देश में शुरू होने वाली है जनगणना, जानें कौन-से 33 सवाल पूछे जाएंगे आपसे?
Questions Asked In Census: साल 2027 में देशभर में जनगणना शुरू होगी. पहले चरण में घरों और सुविधाओं से जुड़ी 33 अहम जानकारियां जुटाई जाएंगी. जान लीजिए इनमें क्या सवाल पूछे जाएंगे.

Questions Asked In Census: साल 2027 में देशभर में जनगणना होने वाली है और इसके लिए अब तैयारियां भी तेजी पर हैं. हर दस साल में होने वाली यह जनगणना इस बार पहले से ज्यादा डिटेल में डेटा जुटाएगी. सरकार सिर्फ यह नहीं जानना चाहती कि देश में कितने लोग रहते हैं.
बल्कि यह भी समझना चाहती है कि लोग किस तरह के घरों में रह रहे हैं और उन्हें कौन कौन सी बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं. 33 सवालों की लिस्ट सामने आने के बाद लोगों के मन में सवाल आ रहे हैं. चलिए आपको बताते हैं इस बारे में पूरी जानकारी.
2027 जनगणना का पहला चरण क्या होगा
केंद्र सरकार ने गैजेट नोटिफिकेशन जारी कर पहले फेज का फ्रेमवर्क बना दिया है. 1 अप्रैल से शुरू होने वाला यह फेज हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस पर बेस्ड होगा. जनगणना अधिकारी घरों की गिनती करेंगे और उनकी रहन-सहन से जुड़ी जानकारियां दर्ज करेंगे. भारत के रजिस्ट्रार जनरल के मुताबिक इसका मकसद यह है कि देश की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सटीक डेटा तैयार हो. इससे सरकार को विकास योजनाएं ज्यादा टारगेटेड तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी.
33 सवालों में क्या क्या शामिल रहेगा?
इस बार पूछे जाने वाले सवाल घर की संरचना और परिवार की स्थिति को लेकर होंगे. मकान पक्का है या कच्चा, दीवार और छत किस चीज की है, घर में कितने सदस्य रहते हैं और कितने विवाहित जोड़े हैं, यह दर्ज किया जाएगा. घर का मुखिया पुरुष है या महिला और वह किस सामाजिक वर्ग से है. यह भी पूछा जाएगा.
सुविधाओं पर भी खास फोकस रहेगा. पीने का पानी, शौचालय, बिजली, रसोई गैस, इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी की उपलब्धता दर्ज होगी. परिवार के पास साइकिल, बाइक, कार जैसे साधन हैं या नहीं, यह भी जानकारी ली जाएगी. यहां तक कि रोजमर्रा में किस तरह का अनाज ज्यादा खाया जाता है. यह भी नोट किया जाएगा.
जवाब न देने पर क्या होगा?
जनगणना एक लीगल प्रोसेस है और जानकारी देना नागरिक कर्तव्य माना जाता है. अगर कोई व्यक्ति जानकारी देने से इनकार करता है या गलत सूचना देता है. तो जुर्माने का प्रावधान है. लेकिन इससे नागरिकता पर कोई असर नहीं पड़ता. नागरिकता तय करने के लिए अलग कानून और प्रोसेस लागू होती है.
जनगणना का मकसद किसी की पहचान पर सवाल उठाना नहीं है. असल मकसद यह समझना है कि देश के किस हिस्से में किन सुविधाओं की जरूरत है. सही जानकारी मिलने पर ही स्कूल, अस्पताल, सड़क और अन्य योजनाओं का बजट सही ढंग से तय किया जा सकता है. इसलिए सहयोग देना आपके इलाके के डेवलपमेंट से जुड़ा हुआ है.
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Source: IOCL
























