नए इनकम टैक्स रूल्स से कितनी बढ़ जाएगी आपकी सैलरी? एक क्लिक में समझें हिसाब
नए टैक्स रिजीम को चुनने वालों के लिए धारा 87ए के तहत रिबेट बढ़ाकर 60 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है. इससे 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर टैक्स देनदारी शून्य हो सकती है.

1 फरवरी को पेश बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया था कि दशकों पुराने इनकम टैक्स कानून की जगह नए नियम लागू किए जाएंगे. यह प्रस्तावित इनकम टैक्स रूल्स 2026 को 1 अप्रैल 2026 से लागू करने की तैयारी है. वहीं फिलहाल ड्राफ्ट को 22 फरवरी तक आम लोगों की राय के लिए रखा गया है, जिसके बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा. इसके अलावा टैक्स एक्सपर्ट का मानना है कि इन बदलावों का सीधा फायदा नौकरीपेशा लोगों को मिलेगा. टीडीएस कम कटेगा और टेक होम सैलरी बढ़ेगी. खासतौर पर एचआरए, एजुकेशन और हॉस्टल अलाउंस में प्रस्तावित बदलाव से टैक्सेबल इनकम घटेगी. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं की नए इनकम टैक्स रूल से आपकी सैलरी कितनी बढ़ जाएगी, एक क्लिक में कैसे समझे हिसाब.
50 प्रतिशत एचआरए छूट वाले शहरों की सूची बढ़ेगी
अब तक दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में काम करने वालों को ही बेसिक सैलरी का 50 प्रतिशत तक एचआरए छूट मिलती थी. नए ड्राफ्ट में बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी इस कैटेगरी में शामिल करने का प्रस्ताव है. इन शहरों में रहने वाले कर्मचारी अब 50 प्रतिशत तक एचआरए क्लेम कर सकेंगे. जबकि अन्य शहरों में 40 प्रतिशत की सीमा लागू रहेगी. इसके अलावा ड्राफ्ट नियमों में एजुकेशन अलाउंस को 100 रुपये प्रति माह प्रति बच्चे से बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव है. वहीं हॉस्टल अलाउंस की सीमा 300 रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये प्रतिमाह प्रति बच्चा की जा सकती है. यह छूट अधिकतम दो बच्चों तक मिलेगी.
12 लाख तक की आय पर राहत
नए टैक्स रिजीम को चुनने वालों के लिए धारा 87ए के तहत रिबेट बढ़ाकर 60 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है. इससे 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर टैक्स देनदारी शून्य हो सकती है. इससे मिडिल क्लास वर्ग को सीधा फायदा मिलेगा, वहीं सैलरीड कर्मचारियों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन जारी रहेगा. इसे 75,000 से बढ़ाकर 1 लाख रुपये तक किए जाने पर चर्चा है. इसके अलावा कंपनी की ओर से मिलने वाले गिफ्ट पर टैक्स छूट की सीमा 5000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये करने का प्रस्ताव है.
इस तरह से समझें पूरा हिसाब
मान लीजिए किसी कर्मचारी की सालाना ग्रोस सैलरी 30 लाख रुपये हैं, ऐसे में पुराने नियमों के तहत एजुकेशन अलाउंस पर 2,400 रुपये की छूट, हॉस्टल अलाउंस पर 7,200 रुपये की छूट, 75,000 मासिक किराए पर 6 लाख रुपये एचआरए छूट और 50000 रुपये स्टैंडर्ड डिडक्शन इन सब के बाद नेट सैलरी 23,40,400 मानी जाएगी. वहीं चैप्टर VI-A के तहत 4.05 लाख रुपये की एक्स्ट्रा छूट के बाद टैक्सेबल इनकम 19,35,400 रहेगी. इस पर लगभग 4,08,844 टैक्स बनता है. इस तरह सालाना टेक होम सैलेरी करीब 23.47 लाख रुपये रहती है.
वहीं नए ड्राफ्ट के नियमों के तहत एजुकेशन अलाउंस पर 72,000 रुपये तक छूट, हॉस्टल अलाउंस पर 2,06,000 तक छूट और एचआरए पर 7,50,000 तक छूट होगी. इन बड़ी छूटों के बाद टैक्सेबल इनकम घटकर करीब 15,07,000 रुपये तक रह सकती है. ऐसे में टैक्स करीब 2,75,184 बनेगा. इससे सालाना करीब 1.33 लाख रुपये के टैक्स बचत होगी और टेक होम सैलरी बढ़कर लगभग 24.81 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. यानी हर महीने हाथ में आने वाली रकम में इजाफा होगा. वहीं एक्सपर्ट के अनुसार इन बदलाव से औसत सैलरीड कर्मचारियों की सालाना टेक होम सैलरी 25,000 से 80,000 रुपये तक बढ़ सकती है. हालांकि इसका फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि आप कौन सा टैक्स रिजीम सेलेक्ट करते हैं और आपकी सैलरी का स्ट्रक्चर कैसा है.
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Source: IOCL

























