आराम मिले और पैरों को पर्याप्त जगह मिल सके.
- ट्रेन के अंदर एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे रोशनी की बेहतर व्यवस्था होगी.
- यात्रियों के छोटे बैग रखने के लिए सीटों के ऊपर रैक होंगे. बड़े सूटकेस रखने के लिए डिब्बों में अलग जगह बनाई जाएगी.
- ट्रेन में चार्जिंग पॉइंट दिए जाएंगे. इससे यात्री सफर के दौरान अपने मोबाइल और लैपटॉप चार्ज कर सकेंगे.
इसके अलावा ट्रेन में आधुनिक बायो-टॉयलेट, बड़ी खिड़कियां, डिब्बों के बीच सुरक्षित रास्ता, हिंदी और दूसरी भाषाओं में जानकारी, घोषणा और आपातकालीन संपर्क व्यवस्था, वाई-फाई की सुविधा, बेहतर सुरक्षा और ऊर्जा बचत के साथ ही ट्रेन में तापमान और नमी को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक एयर कंडीशनिंग सिस्टम होगा. शोर कम करने के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा.
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