Immersion Rod Technology : छोटी सी रॉड मिनटों में गर्म कर देती है पानी, जानें इसके पीछे की टेक्नोलॉजी
सर्दियों में गर्म पानी के लिए हर बार गीजर की जरूरत नहीं होती है. एक छोटी सी इमर्शन रॉड भी बाल्टी भर पानी गर्म कर सकती है. जानिए इमर्शन रॉड की टेक्नोलॉजी और इससे जुड़ी जरूरी बातें.

- उपयोग करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण है.
Immersion Rod Technology : सर्दियों की सुबह हो और बाथरूम में गर्म पानी न मिले तो दिन की शुरुआत ही मुश्किल लगने लगती है. ऐसे में ज्यादातर लोग गीजर का यूज करते हैं, लेकिन हर घर में गीजर लगा हो, यह जरूरी नहीं है. खासकर किराये के मकान, हॉस्टल या ऐसी जगहों पर रहने वाले लोगों के लिए गर्म पानी का इंतजाम करना कई बार परेशानी बन जाता है. ऐसी में एक छोटी सी इलेक्ट्रिक रॉड काम आती है, जिसे इमर्शन रॉड कहा जाता है.
साइज में छोटी होने के बाद भी यह रोड मिनटों में पानी गर्म करने का काम करती है. इसे यूज करने के लिए न तो दीवार पर इंस्टॉलेशन की जरूरत होती है और न ही किसी बड़े सेटअप की, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर बिजली से चलने वाली यह रॉड पानी को गर्म कैसे करती है. तो आइए जानते हैं कि इसके पीछे काम करने वाली टेक्नोलॉजी क्या है.
क्या होती है इमर्शन रॉड?
इमर्शन रॉड एक पोर्टेबल इलेक्ट्रिक वॉटर हीटर है, जिसे बाल्टी या किसी दूसरे कंटेनर में पानी गर्म करने के लिए यूज किया जाता है. इसमें एक मेटल हीटिंग एलिमेंट होता है, जो सुरक्षा कवच के अंदर लगा रहता है. बाजार में आमतौर पर 1000 वॉट और 1500 वॉट की इमर्शन रॉड मिलती हैं. इनकी मदद से जरूरत के मुताबिक पानी गर्म किया जा सकता है.
कैसे काम करती है इमर्शन रॉड?
इमर्शन रॉड में इलेक्ट्रिकल रेजिस्टेंस हीटिंग तकनीक का यूज होता है. इसमें बिजली मिलने पर अंदर मौजूद हीटिंग एलिमेंट गर्म होने लगता है. यह एलिमेंट निकल, क्रोम और टंगस्टन जैसी धातुओं से बनाया जा सकता है. बिजली से पैदा हुई गर्मी मेटल की बाहरी परत तक पहुंचती है और फिर आसपास मौजूद पानी का तापमान बढ़ने लगता है. इस प्रक्रिया में रॉड सीधे पानी के संपर्क में रहती है, इसलिए गर्मी पानी तक पहुंचती है. पानी की मात्रा जितनी ज्यादा होगी, उसे गर्म होने में उतना ही ज्यादा समय लग सकता है.
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तीन हिस्सों से मिलकर बनती है रॉड
इमर्शन हीटर में मुख्य रूप से तीन हिस्से होते हैं. जिसमें पहला शीथ मटेरियल है. यह गर्मी को पानी तक पहुंचाती है. वहीं दूसरा हिस्सा एनक्लोजर है, जो आमतौर पर एल्युमीनियम या प्लास्टिक का बना होता है और रॉड को पकड़ने में मदद करता है. इसके अलावा तीसरा हिस्सा हीटिंग एलिमेंट है, जो बिजली को गर्मी में बदलने का काम करता है.
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