मोबाइल की तरह पोर्ट होगा Fastag, बिना नया स्टीकर खरीदे बदल सकेंगे बैंक
अब मोबाइल नंबर की तरह FASTag भी पोर्ट कर सकेंगे. OneTag सुविधा से बिना नया फास्टैग खरीदे बैंक बदल सकेंगे. जानें फास्टैग पोर्ट करने का तरीका और किन बैंकों में मिलेगी ये सुविधा.

अगर आपकी कार की विंडशील्ड पर लगा फास्टैग ठीक काम कर रहा है, लेकिन आप उससे जुड़े बैंक को बदलना चाहते हैं, तो अब इसके लिए नया फास्टैग खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सरकार ने OneTag नाम की नई सुविधा शुरू की है, जिसके जरिए फास्टैग को एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट किया जा सकेगा.
ये सुविधा कुछ हद तक मोबाइल नंबर पोर्ट करने जैसा ही है. यानी फास्टैग का स्टिकर वही रहेगा सिर्फ उससे जुड़ा बैंक बदलेगा. इस सुविधा को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 11 सितंबर को लॉन्च किया है.
क्या है OneTag?
OneTag, फास्टैग की पोर्टेबिलिटी सुविधा है. इसका मतलब है कि वाहन मालिक अपने मौजूदा फास्टैग को बिना हटाए दूसरे बैंक के साथ लिंक कर सकता है. पहले अगर कोई व्यक्ति फास्टैग जारी करने वाला बैंक बदलना चाहता था, तो उसे पुराने फास्टैग को बंद कराकर नया फास्टैग लेना पड़ता था. इसके लिए पुराना स्टिकर हटाना और नया स्टिकर लगाना पड़ता था. अब इस झंझट को खत्म करने की कोशिश की गई है.
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फास्टैग को बैंक बदलकर कैसे पोर्ट करें?
- सबसे पहले राजमार्ग यात्रा ऐप खोलें.
- होम पेज पर दिए गए OneTag ऑप्शन को चुनें.
- अपने मौजूदा फास्टैग की जानकारी दर्ज करें.
- जिस नए बैंक के साथ फास्टैग लिंक करना है, उसे चुनें.
- जरूरी वेरिफिकेशन पूरा करें.
- प्रोसेस पूरी होने के बाद वही फास्टैग नए बैंक के साथ इस्तेमाल किया जा सकेगा.
- वैसे पोर्ट करने से पहले ये देखना जरूरी है कि आपका नया बैंक OneTag पोर्टेबिलिटी सिस्टम में शामिल है या नहीं.
क्या नया फास्टैग खरीदना होगा?
OneTag की सबसे बड़ी खासियत यही है कि बैंक बदलने के लिए नया फास्टैग स्टिकर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यानी अगर कार की विंडशील्ड पर मौजूदा फास्टैग सही स्थिति में है, तो उसे उखाड़ने की जरूरत नहीं होगी. इससे नया टैग खरीदने और पुराने टैग को हटाने की परेशानी कम होगी.
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क्या सारे बैंक में फास्टैग पोर्ट कर पाएंगे?
OneTag सिस्टम में कई बड़े बैंक जुड़ चुके हैं. इनमें एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक और एयरटेल पेमेंट बैंक जैसे नाम शामिल हैं. आने वाले समय में ज्यादा बैंकों के सिस्टम से जुड़ने की उम्मीद है, जिससे ग्राहकों के पास बैंक बदलने के ज्यादा ऑप्शन हो सकते हैं.





















