एक्सप्लोरर

सरकार बदल सकती है SIM बाइंडिंग का नियम? इन ऐप्स को मिल सकती है खास राहत

SIM Binding: केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जाने वाले SIM बाइंडिंग नियमों को लेकर अब नया मोड़ सामने आ रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार इन नियमों में कुछ नरमी दिखाने पर विचार कर सकती है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए नियम लाए गए थे।

SIM Binding: केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जाने वाले SIM बाइंडिंग नियमों को लेकर अब नया मोड़ सामने आ रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार इन नियमों में कुछ नरमी दिखाने पर विचार कर सकती है. कई टेक कंपनियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने इन नियमों को लेकर चिंता जताई है जिसके बाद सरकार इस विषय पर दोबारा समीक्षा कर रही है.

क्या है SIM बाइंडिंग का नियम?

दिसंबर 2025 में Department of Telecommunications (DoT) ने नए नियम जारी किए थे. इनके अनुसार मैसेजिंग ऐप्स को यूजर के मोबाइल SIM से लगातार लिंक रहना जरूरी होगा. इसका मतलब यह है कि जिस SIM नंबर से अकाउंट बनाया गया है उसी SIM वाले डिवाइस से उस ऐप का इस्तेमाल किया जा सकेगा.

इसके अलावा नियमों में यह भी कहा गया था कि अगर कोई यूजर इन ऐप्स को वेब या डेस्कटॉप वर्जन पर इस्तेमाल करता है तो उसे हर छह घंटे में अपने आप लॉगआउट कर दिया जाएगा. इसका उद्देश्य सुरक्षा को मजबूत बनाना और गलत इस्तेमाल को रोकना बताया गया था.

टेक कंपनियों ने उठाई आपत्ति

इन नियमों को लेकर कई सोशल मीडिया और टेक कंपनियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. कंपनियों का कहना है कि यह नियम केवल उन ऐप्स पर लागू होना चाहिए जो मुख्य रूप से मैसेजिंग के लिए बनाए गए हैं.

उनका तर्क है कि कई बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में मैसेजिंग सिर्फ एक फीचर होता है जबकि उनकी मुख्य सेवाएं अलग होती हैं. ऐसे में उन पर भी यही नियम लागू करना व्यावहारिक नहीं होगा.

कुछ प्लेटफॉर्म्स को मिल सकती है छूट

रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार अब ऐसे प्लेटफॉर्म्स को छूट देने की संभावना पर विचार कर रही है जिनका मुख्य काम एक-दूसरे को मैसेज भेजना नहीं है. सूत्रों के अनुसार कानून का उद्देश्य मुख्य रूप से कम्युनिकेशन ऐप्स को कवर करना था, इसलिए इस पर थोड़ी लचीलापन दिखाया जा सकता है. हालांकि अभी तक इस विषय पर अंतिम सहमति नहीं बनी है.

कुछ कंपनियों ने शुरू की तैयारी

नियमों के लागू होने की संभावना को देखते हुए कुछ मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पहले ही बदलाव की तैयारी शुरू कर चुके हैं. उदाहरण के तौर पर WhatsApp, JioChat और Arattai जैसे ऐप्स अपने यूजर अकाउंट को SIM से जोड़ने की तकनीकी व्यवस्था पर काम कर रहे हैं.

क्यों लाया गया था यह नियम?

SIM बाइंडिंग का प्रस्ताव Telecommunication Cybersecurity Amendment Rules, 2025 के तहत सामने आया था. इन नियमों के जरिए सरकार ने उन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को भी टेलीकॉम नियमों के दायरे में लाने की कोशिश की है जो मोबाइल नंबर के आधार पर यूजर की पहचान करते हैं.

नियमों के अनुसार कंपनियों को यह सुनिश्चित करना था कि यूजर उसी डिवाइस पर सेवा का इस्तेमाल कर सके जिसमें रजिस्ट्रेशन के समय इस्तेमाल किया गया SIM मौजूद हो. कंपनियों को तकनीकी बदलाव लागू करने के लिए 90 दिनों का समय दिया गया था.

साइबर धोखाधड़ी रोकने की कोशिश

सरकार का मानना है कि SIM से लिंक न होने वाले डिवाइसों का इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया जा सकता है. खासकर विदेशों से बैठकर टेलीकॉम फ्रॉड करने की घटनाओं को रोकने के लिए इस तरह के नियम जरूरी बताए गए थे. इसी वजह से वेब या डेस्कटॉप लॉगिन को सीमित समय तक ही सक्रिय रखने का प्रावधान रखा गया.

