आज दिल्ली में 8th Pay Commission की बैठक का आखिरी दिन, क्या पूरी होगी कर्मचारी यूनियनों की डिमांड?
8th Pay Commission: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जनपथ में चंद्रलोक बिल्डिंग की तीसरी और सातवीं मंजिल पर 8वें वेतन आयोग की कर्मचारी संघों के साथ बैठक हो रही है.

8th Pay Commission Delhi Meetings: दिल्ली में 8वें वेतन आयोग की कर्मचारी संघों के साथ बैठक का आज आखिरी दिन है. चर्चाओं का पहला दौर मंगलवार को काफी उम्मीदों के साथ शुरू हुआ. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जनपथ में चंद्रलोक बिल्डिंग की तीसरी और सातवीं मंजिल पर ये बैठकें हो रही हैं. हालांकि, बंद कमरों में हुई इस बातचीत में किन मुद्दों का जिक्र हुआ, इस बारे में बता पाना अभी मुश्किल है.
कर्मचारी प्रतिनिधियों ने रखी अपनी मांगें
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल काउंसिल (Staff-side)- JCM के सचिव और ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेउरेशन (AIRF) के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने बताया कि पहला दिन कर्मचारी प्रतिनिधियों और आयोग के बीच पहली औपचारिक बातचीत का दिन था.
उन्होंने बताया, ''हमने उन्हें यह बताने की कोशिश की कि NC-JCM करीब 36 लाख सरकारी कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है. रेलवे, रक्षा, सिविल सेवा, आयकर, डाक, ऑडिट—ये सभी इसमें शामिल हैं.'' उन्होंने कहा कि स्टाफ साइड ने पहले ही एक विस्तृत ज्ञापन सौंप दिया था और इस मीटिंग का इस्तेमाल उसके मुख्य बिंदुओं को समझाने के लिए किया.
क्या है कर्मचारी यूनियनों की मांगे?
- मिनिमम बेसिक सैलरी को वर्तमान 18000 रुपये से बढ़ाकर 69000 करना. BPMS जैसे कुछ संगठनों ने इसे 72000 रुपये तक ले जाने का प्रस्ताव रखा है.
- पेंशन और सैलरी रिवीजन के लिए फिटमेंट फैक्टर 3.833 रखने की डिमांड की गई है.
- सालाना इंक्रीमेंट को 3 परसेंट से बढ़ाकर 6 परसेंट करने की मांग की गई है.
- नई पेंशन योजना और यूपीएस की जगह पुरानी पेंशन योजना (OPS) को वापस लागू करने की मांग की गई है.
- रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए अंतिम आहरित वेतन (Last drwan salary) का 67 परसेंट पेंशन के रूप में देने का प्रस्ताव है.
- शहरों की श्रेणी के आधार पर हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को 40%, 35% और 30% करने की मांग है.
- वेतन आयोग को 10 साल की जगह अब 5 साल के अंतराल पर लागू करने का प्रस्ताव.
- 30 साल की सेवा के दौरान कम से कम 5 प्रोमोशन की गारंटी सुनिश्चित करना.
इस बीच, सरकार ने आयोग को मेमोरेंडम (सुझाव-पत्र) जमा करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दी है. सरकार के इस फैसले के चलते अब लाखों केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स और कर्मचारी संगठन अपनी मांगें और सुझाव कुछ और समय तक के लिए तैयार कर सकेंगे. पहले इसकी डेडलाइन 30 अप्रैल 2026 थी.
क्या पूरी होंगी मांगें?
अब सबसे बड़ा सवाल यही आता है कि कर्मचारी यूनियनों द्वारा की गई सभी मांगे पूरी होगी या नहीं. फिलहाल, आठवां वेतन आयोग Consultation Stage में है. कर्मचारी यूनियनों की मांगों पर अंति फैसला सरकार अपनी वित्तीय स्थिति और आयोग की सिफारिशों के आधार पर लेगी.
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