एक्सप्लोरर

क्यों DoT का नया SIM-Binding आदेश लोगों में मचा रहा खलबली? क्या सरकार कर रही है डिजिटल हदें पार?

SIM Binding: DoT के हालिया निर्देश ने डिजिटल दुनिया में हलचल मचा दी है. इस आदेश के बाद WhatsApp, Telegram, Signal जैसे ऑनलाइन मैसेजिंग ऐप्स बिना सक्रिय SIM के किसी भी डिवाइस पर नहीं चल सकेंगे.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • नियमों का पालन न करने वाली ऐप्स भारत में नहीं चलेंगी।

SIM Binding: दूरसंचार विभाग (DoT) के हालिया निर्देश ने डिजिटल दुनिया में हलचल मचा दी है. इस आदेश के बाद WhatsApp, Telegram, Signal जैसे ऑनलाइन मैसेजिंग ऐप्स बिना सक्रिय SIM के किसी भी डिवाइस पर नहीं चल सकेंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम OTT प्लेटफॉर्म पर व्यापक नियंत्रण की शुरुआत हो सकता है.

टेक कंपनियां पहले ही आशंका जता चुकी थीं कि नया Telecom Act 2023 OTT ऐप्स को भी अपने दायरे में ला सकता है, भले ही उस समय यह कहा गया था कि OTT इस कानून के दायरे में नहीं आएंगे. लेकिन नया आदेश उस आशंका को सही साबित करता दिख रहा है.

कानूनी विशेषज्ञों की चेतावनी और अधिकार सीमा पर सवाल

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, कई कानूनी विशेषज्ञ इसे DoT की अधिकार सीमा से बाहर जाने जैसा मान रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट की वकील वृंदा भंडारी के अनुसार, यह फैसला मैसेजिंग ऐप्स के सीधे नियमन जैसा है जबकि ऐसे ऐप्स का अधिकारक्षेत्र पारंपरिक रूप से आईटी मंत्रालय (MeitY) के पास रहा है.

एक अन्य विशेषज्ञ ऐश्वर्या कौशिक का मानना है कि कोई भी सेवा जो मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करती है, उसे DoT के साइबर सिक्योरिटी ढांचे में लाना एक बड़ा विस्तार है. उनका कहना है कि DoT के अधिकार असली टेलीकॉम पहचान सुरक्षा तक सीमित रहने चाहिए.

यूजर्स को हर छह घंटे में दोबारा लॉग इन करना होगा

DoT ने WhatsApp, Telegram, Snapchat, Signal और अन्य ऐप्स को नोटिस भेजकर निर्देश दिया है कि यूज़र की SIM उनके अकाउंट से लगातार जुड़ी होनी चाहिए. इसका मतलब यह है कि बिना SIM वाले डिवाइस पर इन ऐप्स का इस्तेमाल नहीं होगा.

WhatsApp Web जैसे वेब संस्करण हर छह घंटे में ऑटो-लॉगआउट हो जाएंगे. हर बार QR कोड से दोबारा लिंक करना होगा. इस कदम को डिजिटल फ्रॉड रोकने का उपाय बताया जा रहा है, लेकिन डिजिटल राइट्स विशेषज्ञों को यूज़र्स की प्राइवेसी पर भारी खतरा दिख रहा है.

यूजर्स पर बढ़ेगा जोखिम और तकनीकी चुनौतियां भी गंभीर

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार SIM-बाइंडिंग से यह धारणा बन सकती है कि कोई भी डिजिटल गड़बड़ी या फ्रॉड SIM कार्ड धारक ने ही किया है. इससे यूजर्स पर अतिरिक्त कानूनी बोझ बढ़ जाएगा.

इसके अलावा, तकनीकी रूप से SIM-बाइंडिंग को लागू करना मैसेजिंग ऐप्स के लिए आसान नहीं है. गार्टनर की विश्लेषक अपेक्षा कौशिक के मुताबिक, यह तरीका फ्रॉड रोकने में मदद जरूर करेगा, लेकिन गलत तरीके से लागू होने पर यह असली यूजर्स के लिए परेशानी का कारण भी बन सकता है.

निर्देश का कानूनी आधार और नए साइबर नियम

Telecom Act 2023 लागू होने के बाद DoT ने कई नए नियम जारी किए हैं जो इंटरनेट शटडाउन, साइबर सुरक्षा और कानूनी निगरानी जैसे पहलुओं को कवर करते हैं. 2025 में जारी Telecommunications (Telecom Cyber Security) Amendment Rules ने Mobile Number Validation प्लेटफॉर्म का रास्ता खोला जिसके तहत ऐप्स को SIM-बाइंडिंग लागू करने का निर्देश दिया गया. हालांकि, नियमों में “कंटीन्यूअस SIM-बाइंडिंग” जैसी कठोर शर्त सीधे तौर पर नहीं लिखी गई है.

बैंकिंग ऐप्स बनाम मैसेजिंग ऐप्स

भारत में SBI सहित कई बैंकिंग ऐप्स SIM-binding स्टाइल सुरक्षा फीचर देकर काम करते हैं लेकिन वे असली SIM-बाइंडिंग नहीं, बल्कि डिवाइस-बाइंडिंग का इस्तेमाल करते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि DoT का नया आदेश मैसेजिंग ऐप्स के लिए de-facto व्हाइटलिस्ट जैसा प्रभाव पैदा करेगा जो ऐप इन शर्तों को पूरा करेगा, वही भारत में काम कर पाएगा.

