फोन चोरी के बाद देर न करें, तुरंत करें ये 3 काम
फोन चोरी होने पर जरा सी गलतियां आपका बैंक खाता खाली कर सकती है. इसलिए सही समय पर उठाए गए यह 3 कदम आपको बचा सकते हैं. आखिर कौन से हैं वह जरूरी काम जो आपको बिना वक्त गवाएं करने हैं जान लीजिए.

- सिम कार्ड तुरंत ब्लॉक कराएं, बैंकिंग धोखाधड़ी से बचें.
- पुलिस में ऑनलाइन FIR दर्ज कर, कानूनी कार्रवाई शुरू करें.
- CEIR पोर्टल पर IMEI ब्लॉक कर, फोन को इनएक्टिव करें.
आज के दौर में सभी लोगों के पास स्मार्टफोन जरूर होता है. बिना इसके लोग एक पल भी नहीं बिता पाते हैं. क्योंकि इसका जिंदगी में दखल इतना बढ़ गया है कि बिना इसके कोई राम नहीं हो पाता. हमारी पर्सनल फोटोज, बैंकिंग ऐप्स, सोशल मीडिया अकाउंट्स और तमाम जरूरी डॉक्यूमेंट्स इसमें रहते हैं. ऐसे में अगर कभी आपका फोन चोरी हो जाए या फिर कहीं खो जाए तो फिर बड़ी परेशानी खड़ी हो जाती है.
लोग अक्सर घबराकर समझ नहीं पाते कि ऐसी स्थिति में क्या कदम उठाया जाए. लेकिन थोड़ी सी सूझबूझ के साथ तुरंत उठाए गए कुछ कड़े कदम आपका बड़ा नुकसान होने से बचा सकते हैं. फोन गुम होने के बाद जरा सी भी देरी भारी पड़ सकती है. क्योंकि चोर आपके डेटा का गलत इस्तेमाल कर सकता है और बैंक खातों को खाली कर सकता है. इसलिए जैसे ही आपका फोन गायब हो बिना वक्त गंवाए 3 सबसे जरूरी काम सबसे पहले करें.
सबसे पहले सिम कार्ड कराएं ब्लॉक
फोन चोरी होने के बाद सबसे पहला काम होता है अपने नंबर के सिम कार्ड को तुरंत ब्लॉक करवाना. आजकल ज्यादातर बैंक अकाउंट्स, यूपीआई ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स आपके फोन नंबर से ही लिंक्ड होते हैं. अगर आपने समय रहते सिम ब्लॉक नहीं कराई तो कोई भी शख्स ओटीपी हासिल करके आपके बैंक खातों को खाली कर सकता है.
या फिर आपके नाम पर कोई फ्रॉड कर सकता है. इसके लिए तुरंत अपने अपने सर्विस प्रोवाइडर यानी एयरटेल, जियो, वोडाफोन-आइडिया या बीएसएनएल के कस्टमर केयर पर कॉल करें. उन्हें अपनी सारी सिचुएशन बताएं और तुरंत अपना सिम कार्ड ब्लॉक करने के लिए कहें.

पुलिस में दर्ज कराएं ऑनलाइन एफआईआर
सिम ब्लॉक कराने के बाद दूसरा सबसे जरूरी काम पुलिस में शिकायत करना है. जो कि आजकल आप ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी दर्ज करवा सकते है. फोन चोरी होने या खो जाने की स्थिति में पुलिस थाने में इसकी गुमशुदगी की शिकायत जरूर दर्ज करवाएं. बहुत से लोग सोचते हैं कि पुलिस इतनी छोटी बात पर क्या ही एक्शन लेगी. लेकिन बता दें साइबर सेल और पुलिस रिकॉर्ड के लिए यह रिपोर्ट बेहद जरूरी होती है.
खासकर जब आप अपने फोन को परमानेंटली ब्लॉक या ट्रैक कराने के लिए आगे की सरकारी प्रोसेस का पालन करते हैं. कई राज्यों में अब ऑनलाइन ई-एफआईआर दर्ज करने की सुविधा भी मिलती है, जिसका इस्तेमाल करके आप घर बैठे रंत पुलिस कंप्लेंट की कॉपी हासिल कर सकते हैं. यह रिपोर्ट आपके पास एक कानूनी सबूत के तौर पर रहती है जो आगे चलकर CEIR पोर्टल पर रिक्वेस्ट डालने के समय भी काम आती है और किसी भी अनहोनी की स्थिति में आपको बचा के भी रखती है.
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CEIR पोर्टल पर जाकर तुरंत ब्लॉक करें IMEI नंबर
फोन चोरी होने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम का संचार साथी पोर्टल और CEIR प्लेटफॉर्म पर जाकर IMEI नंबर ब्लाॅक कर सकते हैं. इसके लिए आप तुरंत CEIR की ऑफिशियल वेबसाइट https://www.ceir.gov.in/Home/index.jsp पर जाएं. वहां आपको अपने चोरी हुए फोन का IMEI नंबर, मोबाइल नंबर और खरीद से जुड़ा बिल या पुलिस कंप्लेंट की कॉपी अपलोड करके अपने फोन को ब्लॉक करने की रिक्वेस्ट डालनी होगी.
जैसे ही आप यह रिक्वेस्ट सबमिट करेंगे. सरकार और सभी टेलीकॉम कंपनियां मिलकर उस फोन के IMEI नंबर को देश भर में ब्लैकलिस्ट कर देंगे. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि चोर चाहे उसमें कोई भी नया सिम कार्ड क्यों न डाल ल वह फोन पूरी तरह से एक डब्बा बनकर रह जाएगा और किसी भी नेटवर्क पर काम नहीं करेगा.
इसके अलावा अगर कभी वह फोन पुलिस के हाथ लगता है या कोई उसे चालू करने की कोशिश करता है तो उसकी लाइव लोकेशन और ट्रैकिंग की जानकारी भी सिस्टम में आ जाती है. जिससे फोन के रिकवर होने के चांस कई गुना बढ़ जाते हैं.

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