एक्सप्लोरर

खेतों के कचरे से बनेगा नया ईंधन! जानिए क्या है 2G इथेनॉल टेक्नोलॉजी और किन-किन क्षेत्रों में आएगा काम

2G Ethanol: सेकेंड जनरेशन इथेनॉल ऐसा जैव ईंधन है जिसे पराली, गन्ने की खोई (बैगास), मक्के के डंठल, बांस और अन्य कृषि कचरों से बनाया जाता है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • आयात घटाकर, किसानों को अतिरिक्त आय, उद्योगों में उपयोग।

2G Ethanol: इथेनॉल आज भारत के ऊर्जा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है. सरकार लगातार पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ा रही है ताकि कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम की जा सके. लेकिन इथेनॉल को लेकर एक बड़ी चिंता यह भी रही है कि इसका उत्पादन गन्ने और खाद्यान्न फसलों से होता है जिससे खाद्य सुरक्षा पर असर पड़ सकता है. इसी चुनौती का समाधान लेकर आई है 2G यानी सेकेंड जनरेशन इथेनॉल तकनीक.

2G इथेनॉल को इथेनॉल उत्पादन की एडवांस तकनीक माना जाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे खाने योग्य फसलों के बजाय कृषि अवशेषों और जैविक कचरे से तैयार किया जाता है. इससे न केवल खाद्यान्न की बचत होती है बल्कि खेतों में जलाए जाने वाले कृषि वेस्ट का भी बेहतर इस्तेमाल संभव हो जाता है.

क्या होता है 2G इथेनॉल?

सेकेंड जनरेशन इथेनॉल ऐसा जैव ईंधन है जिसे पराली, गन्ने की खोई (बैगास), मक्के के डंठल, बांस और अन्य कृषि कचरों से बनाया जाता है. जहां पहली पीढ़ी का इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने के रस या अनाज पर आधारित था वहीं 2G इथेनॉल पूरी तरह कृषि कचरे का इस्तेमाल करता है.

इस तकनीक की वजह से खाद्यान्न संसाधनों पर दबाव नहीं पड़ता और किसानों को अपने खेतों से निकलने वाले बेकार अवशेषों से अतिरिक्त आय का अवसर भी मिल सकता है. साथ ही, पराली जलाने जैसी समस्याओं में भी कमी आने की संभावना रहती है जिससे वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है.

2G इथेनॉल कैसे तैयार किया जाता है?

2G इथेनॉल का निर्माण एक आधुनिक और तकनीकी प्रोसेस के जरिए किया जाता है. सबसे पहले खेतों से पराली, गन्ने की खोई, मक्के के डंठल या अन्य कृषि अवशेष एकत्र करके संयंत्रों तक पहुंचाए जाते हैं. इसके बाद इन सामग्रियों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है और विशेष रासायनिक या भाप आधारित प्रक्रिया के माध्यम से इनके कठोर रेशों को नरम किया जाता है.

अगले चरण में विशेष एंजाइम्स का उपयोग कर इन अवशेषों में मौजूद जटिल कार्बोहाइड्रेट को साधारण शर्करा में बदला जाता है. फिर इस शर्करा को यीस्ट के साथ किण्वित किया जाता है जिससे अल्कोहल का निर्माण होता है. अंत में डिस्टिलेशन और शुद्धिकरण प्रक्रिया के जरिए पानी अलग कर हाई क्वालिटी वाला 2G इथेनॉल प्राप्त किया जाता है.

पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है. 2G इथेनॉल का व्यापक उपयोग देश की विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने में मदद कर सकता है. इसके अलावा, कृषि कचरे को जलाने के बजाय उपयोग में लाने से कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण में भी कमी लाई जा सकती है.

यह तकनीक किसानों, पर्यावरण और ऊर्जा क्षेत्र तीनों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है. किसानों को अतिरिक्त आय मिल सकती है, प्रदूषण कम हो सकता है और देश को स्वदेशी ऊर्जा स्रोत भी प्राप्त हो सकता है.

सिर्फ गाड़ियों तक सीमित नहीं है इसका इस्तेमाल

अधिकांश लोग इथेनॉल को केवल वाहनों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन के रूप में जानते हैं, लेकिन 2G इथेनॉल की उपयोगिता इससे कहीं अधिक है. इसका इस्तेमाल सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) के निर्माण में किया जा सकता है जिससे कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सहायता मिलती है.

इसके अलावा पेंट, प्लास्टिक, कॉस्मेटिक्स और दवा उद्योगों में भी इसका इस्तेमाल कच्चे माल के रूप में किया जा सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि 2G इथेनॉल से बायोप्लास्टिक का उत्पादन भी संभव है जो पुराने प्लास्टिक की तुलना में पर्यावरण के लिए कम हानिकारक होता है और अपेक्षाकृत आसानी से विघटित हो सकता है.

इथेनॉल उत्पादन संयंत्रों से निकलने वाले अवशेषों का इस्तेमाल बिजली उत्पादन में भी किया जा सकता है. दुनिया के कुछ देशों में इथेनॉल आधारित इंजनों और ऊर्जा प्रणालियों पर भी तेजी से काम हो रहा है जो भविष्य में स्वच्छ ऊर्जा के नए विकल्प प्रदान कर सकते हैं.

