Starlink मोबाइल सर्विस शुरू करेंगे एलन मस्क, बाकी कंपनियों में हड़कंप
Starlink Mobile Service: स्टारलिंक अब सिर्फ सैटेलाइट इंटरनेट प्रोवाइडर नहीं रहेगी. कंपनी 2027 के अंत तक मोबाइल सर्विस शुरू करने का प्लान बना रही है.

- टेरेस्ट्रियल सिस्टम उपयोग कर 2025 तक सेवा शुरू होगी।
Starlink Mobile Service: अमेरिकी अरबपति एलन मस्क की कंपनी SpaceX एक और धमाका करने जा रही है. स्टारलिंक नाम से सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस देने वाली यह कंपनी अब मोबाइल सर्विस शुरू करने का प्लान बना रही है. स्पेसएक्स ने जैसा ही इसका ऐलान किया, अमेरिका की तीनों बड़ी टेलीकॉम कंपनियों- टी-मोबाइल, वेरिजॉन और AT&T के शेयर धड़ाम हो गए. मंगलवार को एक अर्निंग कॉल के दौरान स्पेसएक्स प्रेसिडेंट Gwynne Shotwell ने कहा कि हम टेरेस्ट्रियल कंपोनेंट बनाना चाहते हैं. इससे आपके पास सिर्फ सैटेलाइट कैपेसिटी ही नहीं होगी बल्कि टेरेस्ट्रियल सिस्टम भी होगा. इसका मतलब है कि कंपनी मोबाइल सर्विस के लिए हार्डवेयर और दूसरे जरूरी सिस्टम पर काम करेगी. इससे स्टारलिंक केवल डायरेक्ट-टू-डिवाइस भूमिका से निकलकर टी-मोबाइल, वेरिजॉन और AT&T जैसी कंपनियों को डायरेक्ट टक्कर दे पाएगी.
सिर्फ सैटेलाइट इंटरनेट प्रोवाइडर नहीं रहेगी स्टारलिंक
स्टारलिंक अभी तक केवल सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस मुहैया करवा रही है. इसे उन जगहों पर ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है, जहां पर मोबाइल नेटवर्क मौजूद नहीं रहता. रिमोट इलाकों और आपातकालीन स्थितियों में इसका इस्तेमाल ज्यादा होता है. कई देशों में इसका ऑपरेशन पहले से जारी है, वहीं भारत जैसे कई देशों में स्टारलिंक को मंजूरी मिलने का इंतजार किया जा रहा है. अब स्पेसएक्स स्टारलिंक को केवल सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर की भूमिका तक सीमित नहीं रखना चाहती और इसे सेलुलर सर्विस प्रोवाइडर के रूप में भी तैयार करना चाहती है. इसके लिए स्पेसएक्स 65MHz के वायरलेस स्पेक्ट्रम लाइसेंस का इस्तेमाल करेगी. कंपनी ने 2025 में 19.6 बिलियन डॉलर में इकोस्टार से यह लाइसेंस खरीदा था.
600 बिलियन डॉलर की मार्केट पर नजर
Shotwell ने कहा कि स्टारलिंक को पूरी उम्मीद है कि वह 600 बिलियन डॉलर वाली अमेरिकी सेलुलर मार्केट में अपना स्थान बना पाएगी. मुझे लगता है कि हम बाकी कंपनियों के ग्राहकों को अपने साथ ला पाएंगे. हमारी सर्विस बेहतर होगी और हम सैटेलाइट की मदद से डेड जोन्स को पूरी तरह खत्म कर देंगे. प्राकृतिक आपदा के समय भी स्टारलिंक की सर्विस बाकी कंपनियों से बेहतर होगी. हालांकि, उन्होंने यह जानकारी नहीं दी कि इस नेटवर्क पर कितना पैसा खर्च किया जाएगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सर्विस के लिए स्पेसएक्स अपने बेस स्टेशन यूज करेगी. Shotwell के मुताबिक, कंपनी स्टारलिंक ब्रॉडबैंड डिश पर सेलुलर बेस स्टेशन लगा देगी, जिससे देशभर में उसे लो-बैंड स्पेक्ट्रम पर भारी पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
अगले साल तक सर्विस शुरू होने की उम्मीद
SpaceX ने अगले साल के अंत तक स्टारलिंक मोबाइल को पूरी तरह फंक्शनल बनाने की प्लानिंग बनाई है. हालांकि, कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि पूरे देश में वायरलेस बिजनेस खड़ा करने में वर्षों का समय लग सकता है. अमेरिका की मौजूदा टेलीकॉम कंपनियों की बात करें तो टी-मोबाइल, वेरिजॉन और AT&T आदि ने करीब 3 दशकों में अरबों डॉलर के निवेश से अपना नेटवर्क तैयार किया है. टी-मोबाइल के साथ तो स्टारलिंक की साझेदारी भी है. इस साझेदारी के तहत स्टारलिंक नेटवर्क कवरेज से बाहर जाने पर यूजर को डायरेक्ट-टू-सेल कनेक्टिविटी प्रदान करती है. यानी दोनों कंपनियां एक-दूसरे की मदद कर रही है, लेकिन अब स्टारलिंक के ताजा प्लान के बाद ये कंपीटिटर की भूमिका में आ गई है. 
अमेरिका में फिलहाल इन टेलीकॉम कंपनियों का दबदबा
अमेरिकी टेलीकॉम मार्केट में टी-मोबाइल, वेरिजॉन और AT&T का दबदबा है और इन तीनों के पास करीब 95 प्रतिशत मार्केट शेयर है. वेरिजॉन के पास सबसे ज्यादा 146 मिलियन, टी-मोबाइल के पास 130 मिलियन और AT&T के पास 110 मिलियन यूजर्स हैं. यूजर्स के मामले में दूसरे स्थान पर होने के बावजूद टी-मोबाइल 5जी स्पीड और सबसे तेज ग्रोथ करने के मामले में बाकी कंपनियों से आगे है. जैसे ही स्पेसएक्स ने स्टारलिंक मोबाइल के लॉन्च का ऐलान किया, इन कंपनियों के शेयरों में 2-4 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली. बता दें कि स्पेस एक्सप्लोरेशन के मामले में स्पेसएक्स एक बड़ा नाम है और अब यह अमेरिकी टेलीकॉम मार्केट में हलचल मचाने की तैयारी कर रही है.
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