इमोशनल सपोर्ट देने के मामले में AI चैटबॉट ने इंसानों को छोड़ा पीछे, स्टडी ने चौंकाया
AI Chatbot Emotion Handling: इमोशनल मामलों को हैंडल करने में एआई चैटबॉट इंसानों से बेहतर हो गए हैं. एक रिसर्च में यह बात निकलकर सामने आई है.

- एआई चैटबॉट भावनात्मक समर्थन में इंसानों से बेहतर पाए गए।
- गुस्से और डर में एआई का भावनात्मक समर्थन अधिक प्रभावी।
- एआई ने क्रियात्मक सहायता और सकारात्मक भावनाएं भी बेहतर दीं।
- परंतु मानवीय जुड़ाव एआई से श्रेष्ठ, अत्यधिक निर्भरता हानिकारक।
AI Chatbot Emotion Handling: एआई चैटबॉट सिर्फ कैलकुलेशन और डेटा एनलासिस में ही इंसानों से आगे नहीं है बल्कि ये इमोशनल मामलों को भी हमसे बेहतर हैंडल कर सकते हैं. डरहम यूनिवर्सिटी और मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च में सामने आया है कि इमोशनल सपोर्ट देने के मामले में एआई चैटबॉट इंसानों से बेहतर हैं. इस स्टडी में 1200 से अधिक लोगों को शामिल किया गया और ChatGPT-4o, Claude 3.5 Sonnet और Gemini 1.5 Pro जैसे मॉडल से मिले रिस्पॉन्स को टेस्ट किया गया था. आइए जान लेते हैं कि स्टडी के नतीजे क्या बता रहे हैं.
गुस्से और डर को बेहतर तरीके से हैंडल कर सकता है एआई
रिसर्च के दौरान पता चला कि एआई चैटबॉट्स गुस्से और डर की स्थिति में इंसानों से बेहतर इमोशनल सपोर्ट देते हैं. इन चैटबॉट्स ने यूजर्स को पॉजीटिव इमोशन जैसे शांति और खुशी आदि कन्वे करने में भी मदद की. हालांकि, उदासी की स्थिति में एआई और इंसानों का रिस्पॉन्स एक समान ही रहा. जब एक्शनेबल सपोर्ट की बात आई तो भी एआई आगे रही. यानी एआई चैटबॉट लोगों ब्रीदिंग एक्सरसाइज समेत पूरी डिटेल गाइडलाइन दे रहे थे.
एआई और इंसानों में फिर भी रहेगा फर्क
इस स्टडी में पूरी तरह से संक्षिप्त और लिखित रिस्पॉन्स पर फोकस किया गया था. रिसर्चर ने इस बात पर फोकस नहीं किया है कि एआई चैटबॉट पर निर्भर होने से किस प्रकार के नुकसान हो सकते हैं. साथ ही उन्होंने इंसानी सपोर्ट को एआई से रिप्लेस करने को लेकर भी वॉर्निंग दी है. डरहम यूनिवर्सिटी की रिसर्चर डॉक्टर सारा वॉकर ने इस अंतर को बखूबी समझाया है. उन्होंने कहा कि एआई चैटबॉट आपको वॉक करने की सलाह दे सकता है, लेकिन आपका कोई दोस्त या दूसरा इंसान उस वॉक पर आपके साथ जा सकता है. यह वहां मौजूद रहेगा और बातचीत पूरी होने के बाद भी आपकी मदद करता रहेगा, जबकि चैटबॉट के साथ ऐसा नहीं है.
एआई पर निर्भरता हो सकती है खतरनाक
एआई भले ही हमारे काम आसान कर रही है और यह कई मामलों में इंसानों को पीछे छोड़ चुकी है, लेकिन इस पर निर्भरता खतरनाक हो सकती है. कुछ समय पहले एक और रिसर्च में सामने आया था कि एआई चैटबॉट पर निर्भर लोग नई चीजें नहीं सीख पा रहे हैं और उन्हें अपनी जानकारी पर पूरा भरोसा नहीं है. यानी आप एआई पर जितना ज्यादा डिपेंड होते जाएंगे, आपके दिमाग को इसकी उतनी ही ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी.
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