Kaun Banega Mukhyamantri: 'बंटेंगे तो कटेंगे'..बिहार में वोट मिलेंगे? | Bihar Election | Chapara
एबीपी की टीम कौन बनेगा मुख्यमंत्री का खास शो करने पहुंच चुकी है सारण जिला-जिले के मुख्यालय - छपरा के नाम पर इसे छपरा भी कहा जाता है...सारण अपने ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व के लिए जाना जाता है....छपरा शहर से लगभग 10 किमी उत्तर में स्थित रामपुर कल्लन गाँव स्वतंत्रता सेनानी सरदार मंगल सिंह का गाँव है....आइन-ए-अकबरी में उपलब्ध जिले की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के अनुसार, सारण छह सरकारों (राजस्व प्रभागों) में से एक है...प्राचीन दिनों में, आधुनिक सारण डिवीजन, कौशल (कोसल)देश का एक हिस्सा था...1908 में तिरहुत प्रभाग के गठन के बाद सारण को इसका हिस्सा बना दिया गया...1972 में पुराने सारण जिले का प्रत्येक उपखंड एक स्वतंत्र जिला बन गया....सीवान और गोपालगंज के अलग होने के बाद नए सारण जिले का मुख्यालय अभी भी छपरा में है... देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद का जन्म जीरादेई में हुआ था, उस समय वह इसी जिले का हिस्सा था...जिस गाँव में जे.पी. का जन्म हुआ था, उस समय वह गाँव इसी जिले का हिस्सा था...सारण नाम सारण नाम की उत्पत्ति से जुड़ी कई कहानियां हैं · कहा जाता है कि सारण को पहले शरणस्थल के नाम से जाना जाता था, जो सम्राट अशोक द्वारा निर्मित एक स्तूप (स्तंभ) के नाम पर रखा गया था· एक अन्य मान्यता के अनुसार, सारण नाम सारंग-अरण्य या हिरण वन से लिया गया है - यह जिला प्रागैतिहासिक काल में अपने विस्तृत वन और हिरणों के लिए प्रसिद्ध था....इस बार चुनावी रण का क्या रहेगा समीकरण, कौन सा मुद्दा गुंज रहा है यही आप तक पहुंचाने के लिए हम हैं ग्राउंड जीरो पर। तमाम सवालों पर चर्चा करेंगे, सबसे पहले आज के बड़े बयान आप सुन लीजिए।




































