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अब फ्लाइट में बिना एक्स्ट्रा पैसे दिए मिलेगी विंडो सीट, जानें किन पैसेंजर्स को होगा फायदा?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए एयरलाइंस को निर्देश दिए हैं कि हर फ्लाइट में कम से कम 60 प्रतिशत सीटें फ्री में सिलेक्ट करने के लिए उपलब्ध कराई जाएं.

फ्लाइट में सीट सिलेक्शन चार्ज खत्म
Source : pexels
फ्लाइट में सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी आई है. दरअसल, पिछले कुछ सालों से फ्लाइट टिकट बुक करते समय सीट सेलेक्शन के लिए अलग से पैसे देना यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गया था. खासकर विंडो या आगे की सीट के लिए सैकड़ों से हजारों रुपये तक देने पड़ते थे. अब इस समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है, जिससे यात्रियों को सीधा फायदा मिलने वाला है.
नई गाइडलाइंस के मुताबिक, अब लोगों को अपनी पसंदीदा सीट के लिए एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा. सरकार ने एयरलाइन से जुड़े नए नियम जारी किए हैं, जिसमें एक्स्ट्रा चार्ज पर रोक लगेगी. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि अब फ्लाइट में बिना एक्स्ट्रा पैसे दिए विंडो सीट मिलेगी और इससे किन पैसेंजर को फायदा होगा.
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60 प्रतिशत सीटें होंगी फ्री, खत्म होगा एक्स्ट्रा चार्ज का झंझट
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए एयरलाइंस को निर्देश दिए हैं कि हर फ्लाइट में कम से कम 60 प्रतिशत सीटें फ्री में सिलेक्ट करने के लिए उपलब्ध कराई जाएं. इसका मतलब है कि अब बड़ी संख्या में यात्रियों को सीट चुनने के लिए अलग से पैसे नहीं देने पड़ेंगे. अब तक स्थिति यह थी कि फ्लाइट में बहुत कम सीट ही फ्री मिलती थीं और बाकी के लिए चार्ज देना पड़ता था. ऐसे में यात्रियों को मजबूरी में पैसे देकर सीट सेलेक्ट करनी पड़ती थी. वहीं नई व्यवस्था इस असंतुलन को ठीक करने की कोशिश मानी जा रही है.
क्या अब विंडो सीट भी मिलेगी फ्री?
इन नियमों के लागू होने के बाद संभावना है कि कुछ विंडो सीट भी फ्री कैटेगरी में शामिल हों. हालांकि एयरलाइंस अभी भी आगे की रो, एक्स्ट्रा लेगरूम और कुछ प्रीमियम सीटों के लिए चार्ज ले सकती हैं. यानी हर विंडो सीट फ्री हो जाएगी, ऐसा जरूरी नहीं है, बस पहले के मुकाबले ज्यादा ऑप्शन जरूर मिलेंगे. वहीं नई गाइडलाइन के तहत एक और जरूरी बदलाव किया गया है कि अगर एक ही पीएनआर पर परिवार या दोस्त यात्रा कर रहे हैं तो एयरलाइन को कोशिश करनी होगी कि उन्हें साथ बैठाया जाए. अब तक अक्सर ऐसा होता था कि परिवार के लोगों को अलग-अलग सीट पर बैठा दिया जाता था, जिससे यात्रा असुविधाजनक हो जाती थी. अब इस समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है.
यात्रियों के अधिकार भी होंगे ज्यादा क्लियर
सरकार ने एयरलाइंस को यह भी निर्देश दिए हैं कि फ्लाइट लेट होने, कैंसिल होने या बोर्डिंग से मना करने जैसी स्थिति में यात्रियों के अधिकार स्पष्ट रूप से बताए जाए. यह जानकारी वेबसाइट, मोबाइल ऐप, टिकट बुकिंग प्लेटफार्म और एयरपोर्ट काउंटर पर दिखानी होगी. साथ ही से क्षेत्रीय भाषाओं में भी जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि हर यात्री इसे आसानी से समझ सके. इसके अलावा खेल उपकरण, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट और पालतू जानवरों को साथ ले जाने के नियम भी अब ज्यादा साफ और आसान बनाए जाएंगे. इससे यात्रियों को पहले की तरह कंफ्यूजन या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए एयरलाइंस को निर्देश दिए हैं कि हर फ्लाइट में कम से कम 60 प्रतिशत सीटें फ्री में सिलेक्ट करने के लिए उपलब्ध कराई जाएं. इसका मतलब है कि अब बड़ी संख्या में यात्रियों को सीट चुनने के लिए अलग से पैसे नहीं देने पड़ेंगे. अब तक स्थिति यह थी कि फ्लाइट में बहुत कम सीट ही फ्री मिलती थीं और बाकी के लिए चार्ज देना पड़ता था. ऐसे में यात्रियों को मजबूरी में पैसे देकर सीट सेलेक्ट करनी पड़ती थी. वहीं नई व्यवस्था इस असंतुलन को ठीक करने की कोशिश मानी जा रही है.
क्या अब विंडो सीट भी मिलेगी फ्री?
इन नियमों के लागू होने के बाद संभावना है कि कुछ विंडो सीट भी फ्री कैटेगरी में शामिल हों. हालांकि एयरलाइंस अभी भी आगे की रो, एक्स्ट्रा लेगरूम और कुछ प्रीमियम सीटों के लिए चार्ज ले सकती हैं. यानी हर विंडो सीट फ्री हो जाएगी, ऐसा जरूरी नहीं है, बस पहले के मुकाबले ज्यादा ऑप्शन जरूर मिलेंगे. वहीं नई गाइडलाइन के तहत एक और जरूरी बदलाव किया गया है कि अगर एक ही पीएनआर पर परिवार या दोस्त यात्रा कर रहे हैं तो एयरलाइन को कोशिश करनी होगी कि उन्हें साथ बैठाया जाए. अब तक अक्सर ऐसा होता था कि परिवार के लोगों को अलग-अलग सीट पर बैठा दिया जाता था, जिससे यात्रा असुविधाजनक हो जाती थी. अब इस समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है.
यात्रियों के अधिकार भी होंगे ज्यादा क्लियर
सरकार ने एयरलाइंस को यह भी निर्देश दिए हैं कि फ्लाइट लेट होने, कैंसिल होने या बोर्डिंग से मना करने जैसी स्थिति में यात्रियों के अधिकार स्पष्ट रूप से बताए जाए. यह जानकारी वेबसाइट, मोबाइल ऐप, टिकट बुकिंग प्लेटफार्म और एयरपोर्ट काउंटर पर दिखानी होगी. साथ ही से क्षेत्रीय भाषाओं में भी जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि हर यात्री इसे आसानी से समझ सके. इसके अलावा खेल उपकरण, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट और पालतू जानवरों को साथ ले जाने के नियम भी अब ज्यादा साफ और आसान बनाए जाएंगे. इससे यात्रियों को पहले की तरह कंफ्यूजन या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
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