कन्फर्म सीट पर बिना टिकट यात्रियों का कब्जा, परिवार को 75000 देगा रेलवे
कन्फर्म ट्रेन टिकट होने के बावजूद रिजर्व बर्थ पर दूसरे यात्रियों के कब्जे के मामले में कंज्यूमर कमीशन ने रेलवे को परिवार को 75,000 देने का आदेश दिया. रेल मदद पर दर्ज कराई शिकायत.

ट्रेन में कन्फर्म टिकट होने के बाद भी अगर अपनी सीट लेने के लिए दूसरे यात्रियों से बार बार कहना पड़े, तो सफर मुश्किल हो जाता है. केरल के एक परिवार को ऐसी ही परेशानी का सामना करना पड़ा. उनकी रिजर्व बर्थ पर दूसरे यात्रियों ने कब्जा कर लिया था और पूरे कोच में बहुत भीड़ थी. शिकायत के बाद मामला कंज्यूमर कमीशन पहुंचा, कोर्ट ने रेलवे को परिवार को कुल 75,000 रुपये देने का आदेश दिया.
परथसारथी टी, उनकी पत्नी निर्मला केटी और बेटे आदित्य टीपी 10 दिसंबर 2023 को कन्याकुमारी पुणे एक्सप्रेस से सफर कर रहे थे. तीनों के पास स्लीपर क्लास के कन्फर्म टिकट थे. माता पिता की लोअर बर्थ S2 कोच में थी, जबकि बेटे की अपर बर्थ S6 कोच में थी.
परिवार का कहना था कि दोनों कोच में काफी भीड़ थी. बिना टिकट, वेटिंग लिस्ट और अनरिजर्व्ड यात्री रिजर्व बर्थ पर बैठे थे. कुछ लोग फर्श पर भी बैठे और सो रहे थे. बुजुर्ग माता पिता को अपनी लोअर बर्थ इस्तेमाल करने के लिए दूसरे यात्रियों से बार बार सीट खाली करने को कहना पड़ा. बेटे को भी अपनी बर्थ के लिए ऐसा ही करना पड़ा.
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रेल मदद पर दर्ज कराई शिकायत
भीड़ के वजह से परिवार के लिए कोच में चलना और वॉशरूम जाना भी मुश्किल हो गया. उन्होंने रात में रेल मदद ऐप पर शिकायत की. बाद में S6 कोच में अनरिजर्व्ड यात्रियों की भीड़ और टिकट जांच नहीं होने की शिकायत भी दर्ज कराई.
रेलवे ने कहा कि उसके कर्मचारियों ने शिकायतों पर कार्रवाई की और अलग अलग स्टेशनों पर बिना इजाजत के यात्रियों को हटाया. लेकिन, कमीशन के सामने रेलवे इस कार्रवाई का कोई सबूत नहीं दे सका.
तस्वीरों और शिकायतों को माना सबूत
परिवार ने कोच में भीड़ की तस्वीरें भी पेश कीं. कमीशन ने रेल मदद की शिकायतों और तस्वीरों को अहम सबूत माना. कोर्ट ने कहा कि कन्फर्म रिजर्वेशन के बावजूद परिवार को सेफ्टी और अच्छा सर्विस वाला सफर नहीं मिल पाया.
पालक्काड जिला कंज्यूमर कमीशन ने रेलवे को 50,000 रुपये मुआवजे और 25,000 रुपये मुकदमे के खर्च के तौर पर देने का आदेश दिया. इस तरह परिवार को कुल 75,000 रुपये मिलेंगे. रेलवे को पेमेंट के लिए 45 दिन का समय दिया गया है. देरी होने पर हर महीने 500 रुपये एकस्ट्रा देने होंगे.
यात्रियों के लिए जरूरी बात
अगर रिजर्व बर्थ पर कोई दूसरा यात्री कब्जा कर ले, तो रेल मदद पर शिकायत करें और शिकायत नंबर और स्क्रीनशॉट सेफ्टी के साथ रखें. कोच और बर्थ नंबर, ट्रेन नंबर, तारीख और समय भी नोट करें. सेफ्टी हो तो फोटो या वीडियो लें और TTE या रेलवे सेफ्टी कर्मचारियों को जानकारी दें. ये सबूत आगे शिकायत करने में काम आ सकते हैं.





















