Smart TV से बचना हुआ मुश्किल, आपकी प्राइवेसी पर क्यों मंडरा रहा है खतरा?
Smart TV Tracking: आपके घर में लगा स्मार्ट टीवी भी देख रहा है कि आप क्या देख रहे हैं. इसको स्क्रीन पर चल रही हर चीज की जानकारी है और इस ट्रैकिंग से बचना बहुत मुश्किल है.

- ट्रैकिंग से बचना चुनौतीपूर्ण है, अक्सर ACR स्वतः सक्रिय रहता है।
Smart TV Tracking: अगर आपको लगता है कि घर में लगे स्मार्ट टीवी को सिर्फ आप देख रहे हैं तो ऐसा नहीं है. टीवी भी आपको देख रहा है. जी हां, आपके स्मार्ट टीवी को इस बात की ज्यादा जानकारी है कि आप क्या देखते हैं. स्विस टेक्नोलॉजी कंपनी प्रोटोन ने बताया है कि मॉडर्न स्मार्ट टीवी स्क्रीन पर दिख रही हर जानकारी का डेटा कलेक्ट करते हैं और इसे मैन्युफैक्चरिंग, एडवरटाइजिंग और एनालिटिकल कंपनियों के साथ शेयर किया जाता है. इससे भी चिंता वाली बात यह है कि इस ट्रैकिंग से बचना भी मुश्किल होता जा रहा है.
स्मार्ट टीवी से कैसे हो रही है आपकी ट्रैकिंग?
कई मॉडर्न स्मार्ट टीवी में ऑटोमैटिक कंटेट रिकग्नेशन (ACR) नाम की टेक्नोलॉजी होती है. यह न सिर्फ इस चीज को ट्रैक करती है कि आप ऐप्स के जरिए क्या स्ट्रीम कर रहे हैं बल्कि इस पर भी नजर रखती है कि टीवी की स्क्रीन पर क्या दिख रहा है. यानी स्ट्रीमिंग सर्विस के साथ-साथ यह लाइव टेलीविजन, कंसोल से खेले जाने वाले गेम्स और HDMI से कनेक्टेड दूसरे एक्सटर्नल डिवाइस के कंटेट को भी देख सकती है. यह टेक्नोलॉजी स्क्रीन पर चल रहे कंटेट के डिजिटल फिंगरप्रिंट तैयार कर लेती है और फिर कंटेट पहचानने के लिए इसे एक बड़े डेटाबेस से मैच करती है. इस जानकारी को टीवी बनाने वाली कंपनियों, एडवरटाइजर और डेटा ब्रोकर के साथ शेयर किया जाता है. ACR चिपसेट के लेवल पर रन करती है और इसे बाई डिफॉल्ट ऑन रखा जाता है. इसका मतलब है कि अगर आपने स्मार्ट टीवी के सारे फीचर यूज नहीं भी किए हैं तब भी यह टेक्नोलॉजी काम करती रहेगी.
क्या इस ट्रैकिंग को रोका जा सकता है?
प्रोटोन का कहना है कि इस ट्रैकिंग से बचा जा सकता है, लेकिन यह आसान नहीं है. इसका सबसे आसान तरीका अपने टीवी को पूरी तरह ऑफलाइन रखना है. इस तरीके से टीवी आपको ट्रैक नहीं कर पाएगा. इसके अलावा अगर इंटरनेट यूज करते समय भी ट्रैकिंग से बचना चाहते हैं तो टीवी की टेलीमेट्री और डोमेन को ब्लॉक करने वाले टूल्स यूज करने पड़ेंगे.
क्या ACR को डिसेबल नहीं किया जा सकता?
आप टीवी के ACR और दूसरे ट्रैकिंग फीचर्स को बंद कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करके हर तरह के डेटा कलेक्शन को रोकना काफी मुश्किल है. कई टीवी मॉडल में प्राइवेसी सेटिंग दी जाती है, लेकिन इनके लिए कंफ्यूजिंग नाम यूज कर या दूसरे तरीकों से इन्हें ढूंढना मुश्किल बना दिया जाता है. इस कारण ज्यादातर लोगों की इधर नजर नहीं जाती.
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