यह भी पढ़ें:

फुल नेटवर्क के बावजूद नहीं चल रहा WiFi? जानिए क्या है इंटरनेट न चलने की असली वजह

स्मार्टफोन, गैजेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेट टेक्नोलॉजी की दुनिया में मेरा इंटरेस्ट काफी ज्यादा है. मैं यानी हिमांशु तिवारी, ABP LIVE में टेक और डिजिटल सेक्शन का हिस्सा हूं. मैं नई टेक्नोलॉजी को आसान और दिलचस्प अंदाज में पाठकों तक पहुंचाने का काम करता हूं. स्मार्टफोन लॉन्च, वायरल टेक ट्रेंड्स, AI अपडेट्स, सोशल मीडिया फीचर्स और साइबर फ्रॉड जैसे विषयों पर मेरी पकड़ मजबूत है.

टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों को सिर्फ जानकारी तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें आम लोगों की जरूरत और रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर पेश करता हूं. खासतौर पर ऐसी खबरों पर काम करना पसंद करता हूं, जो लोगों के डिजिटल एक्सपीरियंस को सीधे प्रभावित करती हैं.

इसके अलावा मुझे नई टेक्नोलॉजी एक्सप्लोर करना, स्मार्टफोन फीचर्स को समझना और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च करना पसंद है. मैं आसान भाषा और आकर्षक अंदाज में लिखने के लिए जाना जाता हूं, जिससे कठिन टेक्निकल बातें भी पाठकों के लिए समझना आसान हो जाती हैं. मैंने परास्नातक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण की है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

गैलरी में स्टोर फोटो और वीडियो का गूगल को कैसे चल जाता है पता? हैश मैचिंग टेक्नोलॉजी का है कमाल
गैलरी में स्टोर फोटो और वीडियो का गूगल को कैसे चल जाता है पता? हैश मैचिंग टेक्नोलॉजी का है कमाल
क्या एक फोन से दूसरे फोन को चार्ज किया जा सकता है? जानिए क्या है इसकी पूरी सच्चाई
क्या एक फोन से दूसरे फोन को चार्ज किया जा सकता है? जानिए क्या है इसकी पूरी सच्चाई
किस तकनीक पर काम करता है एथेनॉल चूल्हा, 1 घंटा चलाने पर कितना आएगा खर्च?
किस तकनीक पर काम करता है एथेनॉल चूल्हा, 1 घंटा चलाने पर कितना आएगा खर्च?
Wi-Fi और Bluetooth के दौर में भी TV Remote में Infrared क्यों इस्तेमाल होती है? जानिए क्या है वजह
Wi-Fi और Bluetooth के दौर में भी TV Remote में Infrared क्यों इस्तेमाल होती है? जानिए क्या है वजह
Advertisement

वीडियोज

DGP की '​मौत मिस्ट्री'!
BMW F 450 GS Ride Review | The best premium bike ?
Sonam Wangchuk: एक अनशन और हिल गई थी इंदिरा सरकार! कैसे सोनम वांगचुक के पिता बने थे आंदोलन का चेहरा?
Ranbir Kapoor और Yash ने बढ़ाई Ramayana की एक्साइटमेंट
Ramayana ट्रेलर में Yash पड़े भारी, Ranbir Kapoor भी छाए
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'नहीं मनाऊंगा जन्मदिन...', मल्लिकार्जुन खरगे का ऐलान, CJP बवाल के बीच बताया क्यों लिया ये फैसला
'नहीं मनाऊंगा जन्मदिन...', मल्लिकार्जुन खरगे का ऐलान, बताया क्यों लिया ये फैसला
किसानों के दिल्ली कूच का असर 2027 चुनाव में भी? 2022 का सियासी इतिहास फिर दोहराएगा पंजाब?
किसानों के दिल्ली कूच का असर 2027 चुनाव में भी? 2022 का सियासी इतिहास फिर दोहराएगा पंजाब?
Explained: CJP का 'चलो संसद' आंदोलन कितना कामयाब? लाठियां, आंसू गैस, पत्थर और हजारों युवा... दोनों तरफ का सच क्या?
CJP का 'चलो संसद' आंदोलन कितना कामयाब? लाठियां, पत्थर और हजारों युवा.. दोनों तरफ का सच क्या?
Dhamaal 4 BO Day 11 Worldwide: 'धमाल 4' ने मचाया तहलका, शाहिद कपूर की फिल्म के उड़ाए परखच्चे, बना दिया इतना बड़ा रिकॉर्ड
धमाल 4' ने वर्ल्डवाइड मचाया तहलका, शाहिद कपूर की फिल्म को मात देकर बना दिया इतना बड़ा रिकॉर्ड
'जैसे आपने संजू और वैभव सूर्यवंशी का करियर खराब किया, वैसे ही अब आप...', पूर्व क्रिकेटर टीम इंडिया में किसपर भड़के
'जैसे आपने संजू और वैभव सूर्यवंशी का करियर खराब किया, वैसे ही अब आप...', पूर्व क्रिकेटर टीम इंडिया में किसपर भड़के
Mahua Moitra Remark: 'हो सकता है शिक्षामंत्री को इस्तीफा लिखना ना आता हो क्योंकि RSS...', महुआ मोइत्रा का धर्मेंद्र प्रधान पर तंज
'हो सकता है शिक्षामंत्री को इस्तीफा लिखना ना आता हो क्योंकि RSS...', महुआ मोइत्रा का धर्मेंद्र प्रधान पर तंज
'जान से मार दो लेकिन...', प्रेमानंद महाराज पर CJP प्रवक्ता विजेता दहिया की फिर विवादित टिप्पणी
'जान से मार दो लेकिन...', प्रेमानंद महाराज पर CJP प्रवक्ता विजेता दहिया की फिर विवादित टिप्पणी
गार्डन में लगे गुलाब के पौधे में नहीं आ रहे फूल, ये गलतियां तो नहीं कर रहे आप?
गार्डन में लगे गुलाब के पौधे में नहीं आ रहे फूल, ये गलतियां तो नहीं कर रहे आप?
Embed widget