AI और Cloud Storage Data Center में क्या होता है अंतर? जानें कौन करता है ज्यादा काम
AI Data Center को पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कामों के लिए बनाया जाता है. इसमें ऐसे हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसर, GPU और AI एक्सेलेरेटर लगाए जाते हैं जो बहुत कम समय में कई अरब काम कर सकते हैं.

- एआई सेंटर को अधिक बिजली, कंप्यूटिंग; क्लाउड को भंडारण चाहिए।
AI Data Center Vs Cloud Storage Data Center: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज के समय में एक ऊभरती हुई टेक्नोलॉजी बन चुकी है. एआई ने लोगों के काम करने का तरीका पूरी तरह से बदल दिया है. इसके साथ ही एआई चैटबॉट की मदद से लोग अब ज्यादातर काम इसी की मदद से करने लगे हैं. इसी कड़ी में बता दें कि एआई के साथ एआई डेटा सेंटर भी काफी चर्चा में रहता है. वहीं, क्लाउड डेटा सेंटर पहले से ही इंटरनेट की दुनिया की रीढ़ माना जाता है. बता दें कि दोनों ही डेटा सेंटरों में कंप्यूटर सर्वर का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन इन दोनों का काम करने का तरीका पूरी तरह से अलग होता है. आइए जानते हैं कि इन दोनों में क्या होता है अंतर.
क्या है AI Data Center

जानकारी के मुताबिक, AI Data Center को पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कामों के लिए बनाया जाता है. इसमें ऐसे हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसर, GPU (Graphics Processing Unit) और AI एक्सेलेरेटर लगाए जाते हैं जो बहुत कम समय में कई अरब काम कर सकते हैं. इन डेटा सेंटरों का इस्तेमाल बड़े AI मॉडल को ट्रेन करने, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, इमेज और वीडियो प्रोसेसिंग, रोबोटिक्स और जेनरेटिव AI जैसे कामों में किया जाता है. AI Data Center को नॉर्मल डेटा सेंटर के मुकाबले कहीं ज्यादा बिजली, कूलिंग और हाई-स्पीड नेटवर्क की जरूरत पड़ती है.
क्या है Cloud Storage Data Center
वहीं, Cloud Storage Data Center की बात करें तो इसका मकसद यूजर्स और कंपनियों के डेटा को सुरक्षित तरीके से स्टोर करना और जरूरत पड़ने पर तुरंत उपलब्ध कराना होता है. जब आप Google Drive, OneDrive, Dropbox या iCloud जैसी क्लाउड सर्विसेज पर फोटो, वीडियो, डॉक्यूमेंट या दूसरी जरूरी फाइलें सेव करते हैं तो वे इन्हीं डेटा सेंटरों में सुरक्षित तरीके से स्टोर की जाती हैं. इनका फोकस तेज स्टोरेज, डेटा बैकअप, सेफ्टी और 24×7 उपलब्धता पर होता है.
क्या है दोनों में फर्क
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन दोनों में सबसे बड़ा अंतर इनके काम करने के तरीके में होता है. AI Data Center का मकसद भारी-भरकम डेटा को प्रोसेस करना और AI मॉडल को ट्रेन करना होता है. यहां स्टोरेज से ज्यादा कंप्यूटिंग पावर जरूरी होती है.
वहीं, दूसरी ओर, Cloud Storage Data Center का मकसद डेटा को सुरक्षित रखना, बैकअप बनाना और इंटरनेट के जरिए यूजर तक पहुंचाना होता है. यहां प्रोसेसिंग की बजाय स्टोरेज की ताकत और डेटा सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है.
किस डेटा सेंटर में होती है ज्यादा बिजली खपत
अगर बिजली की खपत की बात करें तो AI Data Center इस मामले में काफी आगे हैं. AI मॉडल को ट्रेन करने में लगातार कई दिनों या हफ्तों तक हजारों GPU एक साथ काम करते हैं जिससे बहुत ज्यादा बिजली की खपत होती है जिससे काफी गर्मी भी बढ़ जाती है. इसके मुकाबले Cloud Storage Data Center में बिजली की कम खपत होती है क्योंकि वहां बस डेटा को स्टोर और ट्रांसफर करने का काम होता है.
हार्डवेयर में भी अंतर
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि AI Data Center में हजारों हाई-एंड GPU, TPU और एडवांस प्रोसेसर लगे होते हैं जो एक साथ बेहद मुश्किल टास्क कर सकते हैं. यही वजह है कि ये डेटा सेंटर बहुत ज्यादा बिजली खपत करते हैं. वहीं, दूसरी ओर Cloud Storage Data Center में बड़ी संख्या में हार्ड डिस्क, SSD और स्टोरेज सर्वर होते हैं. इनका लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा डेटा को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से स्टोर करना होता है.
किन जगहों पर होता है इस्तेमाल
बता दें कि AI Data Center का इस्तेमाल ChatGPT जैसे AI चैटबॉट, सेल्फ-ड्राइविंग कार, मेडिकल रिसर्च, लैंग्वेज ट्रांसलेशन, इमेज जनरेशन, साइबर सिक्योरिटी और रिसर्च जैसी जगहों पर किया जाता है.
वहीं, Cloud Storage Data Center का इस्तेमाल ऑनलाइन बैकअप, फोटो स्टोरेज, ईमेल सर्विस, वीडियो स्ट्रीमिंग, बिजनेस डेटा स्टोरेज और फाइल शेयरिंग जैसी सर्विसेज के लिए किया जाता है.
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