टेलीकॉम कंपनियां खुश, टेक कंपनियां नाराज़

टेलीकॉम कंपनियों ने इस आदेश का स्वागत किया है. COAI ने इसे साइबर फ्रॉड रोकने के लिए “दुनिया में पहली बार लागू की गई मजबूत पहल” बताया. लेकिन दूसरी तरफ Google, Meta जैसी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाला Broadband India Forum इस निर्देश को लेकर गंभीर चिंता जता रहा है.

उनका कहना है कि लागू करने की टाइमलाइन बढ़ाई जाए, खुली सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया शुरू की जाए, टेक कंपनियों और सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ मिलकर नया ढांचा बनाया जाए. उनका मानना है कि यह आदेश अनावश्यक नियंत्रण बढ़ाने वाला है और यूजर्स की सुविधा व प्राइवेसी को नुकसान पहुंचा सकता है.

यह भी पढ़ें:

क्या इंसानों की छुट्टी होने वाली है? Satya Nadella ने खोल दिया राज, जानिए पूरी जानकारी

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

लैपटॉप चार्ज करने के लिए कितने Watt का Power Bank चाहिए? खरीदने से पहले जान लें सच्चाई
लैपटॉप चार्ज करने के लिए कितने Watt का Power Bank चाहिए? खरीदने से पहले जान लें सच्चाई
रात में फोन पर Do Not Disturb नहीं! ये सेटिंग ऑन करने पर मिलेगी बेहतर नींद
रात में फोन पर Do Not Disturb नहीं! ये सेटिंग ऑन करने पर मिलेगी बेहतर नींद
रोज-रोज Reels देखने की आदत दिमाग पर डाल रही है असर? स्टडी में खुलासा
रोज-रोज Reels देखने की आदत दिमाग पर डाल रही है असर? स्टडी में खुलासा
बच्चों के लिए बेस्ट हैं ये टॉय लैपटॉप, आज ही खरीदकर रख लें
बच्चों के लिए बेस्ट हैं ये टॉय लैपटॉप, आज ही खरीदकर रख लें

वीडियोज

Gujarat News | Road Accident: टक्कर से गिरे स्कूटी सवार..मची चीख पुकार | Breaking | ABP News
Parvesh Verma Slap Row: थप्पड़ केस में बुरे फंसे प्रवेश! | AAP | BJP
SIR Controversy: वोट के रखवाले | ABP News
Parvesh Verma Slap Row: दिल्ली के थप्पड़बाज मंत्री की पूरी कहानी! | AAP | BJP | CM Rekha
SIR Controversy | Gyanesh Kumar: Vote Chori या चुनावी मैच फिक्सिंग..CEC पर सबसे सटीक विश्लेषण!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ट्रंप ने क्यों ठुकराया ईरान का सीजफायर का प्लान? डिप्लोमैट ने कर दिया खुलासा
ट्रंप ने क्यों ठुकराया ईरान का सीजफायर का प्लान? डिप्लोमैट ने कर दिया खुलासा
अफगानिस्तान के साथ मैच रद्द, फिर भी कैसे सेमीफाइनल में पहुंचा भारत? जानें नियम
अफगानिस्तान के साथ मैच रद्द, फिर भी कैसे सेमीफाइनल में पहुंचा भारत? जानें नियम
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर 5 साल के बच्चे की मौत, पहाड़ी से गिरा पत्थर, 1100 लोगों का रेस्क्यू
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर 5 साल के बच्चे की मौत, पहाड़ी से गिरा पत्थर
वेस्टइंडीज को भारत ने रौंदा, शशि थरूर बोले- 'ज्यादा मजा नहीं आया, कोहली...'
वेस्टइंडीज को भारत ने रौंदा, शशि थरूर बोले- 'ज्यादा मजा नहीं आया, कोहली...'
टॉम हॉलैंड की ब्लॉकबस्टर 'स्पाइडर मैन ब्रांड न्यू डे' अब OTT पर मचाएगी धमाल, जानें- कब और कहां देख सकेंगे?
'स्पाइडर मैन ब्रांड न्यू डे' अब OTT पर मचाएगी धमाल, जानें- कब और कहां देख सकेंगे?
हिरासत से छूटते ही आशुतोष रांका ने ऐसा क्या लिखा? मायूस हुए दीपके, लिखा- 'अबे यार...'
हिरासत से छूटते ही आशुतोष रांका ने ऐसा क्या लिखा? मायूस हुए दीपके, लिखा- 'अबे यार...'
'जालीदार वोट न छिटक जाए...', राम मंदिर को लेकर सपा-कांग्रेस पर बरसे CM योगी
'जालीदार वोट न छिटक जाए...', राम मंदिर को लेकर सपा-कांग्रेस पर बरसे CM योगी
हरियाणवी गाने पर हसीनाओं ने लूट ली महफिल, दीवाने हो जाएंगे आप
हरियाणवी गाने पर हसीनाओं ने लूट ली महफिल, दीवाने हो जाएंगे आप
Embed widget