उद्योग संगठनों ने जताई चिंता

टेक उद्योग से जुड़े कई संगठनों ने इन नियमों को लेकर चिंता भी व्यक्त की है. Broadband India Forum का कहना है कि इस तरह के नियम टेलीकॉम विभाग के अधिकार क्षेत्र से बाहर भी हो सकते हैं और इससे कुछ कानूनी सवाल खड़े हो सकते हैं.

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि साइबर सुरक्षा के लिए SIM-KYC प्रक्रिया को और मजबूत किया जाए और टेलीकॉम कंपनियों, बैंकों तथा जांच एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए.

यह भी पढ़ें:

क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी! सिर्फ 44 में देखें IND Vs NZ Final LIVE, ये हैं सबसे सस्ते स्ट्रीमिंग पैक

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

4 साल बाद Google का बड़ा Android इवेंट, इस बार क्या होगा खास?
4 साल बाद Google का बड़ा Android इवेंट, इस बार क्या होगा खास?
एक छोटी गलती और WhatsApp Account Ban! इन 4 कामों से बचें
एक छोटी गलती और WhatsApp Account Ban! इन 4 कामों से बचें
Instagram Reel को बना सकते हैं अपने फोन की रिंगटोन! ये है सबसे आसान तरीका
Instagram Reel को बना सकते हैं अपने फोन की रिंगटोन! ये है सबसे आसान तरीका
सबकुछ ठीक फिर भी SIM दिखा रहा नो सर्विस, चेक करें ये सेटिंग
सबकुछ ठीक फिर भी SIM दिखा रहा नो सर्विस, चेक करें ये सेटिंग

वीडियोज

एक सोशल मीडिया स्टार की 'सुसाइड मिस्ट्री' !
चालान नहीं भरेंगे तो बिजली कटेगी!
प्रवेश वर्मा थप्पड़ कांड की पूरी क्रोनोलॉजी, कब क्या हुआ?
भारी बारिश से नेपाल में तबाही, पलभर में जमींदोज हुई इमारतें!
मस्जिद पर एक्शन, खड़े हनुमान पर सवाल...उज्जैन में क्यों बढ़ा विवाद?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
उज्जैन शाही मस्जिद को लेकर ओवैसी पर भड़के गिरिराज, कहा- ‘पाकिस्तान बनाने की...’
उज्जैन शाही मस्जिद को लेकर ओवैसी पर भड़के गिरिराज, कहा- ‘पाकिस्तान बनाने की...’
2027 वर्ल्ड कप के लिए इस दिन होगा शेड्यूल का एलान, नोट कर लें तारीख
2027 वर्ल्ड कप के लिए इस दिन होगा शेड्यूल का एलान, नोट कर लें तारीख
Exclusive: केतन हत्याकांड चार्जशीट में खुलासा, Sonam Case भी किया था सर्च
Exclusive: केतन हत्याकांड चार्जशीट में खुलासा, Sonam Case भी किया था सर्च
'दृश्यम 3' को CBFC से मिली हरी झंडी, नहीं लगा एक भी कट, 'दृश्यम 2' से है 8 मिनट बड़ी
'दृश्यम 3' को CBFC से मिली हरी झंडी, नहीं लगा एक भी कट, 'दृश्यम 2' से है 8 मिनट बड़ी
दिल्ली की झुग्गी में 728 में से 727 नाम काटे, राहुल ने SIR पर उठाए सवाल
दिल्ली की झुग्गी में 728 में से 727 नाम काटे, राहुल ने SIR पर उठाए सवाल
Exclusive: PoK में प्रदर्शनकारियों का बड़ा ऐलान, शहबाज-मुनीर की उड़ेगी नींद!
Exclusive: PoK में प्रदर्शनकारियों का बड़ा ऐलान, शहबाज-मुनीर की उड़ेगी नींद!
चुनाव आयोग विवाद पर शथि थरूर का बड़ा बयान, कहा - 'सच कहें तो हमें...'
चुनाव आयोग विवाद पर शथि थरूर का बड़ा बयान, कहा - 'सच कहें तो हमें...'
केंद्र सरकार लाई पशुधन बीमा पोर्टल, जानें क्या मिलेंगी सुविधाएं?
केंद्र सरकार लाई पशुधन बीमा पोर्टल, जानें क्या मिलेंगी सुविधाएं?
Embed widget