रेप के आरोपी प्रज्वल रेवन्ना के पास जेल में मिला फोन, कांग्रेस सांसद ने साधा निशाना
बेंगलुरु स्थित परप्पना अग्रहारा जेल में छापेमारी के दौरान पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पास फोन मिला है. जिसके बाद धारा 42 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) ने बेंगलुरु स्थित परप्पना अग्रहारा जेल में छापेमारी की. छापेमारी के दौरान जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना और प्रताप राय नाम के एक अन्य कैदी के पास फोन मिले हैं. फोन मिलने के बाद कांग्रेस एमपी प्रमोद तिवारी ने रिएक्ट किया है. उन्होंने कहा- उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
पावर का कर रहे गलत इस्तेमाल
प्रमोद तिवारी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा- वो अपने पिता और दादा को मिले राजनीतिक अधिकारों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. कानून के सामने सब बराबर हैं.
#WATCH | On rape convict former MP Prajwal Revanna found with mobile phone in Karnataka jail, Congress MP Pramod Tiwari says, "He is misusing political rights granted to his father and grandfather. Action should be taken against him. Everyone is equal before the law." pic.twitter.com/JUuGuERwJP
— ANI (@ANI) August 12, 2026
पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना और प्रताप राय के खिलाफ परप्पना अग्रहारा जेल में 'प्रिजन्स एक्ट' (जेल अधिनियम) की धारा 42 के तहत मामला दर्ज किया गया है. यह धारा जेल के अंदर या बाहर गैर-कानूनी सामान लाने, बिना इजाजत कैदियों से बात करने या इन नियमों को तोड़ने में मदद करने पर सजा का प्रावधान करती है. जांच अधिकारी नोटिस भेजने और आगे की कार्रवाई शुरू करने से पहले वे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं और और जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं.
डीजीपी जेल आलोक कुमार ने बताया कि मंगलवार की दोपहर सीसीबी ने सभी हाई-प्रोफाइल कैदियों के यहां छापेमारी की. प्रज्वल रेवन्ना के पास से एक एंड्रॉयड फोन जब्त किया गया है. डीआईजी (साउथ) की रिपोर्ट पर संबंधित असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट को सस्पेंड कर दिया गया है और बैंगलोर सेंट्रल जेल के एसपी को 'शो कॉज नोटिस' (कारण बताओ नोटिस) जारी किया गया है. इस घटना की विस्तृत जांच की जा रही है.
गौरतलब है कि पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना अश्लील वीडियो के मामले में जेल में बंद हैं. मार्च 2026 में पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े अश्लील वीडियो मामले में जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 13,712 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की थी. इस मामले में कुल 39 आरोपियों को नामजद किया गया है.
यह चार्जशीट हासन की वरिष्ठ सिविल अदालत में दायर की गई थी. एसआईटी के अनुसार जांच के दौरान कुल 52 लोगों के नाम सामने आए थे, लेकिन पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर 39 के खिलाफ ही आरोप तय किए गए. यह जांच 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान जेडी(एस) के एजेंट रहे अधिवक्ता पूर्णचंद्र द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर शुरू की गई थी.
एसआईटी ने अपनी चार्जशीट में बताया कि आरोपियों ने हासन में करीब 70 पेन ड्राइव खरीदे थे, जिनके जरिए कथित अश्लील वीडियो फैलाए गए. जांच के दौरान 277 गवाहों के बयान दर्ज किए गए.
इनपुट-आईएएनएस
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